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गर्मियों में फंगल इंफेक्शन का खतरा क्यों बढ़ जाता है? डॉक्टर से जानें कारण और बचाव के तरीके

गर्मियां आते ही हमारे शरीर के कुछ हिस्सों में खुजली तो कहीं दाने होने शुरू हा जाते हैं। लेकिन ऐसा क्यों होता है कि गर्मियों में ही यह समस्याएं अधिक बढ़ जाती हैं? आइए डॉकटर से इसका कारण और उपाय जानें।

Written By Vidya Sharma
Updated : May 21, 2026 3:09 PM IST

Image Credit- ChatGPT

Garmi Mai Fungal Infection Badhne Ka Reason: देशभर में गर्मी बढ़ने के साथ ही फंगल इंफेक्शन के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। अस्पतालों और स्किन क्लीनिकों में खुजली, लाल चकत्ते, दाद, त्वचा पर जलन और पसीने से होने वाले संक्रमण की शिकायत लेकर बहुत से लोग पहुंच रहे हैं। त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों का मौसम फंगस के पनपने के लिए सबसे अनुकूल होता है।

आकाश हेल्थकेयर की डर्मेटोलॉजी, वेनेरियोलॉजी और लेप्रोलॉजी विभाग के डॉ. मीनू मलिक के अनुसार, अत्यधिक पसीना, नमी, गंदगी और लंबे समय तक त्वचा का नम रहना फंगल इंफेक्शन का मुख्य कारण है। खासकर शरीर के वे हिस्से जहां पसीना ज्यादा आता है, जैसे गर्दन, बगल, कमर, जांघों के आसपास और पैरों की उंगलियों के बीच, वहां संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसा क्यों होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है, आइए जानते हैं।

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जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

डॉक्टर के मुताबिक गर्मियों में तापमान बढ़ने से त्वचा पर लगातार नमी बनी रहती है। यह स्थिति फंगस को तेजी से बढ़ने का मौका देती है। यदि व्यक्ति साफ-सफाई का ध्यान न रखे या लंबे समय तक पसीने वाले कपड़ों में रहे, तो संक्रमण जल्दी फैल सकता है।’ डॉक्टर ने ऐसे लोगों के बारे में बताया जिनमें फंगल इंफेक्शन होने का खतरा ज्यादा होता है, जैसे- 

  • बहुत ज्यादा पसीना आने वाले लोग
  • टाइट और सिंथेटिक कपड़े पहनने वाले
  • डायबिटीज के मरीज
  • मोटापे से ग्रस्त लोग
  • बाहर धूप और गर्मी में काम करने वाले मजदूर
  • जिम या खेल गतिविधियों में शामिल लोग

एक्सपर्ट बताती हैं कि डायबिटीज के मरीजों में त्वचा की इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण संक्रमण तेजी से फैल सकता है और ठीक होने में भी ज्यादा समय लग सकता है।

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गर्मी में होने वाले फंगल इंफेक्शन के क्या लक्षण हैं?

अगर आपको समझ नहीं आ रहा की गर्मी से शरीर में क्या दिक्कतें आ रही हैं, जो नीचे बताए गए लक्षणों को पहचानें। अगर संकेत दिख रहे हैं तो समझ जाएं कि फंगल इंफेक्शन हो गया है।

  • अगर आपको लगातार खुजली हो
  • स्किन में रेडनेस
  • अगर गोल दाद जैसे निशान दिखें
  • जलन और चुभन महसूस हो
  • त्वचा ड्राई हो जाए या छिलने लगे
  • स्किन से बदबू आने लगे
  • या सफेद या लाल चकत्ते

डॉक्टर ने बताया पेशेंट कब गलती करते हैं?

डॉक्टरों का कहना है कि कई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं या बिना सलाह के स्टेरॉयड क्रीम इस्तेमाल करने लगते हैं। इससे संक्रमण दब तो जाता है, लेकिन बाद में ज्यादा गंभीर रूप में वापस आ सकता है। सिर्फ तेज गर्मी ही नहीं बल्कि पसीना भी फंगल इंफेक्शन को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। एयरटाइट जूते, लंबे समय तक गीले कपड़े पहनना और पसीना सूखने न देना भी संक्रमण को बढ़ावा देता है।

ए.सी और गर्मी दोनों में रहना

त्वचा विशेषज्ञ का कहना है कि आजकल लोग लंबे समय तक AC और बाहर की गर्मी के बीच आते-जाते रहते हैं। इससे शरीर में पसीना और नमी बढ़ती है। अगर त्वचा को साफ और सूखा न रखा जाए तो फंगल इंफेक्शन तेजी से फैल सकता है।’ गर्मियों में फंगल इंफेक्शन से बचाव के लिए एक्सपर्ट कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं। जैसे- 

  • रोजाना स्नान करें और त्वचा को अच्छी तरह सुखाएं
  • सूती और ढीले कपड़े पहनें
  • पसीने वाले कपड़े तुरंत बदलें
  • दूसरों के तौलिये, कपड़े या जूते इस्तेमाल न करें
  • शरीर को ज्यादा देर तक नम न रहने दें
  • पर्याप्त पानी पिएं
  • ब्लड शुगर कंट्रोल में रखें

इसके अलावा अगर खुजली या दाद जैसी समस्या लगातार बनी रहे तो तुरंत स्किन एक्सपर्ट से सलाह लेने चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि फंगल इंफेक्शन भले शुरुआत में सामान्य लगे, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर यह तेजी से फैल सकता है और लंबे समय तक परेशानी का कारण बन सकता है। गर्मियों में साफ-सफाई और त्वचा की देखभाल ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

डिस्क्लेमर: अगर आपको अपनी स्किन पर कुछ असामान्य से संकेत और लक्षण दिखते हैं तो उन्हें अनदेखा न करें। यह गर्मी से होने वाला फंगल इंफेक्शन हो सकता है। इसलिए त्वचा पर फोड़े-फुंसी, रेडनेस और खुजली होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।