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डेंगू से कैसे बचें?
भारत के कुछ राज्यों में डेंगू के मामले तेजी से फैल रहे हैं। खासकर अगर हम दक्षिण गोवा की बात करें तो वहां मानसून के बीच डेंगू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।दक्षिण गोवा जिला अस्पताल में अगस्त के शुरुआती 10 दिनों में डेंगू के 71 मामले सामने आए, जिनमें 27 मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।
वैसे तो अस्पताल प्रशासन ने लोगों से बुखार और सिरदर्द को हल्के में न लें और 2-3 दिनों तक लक्षण बने रहने पर जांच कराने की अपील की है। लेकिन उससे बेहतर है कि आप मच्छरों को पनपने से रोकने की कोशिश करें। आज हम आपको इस लेख में घर में बढ़ते मच्छरों को रोकने के 7 तरीके बताने वाले हैं, ताकि आप और आपका परिवार डेंगू की चपेट में आने से बच सकें।
घर में कहीं भी मच्छर न पैदा हों, इसके लिए आप कूलर और पानी की टंकियों को नियमित रूप से साफ करें। गमलों और उनके नीचे रखी प्लेटों में पानी जमा न होने दें। ध्यान रखें कि बालकनी या छत में कोई ऐसा बरतन न हो, जिसमें बारिश का पानी जमा हो पाए और उसमें मच्छरों के पैदा होने की संभावना बढ़ जाए।
हम में से बहुत लोगों के घर में गमले होंगे, ऐसे में ध्यान दें कि गमलों के नीचे रखी प्लेट में बारिश या पानी जमा हो सकता है। यह डेंगू के मच्छरों को पनपने का मौका दे सकती है। इसलिए इसे नियमित रूप से खाली करना न भूलें। और सिर्फ पानी न फेंके, बल्कि कंटेनर को साफ करके रखें। क्योंकि मच्छरों के अंडे सतह पर चिपके रह सकते हैं।
उमस भरे इस मौसम में गर्मी से बचने के लिए लोग कूलर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार उसका पानी बदलना भूल जाते हैं। अगर आपके घर में भी कूलर इस्तेमाल होता है, तो उसमें जमा पानी नियमित रूप से बदलें और टैंक को साफ रखें। लंबे समय तक एक ही जगह पानी जमा रहने देना मच्छरों के लिए ब्रीडिंग साइट बना सकता है।
इस बात का ध्यान रखें कि घर की छत, बालकनी या पार्किंग में पड़े पुराने टायर, खाली डिब्बे, बोतल और प्लास्टिक के सामान में बारिश का पानी जमा हो सकता है। इसलिए इन्हें या तो घर के अंदर रखें या फिर उल्टा करके, जिससे पानी जमा होने की संभावना खत्म हो जाए। इसके अलावा बाकी की साफ-सफाई पर भी ध्यान दें।
देखें, कई बार हम ध्यान नहीं देते हैं, जिससे छत पर रखी टंकियों व कंटेनरों के ढक्कन गलती से खुले रह जाते हैं। ऐसे में होता यह है कि इनमें मच्छर अपनी जगह बना लेते हैं और अंडे देते हैं, जिसके बाद डेंगू फैलाने वाले मच्छरों की संख्या बढ़ सकती है। इसलिए जहां पानी स्टोर किया जाता है, उसे अच्छी तरह ढककर रखें। छोटी-सी खुली जगह भी मच्छरों को अंदर पहुंचने का मौका दे सकती है। घर में रखे पानी के कंटेनर को नियमित रूप से साफ करना भी जरूरी है।
बारिश के बाद एक बार छत, बालकनी, सीढ़ियों के आसपास और पार्किंग एरिया को अच्छे से देखें कि कहीं पानी जमा तो नहीं है। कई बार हमें लगता है कि यह पानी तो बहुत कम है और हम उसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन Aedes मच्छर थोड़ी मात्रा में जमा पानी में भी पनप सकते हैं। पानी रखने वाले कंटेनरों को ढककर रखें और घर के आसपास पानी जमा होने पर उसे तुरंत हटाएं। दिन के समय भी मच्छरों से बचाव करें, क्योंकि Aedes मच्छर दिन में सक्रिय रहते हैं।
आप घर में हैं या घर के बाहर, मच्छरों से अपना बचाव करें। आसपास की कई ब्रीडिंग साइट्स खत्म करने के साथ मच्छर के काटने से बचना भी जरूरी है। इसलिए फुल-स्लीव कपड़े और लंबी पैंट पहनें और जरूरत के अनुसार मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।
डेंगू से बचाव का सबसे आसान तरीका है कि आप पानी को जमा ही न होने दें। बारिश के बाद घर के आसपास किसी भी कंटेनर, गड्ढे या सामान में पानी जमा दिखाई दे तो उसे तुरंत हटा दें। तो उसे खाली करें। सिर्फ अपने घर की सफाई करना ही नहीं, आसपास के क्षेत्र को भी साफ रखना जरूरी है।
दक्षिण गोवा जिला अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने लोगों से अपील की है कि अगर आपको 2-3 दिनों से बुखार है और सिरदर्द भी बना हुआ है, तो डेंगू की जांच कराएं और समय पर इलाज लें। अधिक जानकारी के लिए बता दें कि डेंगू में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, मतली और त्वचा पर रैश जैसे लक्षण हो सकते हैं।
WHO के अनुसार, कुछ मामलों में बीमारी गंभीर भी हो सकती है। तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, तेजी से सांस लेना, मसूड़ों या नाक से खून आना, अत्यधिक कमजोरी या बेचैनी जैसे संकेत दिखें तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विशेषज्ञ की सलाह पर आधारित है, लेकिन यह किसी चिकित्सीय परामर्श या उपचार का विकल्प नहीं है। अगर आपको दो दिन से ज्यादा समय से बुखार है, तो डॉक्टर से सलाह लें, क्योंकि यह डेंगू समेत अन्य संक्रमण का संकेत हो सकता है।