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मानसून में लोगों को क्यों हो रही फूड पॉइजनिंग? एक्सपर्ट्स से जानें किन खानपान की आदतों में करें बदलाव

मानसून में फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है और इस मौसम में दूषित पानी व बाहर का खाना पेट के इन्फेक्शन की मुख्य वजह बनते हैं। इस लेख में हम एक्सपर्ट्स से इस बारे में कुछ जरूरी सलाह लेंगे।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : July 11, 2026 2:32 PM IST

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Medically Verified By: Dr Karuna Chaturvedi

बारिश का मौसम हर किसी को अच्छा लगता है, छोटे बच्चे हों या बड़े हर कोई इस मौसम को एन्जॉय करता है। खास बात यह है कि बारिश के मौसम में अक्सर हमें कुछ टेस्टी खाने का मन करता है और इसलिए अक्सर मौसम बारिश का होते ही घरों में चाय पकोड़े बनना शुरू हो जाते हैं। वहीं आजकल तो बाहर से मंगवा कर खाने का ट्रेंड भी चल पड़ा है। यही कारण है कि अक्सर बारिश के मौसम में लोगों को पाचन से जुड़ी समस्याएं होने लगी हैं और खासतौर पर जब से बाहर से खाना ऑर्डर करके खाने का ट्रेंड चला है तब से तो फूड पॉइजनिंग के मामले भी इस मौसम में काफी बढ़ने लगे हैं। बारिश का मौसम शुरु हो चुका है और इसलिए डॉ. करुणा चतुर्वेदी, हेड - क्लिनिकल न्यूट्रिशन, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा इस दौरान फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं से बचने के लिए कुछ खास खानपान व डाइट से जुड़ी टिप्स बता रही हैं।

मौसम में नमी से बढ़ता है बीमारियों का खतरा

एक डायटीशियन होने के नाते, मैं अक्सर देखती हूं कि मानसून गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन यह फूड पॉइजनिंग का खतरा भी काफी बढ़ा देता है। हवा में नमी और दूषित पानी के कारण बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे पेट का इन्फेक्शन, दस्त, उल्टी और बुखार जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए बेहद जरूरी है कि आप अपने खानपान में जरूरी सुधार लाएं।

फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए सही डाइट सलाह

स्वस्थ रहने के लिए सही और स्वच्छ खानपान होना बहुत जरूरी है और खासतौर पर बारिश के मौसम में स्वच्छता व खानपान से जुड़ी अन्य जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, जो इस प्रकार हैं -

ताजा खाएं: हमेशा ताजा पका हुआ गर्म खाना ही खाएं। बासी, बार-बार गर्म किया हुआ या खुले में रखा खाना बिल्कुल न खाएं, क्योंकि इनमें कीटाणु जल्दी पनपते हैं।

  • सुरक्षित पानी: हमेशा उबला हुआ या फिल्टर पानी ही पिएं। बाहर मिलने वाले बर्फ, जूस या खुले पानी से बनी चीजों से पूरी तरह बचें, क्योंकि दूषित पानी फूड पॉइजनिंग की सबसे बड़ी जड़ है।
  • साफ-सफाई और कच्चा भोजन: खाना खाने व बनाने से पहले हाथ साबुन से जरूर धोएं। फलों-सब्जियों को बहते पानी से अच्छे से धोएं। मानसून में कच्चा सलाद खाने के बजाय अच्छी तरह पकी हुई सब्जियां खाना ज्यादा सुरक्षित होता है।
  • स्ट्रीट फूड से दूरी: बाहर मिलने वाले कटे फल, जूस, चाट और खुले स्ट्रीट फूड से बचें। साफ-सफाई की कमी और मक्खियों के कारण इनमें इन्फेक्शन का सबसे ज्यादा डर रहता है।
  • खाने का सही रखाव: पके हुए भोजन को 2 घंटे के अंदर फ्रिज में रख दें। कच्चे और पके खाने को अलग रखें। बचे हुए (leftover) खाने को खाने से पहले तब तक गर्म करें जब तक उसमें से भाप न निकलने लगे।
  • हल्का और आसानी से पचने वाला खाना: पेट को स्वस्थ रखने के लिए ताजा दही या छाछ लें। डाइट में मौसमी फल, साबुत अनाज और दालें शामिल करें। तले-भुने और ज्यादा मसालेदार खाने से बचें, क्योंकि ये अपच बढ़ाते हैं। समय पर और सीमित मात्रा में खाएं।

एक हेल्थ एक्सपर्ट के तौर पर मेरी आपको यही सलाह है कि अगर लगातार उल्टी, दस्त, तेज पेट दर्द या डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के लक्षण दिखें, तो खुद दवा लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। साफ-सफाई और ताजे भोजन को अपनाकर आप बिना बीमार पड़े मानसून का पूरा आनंद ले सकते हैं।Dr. Karuna Chaturvedi, Head - Clinical Nutrition, Max Super Speciality Hospital, Noida

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल मानसून में होने वाली फूड पॉइजनिंग से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी देना है। इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।