हार्ट ब्लॉकेज क्यों होता है और कैसे पहचानें?

Heart Blockage: हृदय शरीर का अहम अंग है। लेकिन, कई बार इसमें ब्लॉकेज हो जाती है। जानें, कैसे करें पहचान-

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Written By: Dr. Amit Bhushan Sharma | Published : April 28, 2026 7:15 PM IST

Heart Blockage: आजकल दिल की बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इनमें सबसे आम और खतरनाक है-हार्ट ब्लॉकेज। दरअसल, जब हृदय तक खून पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आने लगती है, तो इसी को सामान्य भाषा में हार्ट ब्लॉकेज कहा जाता है। इस स्थिति का समय पर पता चला बहुत जरूरी होता है। वरना, हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है। यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है। आइए, समझते हैं कि हार्ट ब्लॉकेज कैसे और क्यों होता है?

हार्ट ब्लॉकेज क्या है?

हृदय को लगातार ऑक्सीजन और पोषण की जरूरत होती है। कोरोनरी आर्टरीज, हृदय तक खून पहुंचाने का काम करती हैं। जब इन धमनियों की अंदरूनी दीवारों पर फैट, कोलेस्ट्रॉल, कैल्शियम और सूजन वाली कोशिकाएं जमा होने लगती हैं, तो एक परत बन जाती है जिसे प्लाक कहा जाता है। धीरे-धीरे प्लाक धमनियों को संकरा कर देता है, जिससे खून का प्रवाह कम हो जाता है। इसी स्थिति हार्ट ब्लॉकेज कहा जाता है।

हार्ट ब्लॉकेज क्यों होता है?

आपको बता दें कि हार्ट ब्लॉकेज अचानक नहीं होता है। यह धीरे-धीरे विकसित होता है, लेकिन शरीर में इसके लक्षण महसूस नहीं होते हैं। हार्ट ब्लॉकेज के कुछ जोखिम कारक हो सकते हैं।

1. हाई कोलेस्ट्रॉल

बैड कोलेस्ट्रॉल हार्ट ब्लॉकेज का कारण बन सकता है। दरअसल, बैड कोलेस्ट्रॉल धमनियों में जमा होकर प्लाक बनाता है। अगर शरीर में लंबे समय तक कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा हुआ रहता है, तो हृदय ब्लॉकेज का खतरा बढ़ सकता है।

2. हाई ब्लड प्रेशर

हाई ब्लड प्रेशर भी हार्ट ब्लॉकेज का कारण बन सकता है। हाई ब्लड प्रेशर, धमनियों की दीवारों को नुकसान पहुंचाता है। इससे उनमें फैट आसानी से जमा हो जाता है और ब्लॉकेज का खतरा बढ़ जाता है।

3. डायबिटीज

डायबिटीज रोगियों में भी हार्ट ब्लॉकेज का खतरा ज्यादा बना रहता है। हाई ब्लड शुगर की वजह से रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है। इससे ब्लॉकेज तेजी से बढ़ सकता है और हृदय रोग विकसित हो सकते हैं।

4. अनहेल्दी लाइफस्टाइल

अनहेल्दी लाइफस्टाइल की वजह से हार्ट ब्लॉकेज हो सकता है। धूम्रपान और तंबाकू का सेवन करने से हार्ट ब्लॉकेज हो सकती है। दरअसल, धूम्रपान करने से धमनियों में सूजन बढ़ती है, इससे खून गाढ़ा होता है और क्लॉट बनने का खतरा बढ़ जाता है। मोटापा, ज्यादा मसालेदार खाना और जंक फूड भी हार्ट ब्लॉकेज के खतरे को बढ़ाता है।

5. तनाव

जो लोग लंबे समय तक तनाव में रहते हैं, उनमें हार्ट ब्लॉकेज का खतरा ज्यादा बना रहता है। तनाव में रहने से हृदय रोगों का जोखिम बढ़ता है।

हार्ट ब्लॉकेज के लक्षणों की पहचान कैसे करें?

हार्ट ब्लॉकेज होने पर शरीर में कुछ लक्षण महसूस हो सकते हैं। इसमें शामिल हैं-

  • हार्ट ब्लॉकेज की वजह से सीने में दर्द, जलन, दबाव और भारीपन जैसा महसूस हो सकता है। सीढ़ी चढ़ने या मेहनत करने पर सीने में ज्यादा दर्द हो सकता है।
  • थोड़ा-सा काम करने या हल्की गतिविधि करने से सांस फूलने की दिक्कत हो सकती है। दम घुटने जैसा महसूस हो सकता है।
  • हार्ट ब्लॉकेज की वजह से हाथ, जबड़े और कंधों में तेज दर्द हो सकता है। गर्दन और पीठ में भी दर्द हो सकता है।
  • खून की सप्लाई प्रभावित होने की वजह से कमजोरी और बेहोशी हो सकती है।

हार्ट ब्लॉकेज की जांच कैसे होती है?

जब हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण महसूस होते हैं, तो डॉक्टर इसका पता लगाने के लिए कुछ टेस्ट लिख सकते हैं।

  • ईसीजी: दिल की धड़कन और इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी जांचने के लिए ईसीजी किया जाता है।
  • स्ट्रेस टेस्ट: हार्ट ब्लॉकेज का पता लगाने के लिए स्ट्रेस टेस्ट भी किया जाता है।
  • इकोकार्डियोग्राफी: दिल की पंपिंग और वाल्व की स्थिति जांचने के लिए इस टेस्ट को किया जा सकता है।
  • कोरोनरी एंजियोग्राफी: हार्ट ब्लॉकेज की जांच के लिए इसे सबसे सटीक जांच माना जाता है।

अगर सीने में दर्द, जकड़न, सांस लेने में तकलीफ आदि लक्षण महसूस हो तो इनकी अनदेखी बिल्कुल न करें और तुरंत डॉक्टर से मिलें। इस स्थिति में डॉक्टर हृदय की जांच करते हैं और जरूरत पड़ने पर दवा लिखते हैं।

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