मौसम बदल रहा है निमोनिया से बचने के लिए यूं रखें सेहत का ख्याल !

निमोनिया फेफड़ों में होने वाला इन्फेक्शन है, जो एक इन्फेक्शन से होता है और इससे फेफड़ों की हवा थैली में द्रव और पस भर जाता है और सूजन हो जाती है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : October 15, 2018 7:09 PM IST

ठंड का मौसम शुरू हो गया है और इन दिनों कफ, वायरल इन्फेक्शन और फ्लू का खतरा होता है। वायरस की वजह से होने वाले इन्फेक्शन में एक कम्युनिटी अक्वायर्ड निमोनिया है। इससे खासकर बच्चे और 65 साल की उम्र से अधिक के लोग प्रभावित होते हैं। लेकिन सवाल यह है कि सर्दियों में निमोनिया का खतरा क्यों बढ़ जाता है?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक निमोनिया केवल सर्दियों तक ही सीमित नहीं है। सर्दियों में लोग ज्यादातर समय घरों के अन्दर रहते हैं। जाहिर है घर के अन्दर बैक्टीरिया, फंगी या वायरस होते हैं। इसका मतलब यह है कि आप ज्यादा समय इनके संपर्क में रहते हैं। जब तापमान में गिरावट होती है, तो फ्लू वायरस और बैक्टीरिया के हवा में स्थिर होने की संभावना होती है और पार्टिकल्स यानि कण भी हवा में होते हैं। बैक्टीरिया आपकी स्किन पर मौजूद होते हैं और आमतौर पर हानिकारक नहीं होते हैं। हालांकि कोल्ड और फ्लू के मौसम के दौरान इम्युनिटी कमजोर हो जाती है और सिस्टम भी कमजोर हो जाता है। इससे वायुमार्ग को भी नुकसान हो सकता है जिससे बैक्टीरिया फेफड़ों में इन्फेक्शन का कारण बन सकता है।

सर्दियों में रखें सेहत का यूं ख्याल-

सर्दियों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट यूज करने से बचें क्योंकि एक-दूसरे के संपर्क में आने से इन्फेक्शन होने के अधिक चांस होते हैं। इसके अलावा अगर आप निमोनिया से पीड़ित हैं, तो आपको अन्य लोगों से मिलते हुए अपने नाक और मुंह को कवर करना चाहिए ताकि इन्फेक्शन ना फैले।

निमोनिया एक या दोनों फेफड़ों में होने वाला इन्फेक्शन है, जो एक इन्फेक्शन से होता है और इससे फेफड़ों की हवा थैली में द्रव और पस भर जाता है और सूजन हो जाती है। इसका कारण बैक्टीरिया, फंगी और अन्य वायरस होते हैं। इसमें खून में ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित हो जाती है  जिनसे सांस लेने में परेशानी होती है।

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