
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Dr. Ambrish Kumar Garg
Bitter Mouth
Bitter Mouth Causes : सुबह नींद खुलते ही यदि मुंह में कड़वा स्वाद महसूस होता है, तो इसे अक्सर लोग मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, यदि यह परेशानी बार-बार बनी रहती है, तो यह शरीर के भीतर चल रही किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी बनती है। सामान्य रूप से रातभर लार का उत्पादन कम हो जाता है, जिससे मुंह में बैक्टीरिया बढ़ते हैं और सुबह सांस से दुर्गंध या हल्का अजीब स्वाद महसूस होता है। लेकिन यदि स्वाद लगातार कड़वा रहता है, तो इसके पीछे कई अलग-अलग कारण जुड़े रहते हैं। इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए हमने जयपुर स्थित नारायणा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन डॉक्टर अंबरीश कुमार गर्ग से बातचीत की है। आइए जानते हैं क्या कहते हैं डॉक्टर?
यदि रात में सोने से पहले दांतों और जीभ की अच्छी तरह सफाई नहीं की जाती, तो बैक्टीरिया मुंह में तेजी से बढ़ते हैं। यही बैक्टीरिया सुबह उठने पर कड़वा स्वाद पैदा करते हैं। मसूड़ों की बीमारी, दांतों में संक्रमण या जीभ पर जमी परत भी इस समस्या को बढ़ाती है। इसलिए नियमित रूप से ब्रश करना, जीभ साफ करना और फ्लॉस का उपयोग करना मुंह के स्वास्थ्य के लिए जरूरी माना जाता है।
पेट का एसिड यदि भोजन नली के रास्ते ऊपर गले या मुंह तक पहुंचता है, तो इसे एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है। इस स्थिति में सुबह उठते ही मुंह में खट्टा या कड़वा स्वाद महसूस होता है। इसके साथ सीने में जलन, गले में खराश, बार-बार खांसी या गले में कुछ अटका हुआ महसूस होने जैसी शिकायतें भी जुड़ती हैं। देर रात भारी भोजन करना, तला-भुना खाना, अधिक चाय या कॉफी पीना और तुरंत सो जाना इस समस्या का खतरा बढ़ाता है।
रात के समय मुंह खुला रखकर सोना, खर्राटे लेना या पर्याप्त पानी न पीना मुंह को सूखा बना देता है। जब लार कम बनती है, तब बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं और सुबह कड़वाहट महसूस होती है। कुछ दवाएं भी मुंह का सूखापन बढ़ाती हैं। ऐसे लोगों में पानी का पर्याप्त सेवन और मुंह को नम बनाए रखना लाभदायक माना जाता है।
कई बार एंटीबायोटिक दवाएं, ब्लड प्रेशर की कुछ दवाएं, एंटीडिप्रेसेंट, एलर्जी की दवाएं या आयरन एवं जिंक जैसे सप्लीमेंट स्वाद में बदलाव लाते हैं। इन दवाओं के प्रभाव से मुंह में धातु जैसा या कड़वा स्वाद महसूस होता है। यदि नई दवा शुरू होने के बाद यह समस्या दिखाई देती है, तो बिना सलाह दवा बंद करने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श लेना उचित माना जाता है।
सर्दी, वायरल संक्रमण, साइनस संक्रमण या गले के संक्रमण के दौरान स्वाद की क्षमता प्रभावित होती है। कई बार नाक बंद रहने के कारण भी स्वाद बदल जाता है। इसके अलावा मधुमेह, लिवर की कुछ बीमारियां, किडनी से जुड़ी समस्याएं या हार्मोनल बदलाव भी लगातार कड़वे स्वाद का कारण बनते हैं। यदि समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसकी जांच कराना जरूरी माना जाता है।
धूम्रपान, तंबाकू का सेवन, अधिक शराब पीना, अत्यधिक मसालेदार भोजन खाना और देर रात तक जागना मुंह के स्वाद को प्रभावित करते हैं। तनाव भी पाचन तंत्र और स्वाद की अनुभूति पर असर डालता है। संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित दिनचर्या अपनाने से यह परेशानी काफी हद तक कम होती है।
अगर आपको भी सुबह उठने के बाद मुंह में कड़वाहट महसूस हो रहा है, तो आप कुछ बातों का ध्यान रख सकते हैं, जैसे-
Disclaimer : ध्यान रखें कि अगर कोई दवा लेने के बाद आपके मुंह का स्वाद खराब कर रही है, तो एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें। कई बार छोटी दिखने वाली यह समस्या कई बार किसी बड़ी बीमारी का शुरुआती संकेत भी बनती है, इसलिए इसे लगातार नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।