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मानसून में पैरों में खुजली और दाद की समस्या क्यों होने लगती है?

क्या आपको भी मानसून में पैरों पर खुजली और दाद की समस्या रहती है? अगर हां, तो इसके पीछे कुछ कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इनके बारे में जानना बहुत जरूरी है-

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Written By: Anju Rawat | Published : July 6, 2026 7:27 PM IST

क्या आपको भी बारिश के मौसम में बार-बार पैरों पर खुजली होती है? यह दाद या फंगल इंफेक्शन की वजह से हो सकता है। दरअसल, मानसून में नमी बढ़ने की वजह से कई तरह की त्वचा संबंधी समस्याएं होने लगती हैं। इनमें फंगल संक्रमण भी एक है, जो हाथ, जांघ और पैरों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। हालांकि, फंगल इंफेक्शन का इलाज संभव है। लेकिन, ज्यादातर मामलों में पैरों के दाद का इलाज इसके कारण पर निर्भर करता है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर मानसून में पैरों में दाद की समस्या क्यों बढ़ जाती है? आइए, जानते हैं इसके बारे में-

लंबे समय तक जूते पहनना

National Library of Medicine (nlm) के अनुसार, अगर आप लंबे समय तक जूते पहनकर रखते हैं, तो इससे पैरों में फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। दरअसल, जूते पहनने से पैरों में नमी और गर्मी बनी रहती है। इससे फंगस पनप सकता है और आपको खुजली, लाल चकत्ते, दाद जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।

पैरों को पानी में रखना

पैरों को लंबे समय तक पानी के संपर्क में रखने से भी फंगल संक्रमण हो सकता है। जब पैर ज्यादा देर तक पानी में रहते हैं, तो फंगस तेजी से पनप सकते हैं और संक्रमण की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए बारिश के पानी में लंबे समय तक पैरों को रखने से बचें।

संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना

NLM के अनुसार, अगर आप फंगल इंफेक्शन से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं, तो इससे आप में भी संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ सकता है। इसलिए अगर आपके आस-पास किसी को संक्रमण है, तो उनके जूते, मोजे या निजी चीजों का इस्तेमाल न करें। इससे फंगस तेजी से फैल सकता है।

पैरों की ठीक से सफाई न करना

बारिश के मौसम में पैरों की अच्छी तरह से सफाई करना बहुत जरूरी है। अगर पैरों को सही तरीके से साफ न किया जाए, तो फंगल इंफेक्शन का खतरा तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए पैरों की स्वच्छता बहुत जरूरी है।

ज्यादा पसीना आना

जिन लोगों के पैरों पर ज्यादा पसीना आता है, उनमें फंगल संक्रमण होने का खतरा ज्यादा हो सकता है। वहीं, अगर पैरों की त्वचा पर छोटे-छोटे घाव हैं, तो भी फंगस तेजी से पनप सकता है और खुजली का कारण बन सकता है।

Disclaimer: मानसून में सेहत और त्वचा के साथ ही पैरों की सही देखभाल भी जरूरी है। इसलिए मानसून में पैरों को लंबे समय तक पानी में न रखें, लंबे समय तक जूते न पहनें। अगर पसीना ज्यादा आता है, तो पैरों की अच्छी तरह से सफाई करें। अगर आपको पैरों में खुजली या रैशेज जैसे लक्षण महसूस होते हैं, तो इनकी अनदेखी न करें और तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से मिलें।