अपने आप हाथ क्यों हिलता है? जानें ये कौन-सी बीमारी होती है

Hath Kapne Ki Bimari: क्या आपके या आपके परिवार में कोई अपने आप हाथ हिलने या कांपने की बीमारी से जूझ रहा है? आइए डॉक्टर से जानते हैं ऐसा क्यों होता है।

अपने आप हाथ क्यों हिलता है? जानें ये कौन-सी बीमारी होती है

Written by Vidya Sharma |Published : November 22, 2025 6:21 PM IST

Hath Kapne Ka Karan: कई बार आपने देखा होगा कि कुछ लोगों का हाथ अपने आप हिलने या कांपने लगता है। यह ठंड या एंजाइटी की वजह से नहीं होता है। बल्कि यह एक गंभीर बीमारी है। जी हां, आकाश हेल्थकेयर के न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर मधुकर भारद्वाज का कहना है कि ‘कई बार ये हल्की कंपन होती है, लेकिन कई बार यह इतना बढ़ जाता है कि रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगते हैं, जैसे पानी पीना, लिखना, चाय पकड़ना या मोबाइल चलाना। इस तरह का अनियंत्रित हाथ हिलना ‘ट्रेमर’ (Tremor) कहलाता है।’

ट्रेमर क्या होता है? यह ऐसी स्थिति होती है जो शरीर के किसी भी हिस्से जैसे हाथ, पैर, सिर या आवाज में हो सकती है। यह तब होती है जब विपरीत मांसपेशियों का समूह बार-बार सिकुड़ता है। ट्रेमर अक्सर एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के कारण होता है, जिसमें मस्तिष्क के कुछ हिस्से प्रभावित होते हैं। आइए हम इसके बारे में विस्तार से जानते हैं कि अपने आप हाथ हिलने की समस्या क्या होती है।

हाथ हिलने के कई कारण हो सकते हैं-

एसेंशियल ट्रेमर (Essential Tremor)-डॉक्टर मधुकर बताते हैं कि यह सबसे आम कारण है। इसमें हाथ, खास कर किसी चीज को पकड़ते समय कंपन करने लगते हैं। एसेंशियल ट्रेमर जेनेटिक होता है। अगर परिवार में किसी को ये समस्या है, तो अगली पीढ़ी में भी इसकी संभावना बढ़ जाती है। शुरू में कंपन हल्का होता है, लेकिन समय के साथ बढ़ सकता है।’

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पार्किंसन बीमारी (Parkinson’s Disease)-यह एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जिसमें हाथ आराम की स्थिति में भी हिलते रहते हैं। डॉ. आगे कहते हैं कि पार्किंसन का ट्रेमर आमतौर पर तब दिखाई देता है जब हाथ आराम में हों। इसके साथ शरीर में जकड़न, चलने में कठिनाई और संतुलन बिगड़ने जैसी समस्याएं भी दिखती हैं।

तनाव, चिंता और घबराहट (Stress & Anxiety)-मानसिक तनाव भी एक बड़ी वजह है। डॉ. के अनुसार जब व्यक्ति अत्यधिक तनाव में होता है, तो शरीर में एड्रीनलीन बढ़ता है जिससे हाथ कांपने लगते हैं। ये कंपन स्थायी नहीं होते और तनाव खत्म होते ही सामान्य हो जाते हैं।

विटामिन-बी12 की कमी (Vitamin B12 Deficiency)-बी12 की कमी से नसों पर प्रभाव पड़ता है, और हाथ-पैर में झनझनाहटया कंपन हो सकता है। डॉ. कहते हैं 'अगर आप शाकाहारी हैं तो बी12 की कमी का खतरा ज्यादा होता है। समय रहते जांच और सप्लीमेंट इसे ठीक कर सकते हैं।'

थायराइड की गड़बड़ी (Hyperthyroidism)- अगर थायराइड ज्यादा सक्रिय हो जाए, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होने से हाथों में कंपकंपी शुरू हो सकती है।

दवाइयों का साइड इफेक्ट- कुछ दवाएं जैसे अस्थमा की दवा, एंटीडिप्रेसेंट, स्टेरॉयड—ट्रेमर बढ़ा सकती हैं।

अत्यधिक कैफीन (Too Much Caffeine)- कॉफी, एनर्जी ड्रिंक्स या चाय का ज्यादा सेवन भी हाथों में कंपन का कारणबनता है।

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

यदि हाथों का कंपन, लगातार बना रहे, तेजी से बढ़ रहा हो, रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हों, चक्कर, कमजोरी या चलने में दिक्कत भी साथ हो तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए।

उपचार कैसे होता है?

उपचार कारण पर निर्भर करता है। एसेंशियल ट्रेमर में दवाइयां काफी राहत देती हैं। अत्यधिक कंपन की स्थिति में बोटॉक्स इंजेक्शन और डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (DBS) जैसी तकनीकें भी आज उपलब्ध हैं।”

इसके अलावा लाइफस्टाइल बदलाव भी जरूरी हैं-

  • कैफीन कम करना
  • तनाव प्रबंधन
  • पर्याप्त नींद
  • हाथों के लिए फिजियोथेरेपी

याद रखें कि अपने आप हाथ हिलना मामूली बात लग सकती है, लेकिन अगर यह बार-बार हो रहा है तो इसे नजरअंदाज न करें। यह नसों की बीमारी, तनाव, थायराइड, या किसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है। समय पर जांच, सही निदान और उपचार से राहत मिलना संभव है।

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Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

हाथ में लगने वाले इंजेक्शन को क्या कहते हैं?

हाथ में लगने वाले इंजेक्शन को इंट्रा-आर्टिकुलर इंजेक्शन (Intra-articular injection) कहा जाता है।

हाथ में इंजेक्शन क्यों लगाया जाता है?

क्योंकि यह कलाई और हाथ में ऑस्टियोआर्थराइटिस का सबसे आम स्थान है।

ऑटिज्म क्या है?

एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जो बच्चों के दिमाग में बदलाव होने की वजह से होता है।