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मानसून में पैरों में सूजन क्यों बढ़ सकती है? ये हो सकती हैं वजहें

मानसून के सीजन में कुछ लोगों को पैरों में सूजन की परेशानी काफी ज्यादा रहती है। अगर आप इस परेशानी से जूझ रहे हैं, तो एक बार डॉक्टर से सलाह लें। आइए जानते हैं किन कारणों से मानसून में पैरों में सूजन की परेशानी होती है?

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Written By: Kishori Mishra | Published : July 10, 2026 2:31 PM IST

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Medically Verified By: Dr. kirthi paladugu

दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों काफी तेज बारिश हो रही है। यह बारिश गर्मी से काफी हद तक राहत दिलाती है, लेकिन अपने साथ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी लाता है। इन्हीं परेशानियों में से एक है पैरों में सूजन। कई लोगों को मानसून के दौरान पैरों, टखनों और पंजों में सूजन, भारीपन या जकड़न महसूस होने लगती है। डॉक्टर का कहना है कि बारिश में पैरों में सूजन के पीछे न सिर्फ ज्यादा चलना-फिरना है, बल्कि मौसम में नमी, ब्लड सर्कुलेशन में बदलाव, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे या खड़े रहना और कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। इस विषय की अधिक जानकारी के लिए हमने यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद में सीनियर कंसल्टेंट आर्थ्रोस्कोपी सर्जन और मिनिमली इनवेसिव ट्रॉमा, फुट और एंकल सर्जन डॉ. कीर्ति पलाडुगु से बातचीत की है। आइए जानते हैं क्या कहती हैं डॉक्टर

मानसून में पैरों में सूजन क्यों बढ़ जाती है?

डॉक्टर का कहना है कि बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है। इससे शरीर का तापमान कंट्रोल करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और कुछ लोगों में शरीर अतिरिक्त तरल पदार्थ को रोककर रखने लगता है। इसी वजह से पैरों और टखनों में सूजन दिखाई दे सकती है। Feet Swellon

किन लोगों में खतरा ज्यादा होता है?

मानसून में पैरों की सूजन का खतरा इन लोगों में अधिक हो सकता है, जैसे-

  1. गर्भवती महिलाएं
  2. बुजुर्गों को भी रहना है खतरा
  3. लंबे समय तक खड़े या बैठे रहने वाले लोग
  4. मोटापे से पीड़ित लोग
  5. जिन लोगों को हार्ट, किडनी या लिवर की डिजीज है, तो उन्हें थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत होती है।
  6. वैरिकोज वेन्स वाले मरीज भी थोड़ा सावधान रहें।

अगर सूजन बार-बार हो रही है या लगातार बनी रहती है, तो इसे सामान्य मौसम का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

क्या सिर्फ मौसम ही जिम्मेदार है?

नहीं, कई बार पैरों में सूजन किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है, जैसे-

  • हृदय की बीमारी
  • किडनी की समस्याॉ
  • लिवर रोग
  • डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT)
  • कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट, इत्यादि।

अगर सूजन के साथ दर्द, लालिमा, सांस फूलना या एक ही पैर में अचानक सूजन आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

मानसून में पैरों की सूजन से कैसे बचें?

कुछ आसान उपाय अपनाकर सूजन का खतरा कम किया जा सकता है, जैसे-  Feet Swellon in monsoon

  1. लंबे समय तक एक ही जगह बैठने या खड़े रहने से बचें।
  2. हर 30-60 मिनट में थोड़ी देर टहलें।
  3. पैरों को कुछ समय के लिए दिल के स्तर से ऊपर रखें।
  4. पर्याप्त पानी पिएं।
  5. नमक का सेवन सीमित करें।
  6. आरामदायक और सूखे जूते-चप्पल पहनें।
  7. बारिश में भीगने के बाद पैरों को अच्छी तरह धोकर और सुखाकर रखें।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

कुछ गंभीर स्थिति में आपको डॉक्टर को दिखाने की फौरन जरूरत होती है, जैसे-

  • पैरों की सूजन कई दिनों तक बनी रहे
  • सिर्फ एक पैर में सूजन की परेशानी
  • तेज दर्द या लालिमा हो।
  • सांस लेने में तकलीफ या सीने में दर्द, इत्यादि।

इस तरह के लक्षण दिखाई देने पर आपको फौरन डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत होती है, ताकि स्थिति की गंभीरता को कम किया जा सके।

Disclaimer: मानसून में पैरों में हल्की सूजन कई लोगों में मौसम और नमी के कारण हो सकती है, लेकिन इसे हमेशा सामान्य मानना सही नहीं है। अगर सूजन बार-बार हो, बढ़ती जाए या अन्य लक्षणों के साथ दिखाई दे, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। सही खानपान, पर्याप्त पानी, नियमित गतिविधि और पैरों की उचित देखभाल से इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।