
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Diabetes Mai Pero Ki Dekhbhal Kyu Jaruri Hai : डायबिटीज केवल ब्लड शुगर बढ़ाने वाली बीमारी नहीं है, यह धीरे-धीरे शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित करती है। बहुत ही कम लोगों को इस बारे में पता है कि डायबिटीज के दौरान पैरों में भी परेशानी देखी जाती है। लंबे समय तक शुगर का स्तर बढ़ा रहने से नसों को नुकसान पहुंचता है, जिसे न्यूरोपैथी कहते हैं। और यह पैरों में संवेदना कम होने लगती है।
ऐसे में छोटी सी चोट या छाले का दर्द महसूस नहीं होता, जो आगे चलकर संक्रमण (इन्फेक्शन) और घाव (अल्सर) का रूप ले सकता है। यही स्थिति गंभीर हो जाने पर ‘डायबिटिक फुट’ कहलाती है। ऐसे में पैरों की देखभाल कैसे की जाए?- इस विषय पर हमने आकाश हेल्थकेयर के सीनियर कंसल्टेंट एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉक्टर मोनिका शर्मा से बातचीत की। उन्होंने बताया कि 'डायबिटीज के हर मरीज को अपने पैरों की देखभाल उतनी ही गंभीरता से करनी चाहिए जितनी ब्लड शुगर कंट्रोल की। क्योंकि हर साल लाखों लोगों को केवल पैरों के संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है।' आइए थोड़ा और विस्तार से जानें।
एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि 'अगर पैरों में कट, फफोला, दरार या संक्रमण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, घर पर दवा या मरहम लगाने से बचें।'
डॉ. शर्मा का कहना है कि 'डायबिटिक फुट का सबसे बड़ा इलाज ‘प्रिवेंशन’ है। अगर मरीज खुद रोज़ पैरों का निरीक्षण करे, तो 80% मामलों में गंभीर संक्रमण से बचा जा सकता है।'
डायबिटीज में पैरों की देखभाल कोई अतिरिक्त काम नहीं, बल्कि दैनिक दिनचर्या का हिस्सा होनी चाहिए। थोड़ी सी जागरूकता और आत्मनिरीक्षण आपको दर्दनाक संक्रमण, अस्पताल भर्ती या अम्प्यूटेशन (पैर काटने) जैसी स्थिति से बचा सकता है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
हेल्दी डाइट, नियमित एक्सरसाइज, तनाव को कंट्रोल करने और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर डायबिटीज का रिस्क कम किया जा सकता है।
हाई ब्लड शुगर लेवल, थकान, बार-बार सिरदर्द, चक्कर और बिना वजह वजन बढ़ने या कम होने जैसी समस्याएं डायबिटीज का लक्षण हो सकती हैं।
डायबिटीज में इंसुलिन की कमी की वजह से डायबिटीज रोग हो सकता है। इंसुलिन एक हार्मोन है, जो अग्न्याशय द्वारा बनाया जाता है।
डायबिटीज की वजह से हृदय और किडनी रोगों का जोखिम बढ़ता है। इस स्थिति में आंखों की रोशनी कम हो सकती है। नसों में भी कमजोरी आने लगती हैं।