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डायबिटीज में पैर की देखभाल क्यों जरूरी है? जानें खुद अपने पैरों का कैसे करें निरीक्षण और 'डायबिटिक फूट' से कैसे बचें

World Diabetes Day: डायबिटीज में शुगर के बढ़ते और गिरते लेवल का ध्यान रखना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। लेकिन इस दौरान पैरों की देखभाल भी बहुत जरूरी होती है। आइए जानें क्यों।

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Written By: Vidya Sharma | Updated : November 12, 2025 8:43 AM IST

Diabetes Mai Pero Ki Dekhbhal Kyu Jaruri Hai : डायबिटीज केवल ब्लड शुगर बढ़ाने वाली बीमारी नहीं है, यह धीरे-धीरे शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित करती है। बहुत ही कम लोगों को इस बारे में पता है कि डायबिटीज के दौरान पैरों में भी परेशानी देखी जाती है। लंबे समय तक शुगर का स्तर बढ़ा रहने से नसों को नुकसान पहुंचता है, जिसे न्यूरोपैथी कहते हैं। और यह पैरों में संवेदना कम होने लगती है।

ऐसे में छोटी सी चोट या छाले का दर्द महसूस नहीं होता, जो आगे चलकर संक्रमण (इन्फेक्शन) और घाव (अल्सर) का रूप ले सकता है। यही स्थिति गंभीर हो जाने पर ‘डायबिटिक फुट’ कहलाती है। ऐसे में पैरों की देखभाल कैसे की जाए?- इस विषय पर हमने आकाश हेल्थकेयर के सीनियर कंसल्टेंट एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉक्टर मोनिका शर्मा से बातचीत की। उन्होंने बताया कि 'डायबिटीज के हर मरीज को अपने पैरों की देखभाल उतनी ही गंभीरता से करनी चाहिए जितनी ब्लड शुगर कंट्रोल की। क्योंकि हर साल लाखों लोगों को केवल पैरों के संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है।' आइए थोड़ा और विस्तार से जानें।

अपने पैरों का रोज निरीक्षण कैसे करें?

  • हर दिन अपने पैरों को अच्छी रोशनी में देखें।
  • तलवों, उंगलियों के बीच, और नाखूनों के आसपास कोई घाव, रेडनेस या सूजन तो नहीं है, यह जांचें।
  • किसी शीशे की मदद से पैरों के नीचे का हिस्सा भी देखें।
  • अगर नजर कमजोर है, तो परिवार के किसी सदस्य से सहायता लें।

एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि 'अगर पैरों में कट, फफोला, दरार या संक्रमण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, घर पर दवा या मरहम लगाने से बचें।'

फुटवियर का रखें ध्यान

  • सही जूते-मोजे पहनें
  • पैरों में फिटिंग वाले, नरम तलवे वाले जूते पहनें।
  • कभी भी नंगे पैर न चलें- घर के अंदर भी नहीं।
  • मोजे सूती और साफ रखें, रोज बदलें।
  • नए जूते पहनते समय शुरुआती दिनों में कुछ घंटों के लिए ही पहनें ताकि छाले न बनें।

डायबिटीज कंट्रोल में रखें

  • ब्लड शुगर नियमित रूप से जांचें और दवा या इंसुलिन डॉक्टर की सलाह से लें।
  • हेल्दी डाइट और नियमित वॉक अपनाएं।
  • धूम्रपान और शराब से बचें, क्योंकि ये ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करते हैं।

डॉ. शर्मा का कहना है कि 'डायबिटिक फुट का सबसे बड़ा इलाज ‘प्रिवेंशन’ है। अगर मरीज खुद रोज़ पैरों का निरीक्षण करे, तो 80% मामलों में गंभीर संक्रमण से बचा जा सकता है।'

डायबिटीज में पैरों की देखभाल कोई अतिरिक्त काम नहीं, बल्कि दैनिक दिनचर्या का हिस्सा होनी चाहिए। थोड़ी सी जागरूकता और आत्मनिरीक्षण आपको दर्दनाक संक्रमण, अस्पताल भर्ती या अम्प्यूटेशन (पैर काटने) जैसी स्थिति से बचा सकता है।

Highlights

  • डायबिटीज पैरों को प्रभावित करता है।
  • पेरों के निरिक्षण के लिए तलवों, उंगलियों के बीच, और नाखूनों के आसपास कोई घाव, रेडनेस या सूजन तो नहीं है, यह जांचें।
  • पैरों की देखभाल करें और कभी भी नंगे पैर न चलें- घर के अंदर भी नहीं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

डायबिटीज से कैसे बच सकते हैं?

हेल्दी डाइट, नियमित एक्सरसाइज, तनाव को कंट्रोल करने और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर डायबिटीज का रिस्क कम किया जा सकता है।

डायबिटीज के लक्षण क्या हैं?

हाई ब्लड शुगर लेवल, थकान, बार-बार सिरदर्द, चक्कर और बिना वजह वजन बढ़ने या कम होने जैसी समस्याएं डायबिटीज का लक्षण हो सकती हैं।

डायबिटीज किसकी कमी से होता है?

डायबिटीज में इंसुलिन की कमी की वजह से डायबिटीज रोग हो सकता है। इंसुलिन एक हार्मोन है, जो अग्न्याशय द्वारा बनाया जाता है।

डायबिटीज होने से शरीर में क्या होता है?

डायबिटीज की वजह से हृदय और किडनी रोगों का जोखिम बढ़ता है। इस स्थिति में आंखों की रोशनी कम हो सकती है। नसों में भी कमजोरी आने लगती हैं।