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बारिश में UTI का खतरा क्यों बढ़ जाता है? जानें कैसे बनाए रखें हाइजीन

वैसे तो यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन किसी भी मौसम में हो सकता है। लेकिन, मानसून में इस संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। नमी बढ़ने और हाइजीन का ख्याल न रखने की वजह से यूटीआई के मामले बढ़ सकते हैं।

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Written By: Anju Rawat | Published : July 14, 2026 4:06 PM IST

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Medically Verified By: DR. Vineet

UTI in Monsoon:  बारिश का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां लेकर आता है, इनमें सिर्फ डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड या फ्लू ही शामिल नहीं है। बल्कि, इस मौसम में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) के मामले भी ज्यादा देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मानसून का मौसम सीधे यूटीआई का कारण है। मानसून में नमी बढ़ने और हाइजीन का ख्याल न रखने की वजह यूटीआई हो सकता है। आपको बता दें कि यूटीआई एक ऐसा संक्रमण है, जो यूरिनरी ट्रैक्ट के किसी भी हिस्से जैसे- यूरेथ्रा (मूत्रमार्ग), ब्लैडर (मूत्राशय), यूरेटर या किडनी को प्रभावित कर सकता है। ज्यादातर मामलों में यूटीआई ई.कोलाई नामक बैक्टीरिया के कारण होता है, जो मूत्रमार्ग के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है।

मानसून में क्यों बढ़ जाता है यूटीआई का खतरा?

  • VNA हॉस्पिटल के हेड ऑफ यूरोलॉजी डॉ. विनीत मल्होत्रा बताते हैं कि मानसून में नमी बढ़ने की वजह से बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। ऐसे में अगर जननांगों की नियमित रूप से सफाई न की जाए, तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। गीले और गंदे अंडरगारमेंट्स पहनने से भी मानसून में यूटीआई का जोखिम बढ़ सकता है।
  • मानसून में पानी कम पीने से भी यूटीआई का जोखिम बढ़ सकता है। दरअसल, इससे पेशाब कम आता है और बैक्टीरिया लंबे समय तक मूत्राशय में रहते हैं। इससे यूटीआई हो सकता है।
  • लंबे समय तक पेशाब रोकने की वजह से यूटीआई का खतरा बढ़ सकता है। पब्लिक टॉयलेट इस्तेमाल करने के दौरान हाइजीन का ध्यान न रखने से यूटीआई हो सकता है।

UTI के लक्षण क्या हैं?

Centers for Disease Control and Preventionके अनुसार, यूटीआई होने पर आपको कुछ लक्षण महसूस हो सकते हैं, इनकी अनदेखी न करें। इनमें शामिल हैं-

  • बार-बार पेशाब आना
  • पेशाब के दौरान जलन या दर्द होना
  • पेशाब का कम मात्रा में आना
  • बदबूदार पेशाब आना, कुछ मामलों में पेशाब झागदार दिख सकता है
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द होना

कुछ गंभीर मामलों में यूटीआई की वजह से तेज बुखार आ सकता है और कमर में दर्द महसूस हो सकता है। आमतौर पर ये लक्षण तब नजर आते हैं, जब यह संक्रमण किडनी तक पहुंच जाता है।

बारिश के मौसम में हाइजीन का ख्याल कैसे रखें?

डॉ. विनीत मल्होत्रा के अनुसार, यूटीआई से बचने के लिए आपको मानसून में कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए जिससे हाइजीन बनी रह सकती है।

  • अगर आप बारिश में भीग जाते हैं, तो कपड़े और अंडरगारमेंट्स तुरंत बदल लें।
  • साफ और कॉटन के अंडरगारमेंट्स पहनें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, अगर प्यास नहीं लग रही है तो भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। इससे बैक्टीरिया शरीर से बाहर निकलते रहेंगे।
  • पेशाब को लंबे समय तक रोककर न रखें। इससे यूटीआई का खतरा बढ़ सकता है।
  • जननांगों की सफाई का खास ख्याल रखें। जननांगों को सूखा रखने की कोशिश करें।
  • पब्लिक वॉशरूम का इस्तेमाल करते समय हाइजीन का ध्यान रखें।
  • महिलाओं को यूरिन के बाद आगे से पीछे की तरफ सफाई करनी चाहिए। इससे बैक्टीरिया मूत्रमार्ग तक नहीं पहुंच पाते हैं।

Disclaimer: अगर आपको 2-3 दिनों से पेशाब के दौरान जलन-दर्द महसूस हो, पेशाब में झाग दिखाई दे या बार-बार पेशाब आए तो इन संकेतों की अनदेखी न करें। इस स्थिति में डॉक्टर से मिले और यूटीआई की जांच जरूर कराएं। यूटीआई के इलाज के लिए डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाइयां लिख सकते हैं। लेकिन, बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा लेना सही नहीं है।