
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Medically Verified By: Tamanna Singh
menopause
Menopause: महिलाओं को अपने जीवन में कई तरह बदलावों से गुजरना पड़ता है, इसमें मेनोपॉज भी एक है। मेनोपॉज महिलाओं के जीवन का एक ऐसा चरण है, जिसमें उन्हें लगातार 12 महीने तक पीरियड्स नहीं आते हैं। आमतौर पर मेनोपॉज 45 से 55 साल की महिलाओं में शुरू होता है। इस दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोन का उतार-चढ़ाव रहता है और इसकी वजह से उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से भी गुजरना पड़ता है। इसका सीधा असर उनकी दिनचर्या और काम पर भी पड़ता है। खासकर, जो महिलाएं वर्किंग होती हैं, मेनोपॉज के दौरान उन्हें ध्यान लगाने में मुश्किल और हर वक्त थकान-कमजोरी जैसा महसूस हो सकता है। यानी मेनोपॉज वाली महिलाओं को ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करना मुश्किल लग सकता है। लेकिन, ऐसा क्यों होता है आइए मनोवेदा की फाउंडर और सर्टिफाइड मेनोपॉज कोच तमन्ना सिंह से जानते हैं-
मेनोपॉज के दौरान शरीर में हार्मोन का उतार-चढ़ाव होता है, इसकी वजह से कई तरह की दिक्कतें महसूस होती हैं, जो काम में परेशानी पैदा कर सकते हैं। जैसे-
हॉट फ्लैशेज यानी अचानक से तेज गर्मी महसूस होना। मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को अचानक से 1 से 5 मिनट तक तेज गर्मी महसूस हो सकती है। इसकी वजह से उन्हें बेचैनी महसूस हो सकती है और ध्यान भी भटक सकता है। इससे उनकी ऑफिस मीटिंग या लोगों से बातचीत का तरीका बदल सकता है। अगर कभी-कभी गर्मी महसूस होती है, तो उसे सहन किया जा सकता है। लेकिन, कुछ महिलाओं को दिन में कई बार हॉट फ्लैशेज की समस्या हो सकती है।
मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है। इससे याद्दाश्त और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि मेनोपॉज के दौरान कुछ महिलाएं ऑफिस में काम को सही तरीके से व्यवस्थित करने में कठिनाई महसूस हो सकती है। कुछ महिलाएं जरूरी मीटिंग्स, प्रेजेंटेशन और काम को भूल सकती हैं। साथ ही, उन्हें ऑफिस के काम में ध्यान लगाने में भी मुश्किल हो सकती है। ऐसा मुख्य तौर पर हार्मोनल बदलावों की वजह से हो सकता है।
मेनोपॉज के दौरान कई महिलाओं को रात में नींद न आने की समस्या बनी रहती है। जब रात में नींद पूरी नहीं होती है और बार-बार नींद टूटती है, तो इसका असर अगली सुबह भी देखने को मिलता है। इससे थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान लगाने में कमी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। इसका सीधा असर वर्किंग महिलाओं के ऑफिस के काम पर भी पड़ सकता है।
National Institute of Aging के अनुसार, मेनोपॉज के दौरान महिलाएं अपनी सेहत का ख्याल इस तरीके से रख सकती हैं।
Disclaimer: मेनोपॉज महिलाओं के जीवन में आने वाला एक प्राकृतिक बदलाव है। इस दौरान महिलाओं में हार्मोन्स का स्तर, खासकर एस्ट्रोजन लेवल कम होने लगता है, जिससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं महसूस होने लगती हैं। मेनोपॉज के दौरान कुछ महिलाओं का सामान्य दिनचर्या भी प्रभावित हो जाता है।