
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Updated : May 7, 2026 3:40 PM IST
Medically Verified By: Dr. Akshay Budhraja
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Garmi Mai Khansi Hone Ka Karan: गर्मियों में तेज धूप और बढ़ती गर्मी से राहत पाने के लिए हम अक्सर एयर कंडीशनर का सहारा लेते हैं। अब भला ठंडी हवा किसे पसंद नहीं आएगी। घर हों, ऑफिस हों, मेट्रो में हों या गाड़ी में- गर्मी से बचने के लिए हमारा हाथ सीधे एसी के बटन पर जाता है। लेकिन कई लोग को खांसी हो जाती है। मतलब कि कई लोगों को यह समस्या आती है कि लंबे समय तक एयर कंडीशनर में रहने से उन्हें खांसी, गले में खराश या सर्दी-जुकाम जैसी समस्या होने लगती है।
तो क्या गर्मी में भी किसी के लिए एसी राहत देने वाली ठंडी हवा परेशानी का कारण बन सकती है? क्या एयर कंडीशनर सच में खांसी का कारण बन सकता है? यह सवाल हमने आकाश हेल्थकेयर के सीनियर कंसल्टेंट और रेस्पिरेटरी और स्लीप मेडिसिन डिपार्टमेंट के एचओडी डॉक्टर अक्षय बधुराज से पूछा। आइए जानते हैं उन्होंने क्या जानकारी साझा की।
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एक्सपर्ट के अनुसार, इसका जवाब हां भी है और नहीं भी यानी कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप एयर कंडीशनर का इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने खांसी होने के 5 कारण और उपायों के बारे में बताया-
एक्सपर्ट बताते हैं कि एयर कंडीशनर कमरे की नमी को कम कर देता है, जिससे हवा सूखी हो जाती है। यह सूखी हवा गले और श्वास नली को प्रभावित करती है, जिससे परेशानी और खांसी हो सकती है।
देखें इसमें कोई दो राय नहीं है कि बाहर की गर्मी और अंदर एसी की ठंडी हवा के तापमान के बीच बहुत फर्क होता है। ऐसे में बार-बार आने-जाने से शरीर को समान टेम्प्रेचर में रहने में दिक्कत होती है। इससे गले में इंफेक्शन और खांसी का खतरा बढ़ जाता है।
अगर एयर कंडीशनर की सफाई नियमित रूप से नहीं की जाती, तो इसके फिल्टर में धूल, फंगस और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं। और जब हम एसी का उपयोग करते हैं तो यह हवा के जरिए हमारी नाक व गले में जाते हैं और एलर्जी व खांसी का कारण बनते हैं।
एयर कंडीशनर वाले कमरों में अक्सर खिड़कियां बंद रहती हैं, जिससे ताजी हवा नहीं आ पाती। इससे होता यह है कि हवा में मौजूद प्रदूषक तत्व बढ़ जाते हैं, जो सांस से जुड़ी समस्याओं को बढ़ावा दे सकते हैं।
डॉक्टर बताते हैं कि जिन लोगों को पहले से एलर्जी या अस्थमा होता है, उनमें एयर कंडीशनर की ठंडी और सूखी हवा लक्षणों को और बढ़ा सकती है। इससे उन्हें लगातार खांसी हो सकती है।
इस सवाल का जवाब देते हुए डॉक्टर बताते हैं कि सीधे तौर पर एयर कंडीशनर इंफेक्शन नहीं करता, लेकिन गंदे फिल्टर और खराब मेंटेनेंस की वजह से बैक्टीरिया और फंगस फैल सकते हैं, जो श्वसन संक्रमण का कारण बन सकते हैं। आइए अब हम बचाव करने के तरीकों के बारे में जानें।
एयर कंडीशनर का तापमान संतुलित रखें- बहुत ज्यादा ठंडा तापमान रखने से बचें। 24–26°C का तापमान बेहतर माना जाता है।
नियमित सफाई और सर्विसिंग- एयर कंडीशनर के फिल्टर को हर 15–20 दिन में साफ करें और समय-समय पर सर्विसिंग कराएं।
हाइड्रेशन बनाए रखें- सूखी हवा के असर को कम करने के लिए पर्याप्त पानी पिएं।
नमी बनाए रखें- कमरे में ह्यूमिडिफायर या पानी से भरा बर्तन रखने से नमी बनी रहती है।
सीधे एयर कंडीशनर की हवा से बचें- एयर कंडीशनर की ठंडी हवा सीधे चेहरे या गले पर न लगने दें।
बाहर-भीतर के तापमान में संतुलन रखें- अचानक बहुत गर्म से बहुत ठंडे माहौल में जाने से बचें।
डॉक्टर अक्षय बधुराज
अगर खांसी लंबे समय तक बनी रहती है, या इसके साथ बुखार, सांस लेने में तकलीफ, या सीने में जकड़न हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
डिस्क्लेमर- एयर कंडीशनर गर्मियों में राहत जरूर देता है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल आपकी सेहत पर असर डाल सकता है। खांसी जैसी समस्याओं से बचने के लिए जरूरी है कि आप एयर कंडीशनर का इस्तेमाल संतुलित तरीके से करें, साफ-सफाई का ध्यान रखें और अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें। साथ ही समस्या अधिक बढ़ने पर डॉक्टर के पास जाएं।
हां, लंबे समय तक या गलत तरीके से त्वचा में सूखापन, सिरदर्द, थकान, गले में खराश और मांसपेशियों में जकड़न की समस्याएं हो सकती हैं।
एयर कंडीशनर इंफेक्शन नहीं करता, लेकिन गंदे फिल्टर और खराब मेंटेनेंस की वजह से बैक्टीरिया और फंगस फैल सकते हैं, जो श्वसन संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
गर्मी में एसी (AC) को 24°C से 26°C के बीच चलाना सबसे अच्छा माना जाता है।
एसी में रहने से खांसी मुख्य रूप से शुष्क हवा, गंदे फिल्टर से धूल-मिट्टी और तापमान के अचानक बदलाव के कारण होती है।