
Also Read
Medically Verified By: Dr. Pradeep Kumar Nayak
chest pain
सांस लेते वक्त छाती के सिर्फ एक तरफ दर्द उठना, यह शिकायत कई अलग-अलग वजहों से हो सकती है। कई बार यह सिर्फ मांसपेशी में खिंचाव या पॉश्चर गड़बड़ होने जैसी मामूली बात होती है, तो कई बार इसके पीछे फेफड़े, दिल या छाती के आसपास के टिश्यू से जुड़ी कोई असली समस्या छिपी होती है। खासकर अगर गहरी सांस लेने, खांसने या शरीर हिलाने पर दर्द बढ़ जाए, तो इसकी वजह समझना जरूरी हो जाता है। हर बार इसे 'बस गैस है' या 'मसल्स का दर्द है' कहकर टाल देना ठीक नहीं।
ऐसा क्यों होता है, इसका सटीक कारण जानने के लिए हमने धर्मशिला नारायणा अस्पताल, दिल्ली के निदेशक एवं प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रदीप कुमार नायक से बात की। उन्होंने छाती में एक तरफा दर्द होने के कारण तो बताए ही, साथ ही यह भी बताया कि कब समस्या गंभीर हो जाती है और डॉक्टर के पास जाना जरूरी हो जाता है।
दर्द सिर्फ एक तरफ ही क्यों महसूस होता है?
डॉक्टर बताते हैं कि सांस लेते समय फेफड़े फूलते और सिकुड़ते रहते हैं। इनके चारों ओर प्लूरा नाम की एक बारीक झिल्ली लिपटी होती है। अगर यही झिल्ली किसी वजह से सूज जाए या उसमें जलन हो जाए, तो सांस लेते समय एक तरफ तेज या चुभने जैसा दर्द महसूस हो सकता है- इसे डॉक्टरी भाषा में प्ल्यूरिटिक चेस्ट पेन कहते हैं।
यह दर्द अक्सर गहरी सांस लेने या खांसने पर और बढ़ जाता है। इसके अलावा छाती की मांसपेशियों या पसलियों के आसपास खिंचाव होने पर भी सांस लेते वक्त दर्द बढ़ सकता है, क्योंकि यह हिस्सा हर सांस के साथ लगातार काम कर रहा होता है।
अगर हाल ही में जिम गए हों, वजन उठाया हो, तेज खांसी हुई हो या अचानक शरीर मोड़ा हो, तो छाती की मांसपेशियों में स्ट्रेन आ सकता है। ऐसे में एक तरफ दर्द महसूस होता है, और हाथ या शरीर घुमाने पर यह और बढ़ जाता है। अगर उस जगह को दबाने पर दर्द महसूस हो, तो यह भी मसल्स से जुड़ी दिक्कत की तरफ इशारा करता है। ऐसे दर्द में आराम करने और एक्टिविटी थोड़ी कम कर देने से राहत मिल जाती है। लेकिन अगर दर्द बना ही रहे या बढ़ता जाए, तो डॉक्टर को दिखाना ही समझदारी है।
फेफड़ों को कवर करने वाली झिल्ली में सूजन को प्ल्यूरिसी कहते हैं, और इसकी वजह वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन समेत कई चीजें हो सकती हैं। इसमें सांस लेते वक्त अक्सर चुभने जैसा या तेज दर्द उठता है, और खांसने-छींकने पर भी बढ़ जाता है। अगर इसके साथ बुखार, खांसी, सांस फूलना या कमजोरी जैसे लक्षण भी हों, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलना चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर छाती की जांच और कुछ टेस्ट भी सुझा सकते हैं।
निमोनिया दरअसल फेफड़ों का इंफेक्शन है, और कुछ लोगों में इस दौरान सांस लेने या खांसने पर छाती में दर्द होने लगता है। इसके साथ बुखार, खांसी, बलगम, सांस लेने में दिक्कत और थकान जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं। निमोनिया का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि वजह क्या है और मामला कितना गंभीर है। इसलिए अगर चेस्ट पेन के साथ इंफेक्शन के लक्षण दिख रहे हों, तो खुद से कोई दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना ही बेहतर रहता है।
कुछ मामलों में अचानक शुरू हुआ तेज, एक तरफा चेस्ट पेन फेफड़ों में ब्लड क्लॉट यानी पल्मोनरी एम्बोलिज्म का संकेत भी हो सकता है। इसमें सांस लेने पर दर्द बढ़ जाता है, और साथ में अचानक सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज होना, चक्कर या बेहोशी जैसी दिक्कतें भी आ सकती हैं।
यह एक मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है। अगर चेस्ट पेन अचानक और बहुत तेज शुरू हुआ हो, और साथ में सांस लेने में गंभीर दिक्कत, बेहोशी या खून वाली खांसी हो, तो देर किए बिना तुरंत इमरजेंसी मेडिकल हेल्प लें।
गैस और एसिडिटी की वजह से भी छाती में दर्द या जलन महसूस हो सकती है। यह सच है। लेकिन सांस से जुड़े हर तरह के चेस्ट पेन को गैस का दर्द मान लेना गलत होगा। गैस में आमतौर पर पेट फूलना, डकार आना, सीने में जलन या खाने के बाद तकलीफ जैसे लक्षण साथ में होते हैं। अगर दर्द नया है, बार-बार लौट रहा है या इसकी वजह साफ नहीं है, तो एक बार डॉक्टर से जांच करा लेना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।
अगर एक तरफ का चेस्ट पेन अचानक शुरू हुआ है, बहुत तेज है या लगातार बढ़ता जा रहा है, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें। खासकर अगर साथ में सांस लेने में दिक्कत, बहुत ज्यादा पसीना, चक्कर, बेहोशी, तेज धड़कन, खून वाली खांसी हो या दर्द हाथ, कंधे, पीठ या जबड़े तक फैलने लगे - तो यह किसी गंभीर स्थिति का इशारा हो सकता है।
यह मान लेना ठीक नहीं है कि दिल से जुड़ा दर्द हमेशा सिर्फ बाईं तरफ ही होता है। इसलिए छाती में कोई नया या असामान्य दर्द सिर्फ इसलिए नजरअंदाज न करें कि वह एक ही तरफ महसूस हो रहा है।
एक तरफा चेस्ट पेन की असली वजह जानने के लिए डॉक्टर आमतौर पर पूछते हैं कि लक्षण कब से हैं, दर्द कैसा महसूस होता है और साथ में और क्या-क्या दिक्कतें हैं। जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन लेवल, ईसीजी, छाती का एक्स-रे या कुछ और जांच भी करवाई जा सकती हैं। सही वजह सामने आने के बाद ही सही इलाज तय होता है।
अगर सांस लेते वक्त कभी-कभार हल्का सा एक तरफा दर्द होता है और उसकी वजह साफ तौर पर मसल्स में खिंचाव जैसी कोई मामूली बात लगती है, तो भी लक्षणों पर नजर बनाए रखें। पर अगर दर्द बना ही रहे, बार-बार लौटे, या सांस से जुड़े दूसरे लक्षणों के साथ आए, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। और अगर दर्द अचानक बहुत तेज हो या सांस लेने में गंभीर परेशानी महसूस हो, तो एक पल भी गंवाए बिना तुरंत मेडिकल मदद लें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विशेषज्ञ की सलाह पर आधारित है, लेकिन यह किसी चिकित्सीय परामर्श या उपचार का विकल्प नहीं है। अगर आपको सांस लेते समय बहुत ही अधिक दर्द हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।