
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Medically Verified By: DR. Vineet
UTI in monsoon
UTI in Monsoon: बारिश का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां लेकर आता है, इनमें सिर्फ डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड या फ्लू ही शामिल नहीं है। बल्कि, इस मौसम में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) के मामले भी ज्यादा देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मानसून का मौसम सीधे यूटीआई का कारण है। मानसून में नमी बढ़ने और हाइजीन का ख्याल न रखने की वजह यूटीआई हो सकता है। आपको बता दें कि यूटीआई एक ऐसा संक्रमण है, जो यूरिनरी ट्रैक्ट के किसी भी हिस्से जैसे- यूरेथ्रा (मूत्रमार्ग), ब्लैडर (मूत्राशय), यूरेटर या किडनी को प्रभावित कर सकता है। ज्यादातर मामलों में यूटीआई ई.कोलाई नामक बैक्टीरिया के कारण होता है, जो मूत्रमार्ग के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है।
Centers for Disease Control and Preventionके अनुसार, यूटीआई होने पर आपको कुछ लक्षण महसूस हो सकते हैं, इनकी अनदेखी न करें। इनमें शामिल हैं-
कुछ गंभीर मामलों में यूटीआई की वजह से तेज बुखार आ सकता है और कमर में दर्द महसूस हो सकता है। आमतौर पर ये लक्षण तब नजर आते हैं, जब यह संक्रमण किडनी तक पहुंच जाता है।
डॉ. विनीत मल्होत्रा के अनुसार, यूटीआई से बचने के लिए आपको मानसून में कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए जिससे हाइजीन बनी रह सकती है।
Disclaimer: अगर आपको 2-3 दिनों से पेशाब के दौरान जलन-दर्द महसूस हो, पेशाब में झाग दिखाई दे या बार-बार पेशाब आए तो इन संकेतों की अनदेखी न करें। इस स्थिति में डॉक्टर से मिले और यूटीआई की जांच जरूर कराएं। यूटीआई के इलाज के लिए डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाइयां लिख सकते हैं। लेकिन, बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा लेना सही नहीं है।