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Written By: Pallavi Kumari | Published : May 27, 2022 11:13 AM IST
थायराइड की समस्या होने पर शरीर में हार्मोनल गड़बड़ियां बढ़ने लगती हैं। ऐसे में भूख, मेटाबोलिज्म और बॉवेल मूवमेंट सब खराब होने लगता है, जिससे वजन बढ़ जाता है। इससे थायराइड रोग, शरीर के वजन और चयापचय के बीच एक जटिल संबंध है। थायराइड हार्मोन जानवरों और मनुष्यों दोनों में चयापचय को नियंत्रित करता है। चयापचय एक विशिष्ट समय में शरीर द्वारा उपयोग की जाने वाली ऑक्सीजन की मात्रा को मापने के द्वारा निर्धारित किया जाता है। अगर ये माप आराम से किया जाता है, तो इसे बेसल चयापचय दर (बीएमआर) के रूप में जाना जाता है। यही थायराइड में वजन बढ़ने (thyroid causes weight gain) से जुड़ा है। ऐसे में जरूरी ये है कि समय रहते ही आप इसे पहचानें और इसे कंट्रोल करें। इसी बारे में अधिक जानकारी के लिए हमने अजंता हॉस्पिटल लखनऊ डॉ. सुजाता सिंह से बात की।
डॉ. सुजाता सिंह बताती हैं कि बीएमआर का मापन रोगी के थायरायड की स्थिति का आकलन करने में मदद करता है। जैसे कि जिन लोगों को हाइपोथायरायडिज्म(hypothyroidism) होता है उनमें थायराइड का प्रोडक्शन कम होता है जिससे मेटाबोलिज्म स्लो रहता है और वजन बढ़ने लगता है। ऐसे में जरूरी ये है कि थायराइड होर्मोन के कम प्रोडक्शन के लक्षणों (thyroid weight gain symptoms) पर आप ध्यान दें। जैसे कि
-थकान
-मांसपेशी में कमजोरी
-बालो का झड़ना
-ड्राई स्किन
इन स्थितियों में आपको तुरंत अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए और टेस्ट करवाना चाहिए। इसके अलावा आप कुछ खास टिप्स की मदद से अपना वजन भी कंट्रोल कर सकते हैं।
एंटी इंफ्लेमेटरी फूड्स जोड़ों के दर्दऔर दर्द के साथ-साथ अवसाद को कम करने में मदद कर सकते हैं, जो सभी हाइपोथायरायडिज्म से हो सकते हैं। ये खाद्य पदार्थ प्रतिरक्षा प्रणाली को शांत करने में मदद कर सकते हैं, जो अक्सर हाइपोथायरायडिज्म वाले लोगों में ओवरड्राइव में होता है। इसके लिए आपको पत्तेदार हरी सब्जियां, टमाटर, वसायुक्त मछली, नट्स, फल और जैतून का तेल का सेवन करना चाहिए।
खाने में कार्ब्स का सेवन कम करने आप अपना वजन कंट्रोल कर सकते हैं। दरअसल, कार्ब्स का सेवन करने से ये मेटाबॉलिक रेट को स्लो कर देता है और इसी वजह से वजन बढ़ने लगता है। इसलिए कोशिश करें कि आप अपने कार्ब्स के कांउंटिंग रखें कि आप कितना खाएंगे और कितना नहीं।
मेटाबोलिज्म को तेज करने के लिए आप फाइबर और रफेज से भरपूर कुछ फूड्स का सेवन कर सकते हैं। दरअसल, ये पेट और आंतों का भार बढ़ाता है और इनके काम में तेजी लाता है। इस तरह ये मेटाबोलिक रेट को तेज करके पाचनक्रिया को सक्रिय करता है और वेट लॉस में मदद करता है।
ज्यादा चीनी का सेवन असल में वजन बढ़ने से जुड़ा हुआ है। दरअसल, ज्यादा चीनी का सेवन शरीर में कैलोरी बढ़ाता है और इससे वजन बढ़ने लगता है। साथ ही ये क्रेविंग को और बढ़ाता है जिससे और भूख लगती है और वजन तेजी से बढ़ने लगता है।
आपको ये जान कर हैरानी हो सकती है कि सेलिनियम से भरपूर फूड्स टीएसएच हार्मोन के प्रोडक्शन को प्रभावित करता है। ये इसके प्रोडक्शन को बढ़ाता है और थायराइट हार्मोन के संतुलित प्रोडक्शन में मदद करता है। इस तरह ये शरीर को स्वस्थ बनाता है।
थोड़ा-थोड़ा खाना खाना आपके मेटाबोलिक रेट को सही रखने में मदद कर सकता है। साथ ही इसका संतुलन वजन को भी संतुलित करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा खाने के साथ आप ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं जो कि मेटाबोलिज्म को हेल्दी रखने के साथ बॉवेल मूवमेंट को भी सही रखता है।
एक्टिव लाइफस्टाइल का पालन करना आपको थायराइड से बचने और इसके प्रोडक्शन को कंट्रोल करने में मदद करता है। इसलिए कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा एक्टिव रहें। इसके लिए आप घर का काम करें, सीढ़ियां चढ़े और ज्यादा से ज्यादा शारीरिक मेहनत करें जिससे पसीना बहे और मोटापा कम हो।
एक्सरसाइज और योग दोनों ही थायराइड को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। साथ ही ये मेटाबोलिक रेट को बढ़ाता है और तेजी से खाना पचाने में मदद करता है। इसके अलावा एक्सरसाइज और योग दोनों ही थायराइड के कारण होने वाली अन्य समस्याओं को कंट्रोल करने में मदद करता है जैसे कि क्रेविंग, बालों का झड़ना और ड्राई स्किन। साथ ही एक्सरसाइज और योग करने से तनाव कंट्रोल करने में मदद मिलती है जिससे आपकी नींद बेहतर होती है।