Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

हमें नींद में झटके क्यों आते हैं? डॉक्टर से जानें कारण

Jerks During Sleep: क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ है कि जैसे ही आप गहरी या अच्छी नींद में जाते हैं तो अचानक ही झटका लगता है? अगर हां तो आइए डॉक्टर से जानते हैं ऐसा क्यों होता है।

हमें नींद में झटके क्यों आते हैं? डॉक्टर से जानें कारण
VerifiedVERIFIED By: Dr. Akshay Budhraja

Written by Vidya Sharma |Updated : February 16, 2026 5:47 PM IST

Neend Mai Jhatke Lagne Ka Karan: हम में से कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि सोते समय झटके से महसूस होते हैं। नींद में अचानक शरीर में झटका लगना, ऐसा महसूस होना जैसे हम कहीं गिर रहे हों, या हाथ-पैरों का शॉक से हिल जाना, यह अनुभव कई लोगों को होता है। कई बार इससे नींद खुल जाती है और व्यक्ति घबरा जाता है। ऐसी स्थिति आकाश हेल्थकेयर के रेस्पिरेट्री एंड स्लीप मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट और एचओडी डॉक्टर अक्षय बधुराज बताते हैं कि 'इसे मेडिकल भाषा में ‘स्लीप जर्क’ या ‘हाइपनिक जर्क’ कहा जाता है और ज्यादातर मामलों में यह सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है।'

वह आगे बताते हैं कि ‘नींद में झटके आना आम बात है। जब हमारा शरीर जागने की अवस्था से गहरी नींद की ओर जाता है, तो मांसपेशियां रिलैक्स होने लगती हैं। इसी दौरान दिमाग कभी-कभी इसे गिरने जैसा सिग्नल समझ लेता है और शरीर अचानक प्रतिक्रिया देता है। यही झटका महसूस होता है।’ आइए लेकिन ऐसा होने के अन्य मुख्य कारण क्या है और नींद में इन झटकों को आने कैसे रोका जा सकता है, आइए डॉक्टर से विस्तार से जानते हैं।

नींद में झटके आने के मुख्य कारण

डॉ अक्षय के अनुसार, नींद में झटके आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे अत्यधिक तनाव और चिंता, कैफीन का ज्यादा सेवन, अनियमित नींद का समय, थकान या नींद की कमी और देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल आदि।

Also Read

More News

कब हो सकता है गंभीर संकेत?

अधिकतर मामलों में यह समस्या हानिरहित होती है। लेकिन यदि झटके बार-बार आएं, साथ में सांस रुकने जैसा महसूस हो, तेज धड़कन हो या दिन में भी असामान्य हरकतें हों, तो यह किसी न्यूरोलॉजिकल या स्लीप डिसऑर्डर का संकेत हो सकता है।

डॉ. स्पष्ट करते हैं, 'यदि नींद में झटकों के साथ बार-बार नींद टूट रही हो, अत्यधिक थकान महसूस हो या शरीर में अनियंत्रित कंपन हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में स्लीप स्टडी या न्यूरोलॉजिकल जांच की जरूरत पड़ सकती है।'

क्या है इसका इलाज?

सामान्य स्लीप जर्क के लिए दवा की आवश्यकता नहीं होती। जीवनशैली में सुधार ही सबसे प्रभावी उपाय है। डॉक्टर सलाह देते हैं, ‘सोने और जागने का समय तय रखें, कैफीन शाम के बाद न लें, सोने से पहले स्क्रीन से दूरी बनाएं और रिलैक्सेशन तकनीक जैसे गहरी सांस या मेडिटेशन अपनाएं। इससे नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है और झटकों की समस्या कम हो सकती है।’

नींद में झटके आना अधिकतर मामलों में सामान्य शारीरिक प्रतिक्रिया है, घबराने की जरूरत नहीं। लेकिन यदि यह समस्या लगातार और परेशान करने वाली हो जाए, तो विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है। सही जानकारी और स्वस्थ दिनचर्या अपनाकर आप बेहतर और शांतिपूर्ण नींद पा सकते हैं।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Highlights

  • नींद में झटके आना मांसपेशियों के रिलैक्स होने का संकेत देता है।
  • तनाव और चिंता, ज्यादा कैफीन और अनियमित नींद का समय की वजह से नींद में झटके लग सकते हैं।
  • डॉक्टर बताते हैं कि मेडिटेशन करने से स्लीप जर्क को कम किया जा सकता है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।