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Written By: Yogita Yadav | Published : August 28, 2019 4:28 PM IST
डायबिटीज एक खतरनाक बीमारी है। फिर भी विशेषज्ञ इसे हेल्दी डिजीज कहते हैं। आखिर क्या है इसका कारण, इसे जानने के लिए आपको डायबिटीज के बारे में विस्तार से जानना होगा। © Shutterstock
डायबिटीज को साइलेंट किलर कहा जाता है। यह शरीर को भीतर से खोखला कर देती है। जिससे सेहत लगातार गिरने लगती है। पर विशेषज्ञ इसके हेल्दी डिजीज (Healthy disease) मानते हैं। इसके पीछे भी एक खास कारण हैं। क्या आप जानते हैं कि डायबिटीज को क्या कहा जाता है हेल्दी डिजीज (Healthy disease)। आइए जानते हैं डायबिटीज के बारे में विस्तार से।
डायबिटीज जिसे सामान्यतः मधुमेह कहा जाता है, चयापचय संबंधी बीमारियों का एक समूह है। इसमें लंबे समय तक उच्च रक्त शर्करा का स्तर होता है। उच्च रक्त शर्करा के लक्षणों में अक्सर पेशाब आना होता है, प्यास और भूख में वृद्धि होती है। यदि इसमें लापरवाही की जाए तो जोखिम और बढ़ सकते हैं। तीव्र जटिलताओं में मधुमेह केटोएसिडोसिस, नॉनकेटोटिक हाइपरोस्मोलर कोमा, या मौत शामिल हो सकती है। इसके अलावा हृदय रोग, स्ट्रोक, क्रोनिक किडनी की विफलता, पैर अल्सर और आंखों को नुकसान शामिल है। यह दो तरह की होती है टाइप 1 और टाइप 2।
टाइप 1 डीएम पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन करने के लिए अग्न्याशय की विफलता का परिणाम है। इस रूप को पहले "इंसुलिन-आश्रित मधुमेह मेलाईटस" (आईडीडीएम) या "किशोर मधुमेह" (Healthy disease) के रूप में जाना जाता था। इसका कारण अज्ञात है
टाइप 2 डीएम इंसुलिन प्रतिरोध से शुरू होता है, एक हालत जिसमें कोशिका इंसुलिन को ठीक से जवाब देने में विफल होती है। जैसे-जैसे रोग की प्रगति होती है, इंसुलिन की कमी भी विकसित हो सकती है। इस फॉर्म को पहले "गैर इंसुलिन-आश्रित मधुमेह मेलेतुस" (एनआईडीडीएम) या "वयस्क-शुरुआत मधुमेह" (Healthy disease) के रूप में जाना जाता था। इसका सबसे आम कारण अत्यधिक शरीर का वजन होना और पर्याप्त व्यायाम न करना है।
बार-बार पेशाब आना डायबिटीज का सबसे आम लक्षण है। इसके साथ ही संक्रमण जल्दी फैलना, देर तक घाव का न भरना, हर समय थकान रहना, बार-बार भूख और प्यास लगना भी डायबिटीज के ही लक्षण्ध हैं। अगर अचानक आपका वजन कम होने लगा है तो आपको तुरंत जांच करवानी चाहिए।
डायबिटीज विशेषज्ञ और डॉक्टर इसे हेल्दी डिजीज की संज्ञा देते हैं। इसके पीछे वे वजह बताते हैं इससे बचाव के तरीके और उपचार। डायबिटीज के इलाज के दौरान रोगी हेल्दी रूटीन फॉलो करना होता है। जिसमें हेल्दी डाइट के साथ ही वर्कआउट, सैर और उचित देखभाल शामिल है। अगर रोगी इसे पूरी ईमानदारी से फॉलो करें तो इससे और भी कई बीमारियां खुद ब खुद दूर हो जाती हैं। सिर्फ हर रोज की सैर ही आपको कई तरह की बीमारियों से बचाव का कारण बनती है।
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