दिल्ली की गर्मी में UTI के मामले क्यों बढ़ जाते हैं? सीनियर डॉक्टर से जानिए बचने के तरीके

दिल्ली की गर्मियों में UTI बढ़ना सिर्फ संयोग नहीं है, बल्कि इसके पीछे डिहाइड्रेशन, खराब आदतें और मौसम से जुड़े कई कारण होते हैं। सही जागरूकता, पर्याप्त पानी और समय पर इलाज से इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Published : May 6, 2026 6:12 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Anupam Roy

दिल्ली की तेज गर्मियां सिर्फ सिर्फ लोगों को बाहरी रूप से परेशान नहीं करती बल्कि महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी UTI का खतरा भी बढ़ा देती हैं। वैसे तो UTI कभी भी किसी को भी हो सकता है, लेकिन डॉक्टर अक्सर गर्मियों के पीक सीजन में इसके मामलों में साफ बढ़ोतरी देखते हैं। इसके पीछे डिहाइड्रेशन, लाइफस्टाइल आदतें और मौसम से जुड़े कई कारण होते हैं। लेकिन अगर UTI के सबसे बड़े कारण की बात की जाए तो वह क्या है? दिल्ली के द्वारका स्थित आकाश हेल्थकेयर मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में नेफ्रोलॉजिस्ट व किडनी ट्रांसप्लांट विभाग के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. अनुपम रॉय कहते हैं कि सबसे बड़ा कारण है शरीर में पानी की कमी। तेज गर्मी में शरीर से पसीने के जरिए काफी पानी निकल जाता है। अगर उतना पानी वापस नहीं लिया जाए, तो यूरिन ज्यादा गाढ़ा हो जाता है। इससे बैक्टीरिया को यूरिनरी ट्रैक्ट में बढ़ने का मौका मिल जाता है जिससे यूटीआई होता है। वहीं, पर्याप्त पानी पीने से यूरिन पतला रहता है और बैक्टीरिया शरीर से बाहर निकलते रहते हैं।

UTI महिलाओं को ज्यादा क्यों होता है?

महिलाओं में UTI का खतरा इसलिए ज्यादा होता है क्योंकि उनकी यूरेथ्रा छोटी होती है, जिससे बैक्टीरिया आसानी से ब्लैडर तक पहुंच सकते हैं। गर्मियों में डिहाइड्रेशन होने पर यह खतरा और बढ़ जाता है और इंफेक्शन जल्दी पकड़ बना सकता है। एक और बड़ी वजह है देर तक यूरिन रोककर रखना। कई शहरी महिलाएं काम, ट्रैवल, साफ पब्लिक टॉयलेट की कमी या बिजी शेड्यूल की वजह से यूरिन रोक लेती हैं। इससे बैक्टीरिया को ब्लैडर में बढ़ने के लिए ज्यादा समय मिल जाता है। गर्मियों में जब शरीर पहले से डिहाइड्रेटेड होता है, तब यह आदत और नुकसान पहुंचा सकती है।

यूटीआई के और क्या कारण हो सकते हैं?

  • कपड़ों का चुनाव भी यूटीआई होने में भूमिका निभा सकता है। बहुत टाइट या सिंथेटिक कपड़े गर्मी और पसीने को फंसा लेते हैं, जिससे नमी बढ़ती है और बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। इससे यूरिनरी और वेजाइनल इंफेक्शन दोनों का खतरा बढ़ सकता है।
  • गर्मियों में सही हाइजीन का ध्यान न रखना भी परेशानी बढ़ा सकता है। ज्यादा पसीना आने और लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहने से बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं।
  • जो महिलाएं ज्यादा ट्रैवल करती हैं या लंबे समय तक बाहर रहती हैं, उनमें यह खतरा और ज्यादा हो सकता है।

यूटीआई वालों को कैसे लक्षण महसूस होते हैं?

UTI के लक्षणों में पेशाब के दौरान जलन, बार-बार पेशाब लगना, अचानक यूरिन की जरूरत महसूस होना, पेट के निचले हिस्से में दर्द और कभी-कभी बुखार शामिल हैं। लेकिन कई बार महिलाएं इन शुरुआती लक्षणों को गर्मी की सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे इलाज में देरी हो जाती है।

गर्मियों में यूटीआई से बचने के लिए क्या करें?

  • गर्मियों में UTI से बचने के लिए कुछ आसान लेकिन नियमित आदतें अपनाना जरूरी है। निम्न बातों को अपनाकर यूटीआई से बचा जा सकता है:
  • सबसे जरूरी है पर्याप्त पानी पीना ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। नारियल पानी और छाछ जैसे नेचुरल ड्रिंक्स भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।
  • यूरिन आने पर तुरंत पास करें। ज्यादा देर तक रोकने से इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है।
  • गर्मियों में कॉटन जैसे हल्के कपड़े पहनना बेहतर होता है।
  • पसीना आने के बाद साफ-सफाई का ध्यान रखना रखें।
  • बहुत ज्यादा मीठे ड्रिंक्स, कोल्ड ड्रिंक्स या कैफीन शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ा सकते हैं और ब्लैडर को भी इरिटेट करते हैं। इनके बजाय पानी से भरपूर फल और हल्का खाना शरीर और यूरिनरी हेल्थ के लिए बेहतर होता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल आपकी जागरुकता के लिए हैं। अगर आपको लंबे समय तक कोई खास लक्षण महसूस हो रहा है तो परेशान न हो, समय पर डॉक्टर को दिखाकर जांच कराएं।

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