बारिश में क्यों कम हो जाती है सूंघने की क्षमता? ENT स्पेशलिस्ट बता रहे हैं इसके कारण
बारिश में क्यों कम हो जाती है सूंघने की क्षमता? ENT स्पेशलिस्ट बता रहे हैं इसके कारण
बारिश के दिनों में कई लोग शिकायत करते हैं कि उन्हें गीली मिट्टी, चाय और अन्य चीजों की महक नहीं आ रही है और यह परेशानी उन्हें अक्सर हो जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो हम आपको इसके कारण और इलाज बताने जा रहे हैं।
Written By:
Ashu Kumar Das
| Published : August 5, 2026 5:35 PM IST
बारिश में सूंघने की क्षमता कम होना एक आम समस्या है।
बारिश की पहली बूंद, गीली मिट्टी की सोंधी खुशबू, चाय-पकौड़े की महक... मानसून का मजा ही इसी से है। लेकिन क्या हो अगर इस मौसम में आपकी नाक ये सब सूंघ ही न पाए? बारिश के दिनों में अक्सर लोगों को नाक से किसी भी प्रकार की खुशबू को सूंघने में परेशानी होने लगती है, तो आप अकेले नहीं है। बारिश के दिनों में कई लोगों के साथ ऐसा होता है। दिल्ली के मेडफर्स्ट ईएनटी सेंटर के ENT Specialist डॉ. (मेजर) आर. के. भारद्वाज बताते हैं- बारिश में नमी, फंगस और एलर्जी की वजह से ENT के मरीज 40% तक बढ़ जाते हैं। 10 में से 5 लोगों को बारिश के दौरान नाक से किसी भी तरह की चीज को सूंघने में परेशानी होने लगती है।
मानसून मे एलर्जी की समस्या होती है।
बारिश में सूंघने की क्षमता कम होने के कारण क्या हैं?
नजला और जुकाम- डॉ. (मेजर) आर. के. भारद्वाज कहते हैं कि बारिश में वायरल बहुत होते हैं। नमी की वजह से बैक्टीरिया भी जल्दी बढ़ते हैं। नाक बंद, सिर भारी और सूंघने वाले सेल्स पर सूजन आ जाती है। इस स्थिति को आम भाषा में नजला कहा जाता है। इस कारण भी बारिश में सूंघने की क्षमता कम हो जाती है।
फंगस और नमी - बारिश के दिनों में हवा में मौजूद नमी, दीवारों पर फंगस, गद्दे-तकिए में नमी एक साइलेंट किलर की तरह काम करते हैं। इस नमी के कारण नाक की दीवारों पर एक परत जम जाती है। इसके कारण भी लोगों की सूंघने की क्षमता कम होने लगती है।
धूल-मिट्टी + एलर्जी- बारिश के बाद धूल बैठ जाती है, लेकिन घर के अंदर डस्ट माइट्स बढ़ जाते हैं। इससे नाक के अंदर पॉलिप्स यानी गिल्टियां बन जाती हैं। इसके कारण नाक लगातार बंद, छींक, आंखों में खुजली, स्वाद भी जाने की परेशानी हो सकती है।
नाक की हड्डी टेढ़ी - जिन लोगों की नाक की हड्डी पहले से टेढ़ी है, उन्हें मानसून में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है।
थोड़ी सी सूजन से भी सांस और सूंघना की क्षमता पूरी तरह से खत्म हो जाती है।
घर का प्रदूषण और धुआं- बारिश में लोग खिड़कियां बंद करके अगरबत्ती, कॉइल और रूम फ्रेशनर ज्यादा चलाते हैं। ये केमिकल सूंघने वाले सेल्स को इरिटेट करते हैं। इसके कारण भी लोगों के सूंघने की क्षमता धीरे- धीरे कम होने लगती है।
नेजल स्प्रे का ज्यादा इस्तेमाल- डॉक्टर कहते हैं कि बारिश के दिनों में नाक बंद है कहकर लोग 5-7 दिन से ज्यादा नेजल स्प्रे यूज कर लेते हैं। ज्यादा मात्रा में नेजल स्प्रे का इस्तेमाल करने से बंद नाक खुलने की बजाय पूरी तरह से बंद हो जाती है।
हवा में मौजूद फंगस सूंघने की क्षमता को प्रभावित करते हैं।
नाक से सूंघने की क्षमता वापस कैसे लेकर आएं?
डॉ. भारद्वाज बताते हैं कि बारिश के दिनों में किसी व्यक्ति के नाक से सूंघने की क्षमता चली गई है, तो वो कुछ खास चीजों को अपनाकर इसे वापस ला सकते हैं।
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नमी को कहें बॉय- घर के अंदर अगर किसी प्रकार की नमी है तो उसे पूरी तरह से दिखाने की कोशिश करें। घर में ह्यूमिडिफायर या एक्सॉस्ट फैन चलाएं। गीले कपड़े कमरे में सुखाने से पूरी तरह से बचें।
सलाइन नेजल वॉश - किसी कारण आपके सूंघने की क्षमता कम हो गई है तो दिन में 1 बार गुनगुने पानी + सेंधा नमक से नाक साफ करें। ये फंगस और धूल दोनों निकालता है।
स्मेल ट्रेनिंग शुरू करें- नाक बंद होने की समस्या में रोज सुबह चाय, नींबू, लौंग और गुलाब की खुशबू 20 सेकंड तक लें। इस टेस्ट को मेडिकल भाषा में स्मेल ट्रेनिंग टेस्ट कहा जाता है। इस प्रकार का टेस्ट नर्व को दोबारा एक्टिव करता है। इस टेस्ट को रेगुलर बेसिस पर करने से बंद नाक खुल जाती है और सूंघने की क्षमता धीरे- धीरे बढ़ने लगती है।
एलर्जी से बचें- बारिश के दिनों में मच्छरों का प्रकोप ज्यादा हो जाता है। इस स्थिति में लोग मॉस्किटो कॉइल का इस्तेमाल करते हैं। मच्छरों को मारने वाली कॉइल ज्यादा एलर्जी पैदा करती है। ऐसे में रूम में मॉस्किटो कॉइल की जगह रैकेट यूज करें।
डॉ. (मेजर) आर. के. भारद्वाज कहते हैं - मानसून सिर्फ भीगने का मौसम नहीं, बीमारियों का भी मौसम है। सूंघने की क्षमता जाना कोई छोटी बात नहीं है। यह आपके खाने, नींद और सुरक्षा तीनों से जुड़ा है। इस बारिश में चाय की खुशबू, मिट्टी की सोंधी महक और घर के खाने का स्वाद मिस मत कीजिए।अगर 2 हफ्ते से नाक काम नहीं कर रही, तो आज ही जांच कराएं। नाक बंद होने पर किसी प्रकार के स्टेरॉयड स्प्रे का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। बारिश के दिनों में कान, नाक से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए अपने ENT डॉक्टर से सलाह लें।
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