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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : August 11, 2019 9:20 PM IST
भारतीय महिलाओं में विटामिन डी की कमी की मुख्य वजह. ©pixabay
महिलाओं में विटामिन डी की कमी (Vitamin D Deficiency in Women) सबसे ज्यादा होती है. हाल ही में आयी एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय महिलाओं में यह बहुत ज्यादा है. आंकड़ों की मानें तो 70 प्रतिशत भारतीय महिलाओं में विटामिन डी की कमी (Vitamin D Deficiency in Women) पायी जाती है. विटामिन डी की कमी की वजह से महिलाओं में कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है. विटामिन डी की कमी शरीर में धूप न लगने की वजह से होती है. जैसा की हम सभी जानते हैं भारत में अभी भी ज्यादातर भारतीय महिलाएं पूरे ढ़के हुए कपड़े पहनती है.
भारत की ज्यादातर महिलाएं पूरे दिन घर के अंदर काम करती है. खास कर उस समय जब सबसे ज्यादा विटामिन डी धूप से मिल रही होती है. सुबह के 8 बजे से लेकर 10 बजे तक सबसे ज्यादा विटामिन डी धूप से मिलता है. ज्यादातर भारतीय महिलाएं इस समय घर के अंदर ही रहती हैं. आइए जानते हैं विटामिन डी की कमी के लक्षण (Vitamin D Deficiency in Women) और इलाज के बारे में...
विटामिन डी हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने का काम करता है। यह बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने में भी मदद करता है। अगर ऐसे में आपके शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाएगी तो इससे जल्दी बीमार और इंफेक्शन होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
थकान और कमजोरी महसूस करने का सबसे बड़ा कारण इसकी कमी होती है। अपने आहार में विटामिन डी से भरपूर चीजें जरूर शामिल करें। शरीर में खून की कमी के कारण भी ऊर्जा की कमी हो जाती है।
विटामिन डी की कमी के कारण हड्डियों में दर्द और सूजन की समस्या बढ़ जाती है। इसके अलावा यह कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है। और कैल्शियम हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
शरीर में विटामिन डी की कमी के कारण कई बार लोग डिप्रेशन के शिकार भी हो जाते हैं। यह समस्या ज्यादातर वयस्कों में देखने को मिलती है। अपने आहार में इसको शामिल करने से आप डिप्रेशन की समस्या से बच सकते हैं।
इसकी कमी के लक्षण में मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी, हड्डियों में दर्द और हड्डियों का कमजोर होना शामिल है। हड्डियों के कमजोर होने से फ्रैक्चर होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। कई बार शरीर में विटामिन डी की कमी तो होती है, लेकिन उसके लक्षण कुछ भी नजर नहीं आते हैं। अगर गर्भावस्था के समय ऐसा होता है, तो आपके शिशु में भी इसकी कमी आ सकती है।
विटामिन डी के लिए सूरज की रोशनी एक बेहतर स्रोत है।
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