
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : May 6, 2026 6:12 PM IST
Medically Verified By: Dr. Anupam Roy
दिल्ली की तेज गर्मियां सिर्फ सिर्फ लोगों को बाहरी रूप से परेशान नहीं करती बल्कि महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी UTI का खतरा भी बढ़ा देती हैं। वैसे तो UTI कभी भी किसी को भी हो सकता है, लेकिन डॉक्टर अक्सर गर्मियों के पीक सीजन में इसके मामलों में साफ बढ़ोतरी देखते हैं। इसके पीछे डिहाइड्रेशन, लाइफस्टाइल आदतें और मौसम से जुड़े कई कारण होते हैं। लेकिन अगर UTI के सबसे बड़े कारण की बात की जाए तो वह क्या है? दिल्ली के द्वारका स्थित आकाश हेल्थकेयर मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में नेफ्रोलॉजिस्ट व किडनी ट्रांसप्लांट विभाग के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. अनुपम रॉय कहते हैं कि सबसे बड़ा कारण है शरीर में पानी की कमी। तेज गर्मी में शरीर से पसीने के जरिए काफी पानी निकल जाता है। अगर उतना पानी वापस नहीं लिया जाए, तो यूरिन ज्यादा गाढ़ा हो जाता है। इससे बैक्टीरिया को यूरिनरी ट्रैक्ट में बढ़ने का मौका मिल जाता है जिससे यूटीआई होता है। वहीं, पर्याप्त पानी पीने से यूरिन पतला रहता है और बैक्टीरिया शरीर से बाहर निकलते रहते हैं।
महिलाओं में UTI का खतरा इसलिए ज्यादा होता है क्योंकि उनकी यूरेथ्रा छोटी होती है, जिससे बैक्टीरिया आसानी से ब्लैडर तक पहुंच सकते हैं। गर्मियों में डिहाइड्रेशन होने पर यह खतरा और बढ़ जाता है और इंफेक्शन जल्दी पकड़ बना सकता है। एक और बड़ी वजह है देर तक यूरिन रोककर रखना। कई शहरी महिलाएं काम, ट्रैवल, साफ पब्लिक टॉयलेट की कमी या बिजी शेड्यूल की वजह से यूरिन रोक लेती हैं। इससे बैक्टीरिया को ब्लैडर में बढ़ने के लिए ज्यादा समय मिल जाता है। गर्मियों में जब शरीर पहले से डिहाइड्रेटेड होता है, तब यह आदत और नुकसान पहुंचा सकती है।
UTI के लक्षणों में पेशाब के दौरान जलन, बार-बार पेशाब लगना, अचानक यूरिन की जरूरत महसूस होना, पेट के निचले हिस्से में दर्द और कभी-कभी बुखार शामिल हैं। लेकिन कई बार महिलाएं इन शुरुआती लक्षणों को गर्मी की सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे इलाज में देरी हो जाती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल आपकी जागरुकता के लिए हैं। अगर आपको लंबे समय तक कोई खास लक्षण महसूस हो रहा है तो परेशान न हो, समय पर डॉक्टर को दिखाकर जांच कराएं।