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BP क्यों बढ़ता है? जानिए ब्लड प्रेशर बढ़ने की वजह और कब बन सकता है खतरनाक

ब्लड प्रेशर बढ़ना एक आम समस्या है, लेकिन आजकल इसके मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। खराब खान-पान और तनाव हाई बीपी के सबसे मुख्य कारण माने जाते हैं। लेकिन, यह स्थिति खतरनाक कब बनती है, आइए जानते हैं-

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Written By: Anju Rawat | Published : July 24, 2026 1:51 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Sunil Rana

High Blood Pressure: हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन दुनिया की सबसे आम, लेकिन सबसे खतरनाक स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। लंबे समय तक हाई बीपी के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते हैं और यह शरीर को अंदर-ही-अंदर नुकसान पहुंचा रहा होता है, इसलिए इसे साइलेंट किलर कहा जाता है। जब लंबे समय तक ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ रहता है, तो इससे हृदय, मस्तिष्क और किडनी को नुकसान पहुंच सकता है और कुछ मामलों में हाई बीपी जीवन के लिए भी खतरा बन सकता है। आइए, एशियन हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डॉ. सुनिल राणा (Dr Sunil Rana, internal medicine doctor at Asian Hospital) से जानते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर के प्रमुख कारण क्या होते हैं और यह स्थिति कब खतरनाक बनती है।

आपको बता दें कि ब्लड प्रेशर वह दबाव है, जिससे हृदय शरीर में रक्त को धमनियों के माध्यम से पंप करता है। डॉ. सुनिल बताते हैं कि 120/80 mmHg को सामान्य बीपी माना जाता है। अगर यह बार-बार 140/90 mmHg या इससे अधिक रहता है, तो इसे हाई ब्लड प्रेशर माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के साल 2024 के आंकड़ों के अनुसार, दुनियाभर में 140 करोड़ लोग हाई बीपी से प्रभावित हैं। इनमें से कई लोग ऐसे हैं, जिन्हें पता ही नहीं है कि उन्हें हाई बीपी है।

ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ता है?

अधिकतर लोगों में बीपी बढ़ने के कारण का पता नहीं चल पाता है। लेकिन, कुछ कारक होते हैं जो बीपी के बढ़ने की वजह बन सकते हैं। जैसे-

1. ज्यादा नमक का सेवन करना

ज्यादा नमक खाने से बीपी बढ़ सकता है। दरअसल, ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ता है और बीपी बढ़ने लगता है। अगर आप पैकेज्ड फूड, चिप्स, नमकीन, अचार और प्रोसेस्ड फूड का सेवन ज्यादा करेंगे, तो इससे सोडियम की मात्रा बढ़ सकती है।

2. तनाव में रहने से

लंबे समय तक तनाव या चिंता में रहने से शरीर में हार्मोन का स्तर गड़बड़ा जाता है, इससे हृदय गति और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। इसलिए अगर आपको तनाव या अनिद्रा जैसी समस्याएं हैं, तो इस योग और मेडिटेशन का सहारा लिया जा सकता है।

3. शारीरिक गतिविधि की कमी

अगर आप रेगुलर एक्सरसाइज नहीं करते हैं, तो इससे मोटापा बढ़ सकता है और बढ़ा हुआ वजन ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए आपको शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान जरूर रखना चाहिए, इससे रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

4. धूम्रपान और शराब का सेवन करना

धूम्रपान और शराब का सेवन करने से बीपी बढ़ सकता है। सिगरेट में निकोटिन होता है, इससे रक्त वाहिकाएं संकरी हो जाती है और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। ज्यादा शराब पीने से भी लंबे समय के बाद हाई बीपी बढ़ सकता है।

5. बढ़ती उम्र

उम्र बढ़ने के साथ रक्त वाहिकाएं कठोर होने लगती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। बढ़ती उम्र के लोगों में हाई बीपी की समस्या ज्यादा देखने को मिल सकती है। हालांकि, अब युवाओं में भी हाई बीपी के मामले सामने आ रहे हैं। इनके अलावा किडनी रोग, थायरॉयड की समस्याएं, स्लीप एपनिया, मधुमेह और कुछ हार्मोनल विकार भी हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकते हैं।

हाई बीपी के लक्षण क्या हैं?

ज्यादातर मामलों में शुरुआत में हाई बीपी के लक्षण स्पष्ट नहीं हो पाते हैं। इसके लक्षण तब दिखाई देते हैं, जब हृदय को नुकसान पहुंचने लगता है। यही वजह है कि इसे साइलेंट किलर कहा जाता है। लेकिन, कुछ आम लक्षण है जो महसूस हो सकते हैं इसलिए इनकी अनदेखी न करें। जैसे-

  • बार-बार सिरदर्द होना
  • चक्कर आना
  • धुंधला दिखाई देना
  • सांस फूलना
  • सीने में दर्द
  • नाक से खून आना (कुछ मामलों में)
  • दिल की धड़कन तेज महसूस होना

अगर आपको ये लक्षण महसूस होते हैं, तो हाई बीपी की जांच जरूर कराएं। हालांकि, बिना इन लक्षणों के भी शरीर में बीपी बढ़ा हुआ हो सकता है। इसलिए अगर आपको ये लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं, फिर भी नियमित रूप से जांच जरूर कराएं।

हाई बीपी कब बन सकता है खतरनाक?

हाई बीपी कई सालों तक बिना किसी लक्षण के हो सकता है। अगर इसका समय पर जांच और इलाज न हो, तो यह शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है और खतरनाक हो सकता है।

हृदय स्वास्थ्य को नुकसान

हाई ब्लड प्रेशर की वजह से दिल की सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। हाई बीपी की वजह से हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है। इससे हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और अनियमित धड़कन आदि का खतरा बढ़ सकता है। जब हाई बीपी की वजह से हृदय स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचने लगता है, तो स्थिति खतरनाक हो सकती है।

मस्तिष्क पर असर कर सकता है हाई बीपी

हाई बीपी मस्तिष्क स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। अगर लंबे समय तक बीपी बिना इलाज के रहे तो स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। इससे याद्दाश्त कमजोर पड़ सकती है और कुछ मामलों में डिमेंशिया भी हो सकता है।

किडनी को प्रभावित कर सकता है हाई बीपी

हाई ब्लड प्रेशर का इलाज न कराया जाए तो यह किडनी को भी बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है और यह स्थिति खतरनाक हो सकती है। हाई ब्लड प्रेशर, किडनी की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाकर किडनी फेलियर का खतरा बढ़ा सकता है।

आंखों पर असर डालता है हाई बीपी

हाई ब्लड प्रेशर आंखों की सेहत पर भी असर डाल सकता है। दरअसल, हाई बीपी की वजह से रेटिना की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है और इससे आंखें कमजोर हो सकती हैं। इतना ही नहीं, कुछ गंभीर मामलों में तो अंधापन भी हो सकता है।

हाई बीपी से बचने के लिए क्या करें?

  • हाई ब्लड प्रेशर से बचने के लिए आप जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करके इसे नियंत्रित कर सकते हैं।
  • इसके लिए नमक का सेवन सीमित मात्रा में करें।
  • रोज कम से कम 30 मिनट की वॉक करें या एक्सरसाइज करें।
  • धूम्रपान और शराब से पूरी तरह से दूरी बनाकर रखें।
  • लंबे समय तक तनाव में रहने से बीपी की दिक्कत बढ़ सकती है, इसके लिए योग और मेडिटेशन का सहारा लें।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के बीपी की दवाइयां बंद न करें।
  • मोटापा हाई बीपी के खतरे को बढ़ाता है। इसलिए वजन को कंट्रोल में रखने की कोशिश करें।
  • फल, सब्जियां, साबुत अनाज और कम वसा वाले फूड का सेवन करें।
  • घर पर समय-समय पर बीपी की जांच करें।

किन लोगों को बीपी की रेगुलर जांच करानी चाहिए?

  • अगर आपकी 40 साल से ज्यादा उम्र है बीपी की रेगुलर जांच जरूर कराएं।
  • डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों को भी बीपी की जांच करानी चाहिए।
  • अगर आप धूम्रपान करते हैं या शराब पीते हैं तो बीपी की जांच कराएं।
  • परिवार में बीपी का इतिहास रहा है तो इसकी नियमित जांच बहुत जरूरी है।
  • किडनी या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को भी बीपी की जांच करानी चाहिए।

Disclaimer: हाई बीपी आम समस्या है, लेकिन अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए तो यह हृदय, किडनी और आंखों की सेहत को प्रभावित कर सकता है। लंबे समय तक हाई बीपी के लक्षण स्पष्ट नहीं होते हैं, इसलिए समय-समय पर जांच कराना बहुत जरूरी है। अगर आपको बार-बार सिरदर्द की समस्या होती है, तो बीपी की जांच जरूर कराएं। अगर परिवार में किसी को हाई बीपी की दिक्कत है, तो भी समय-समय पर इसकी जांच कराना बहुत जरूरी है।