
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Updated : May 6, 2026 3:46 PM IST
Medically Verified By: Dr. Neetu Jain
inhaler uses
क्या आपको अस्थमा है और आप भी इन्हेलर यूज करने में कतराते हैं? अगर हां, तो ऐसे आप अकेले नहीं है। कई अस्थमा रोगी इन्हेलर का इस्तेमाल करना पसंद नहीं करते हैं। कुछ लोगों को सार्वजनिक जगह पर इन्हेलर लेने में झिझक होती है, तो कुछ लोगों को डर रहता है कि कहीं इसकी आदत न पड़ जाए। वहीं, कुछ लोगों के मन में यह भी भ्रम होता है कि इन्हेलर लेने से वजन बढ़ता है या शरीर को नुकसान पहुंचता है। ऐसे मिथकों और गलत धारणाओं के कारण लोग सही इलाज लेने से पीछे हट जाते हैं, जिससे उनकी समस्या और गंभीर हो सकती है। जबकि हकीकत यह है कि डॉक्टर इन्हेलर को अस्थमा और अन्य सांस संबंधी बीमारियों के इलाज का सबसे असरदार और सुरक्षित तरीका मानते हैं। इन्हेलर दवा को सीधे फेफड़ों तक पहुंचाता है। इससे तुरंत राहत मिलती है और दवाइयों की तुलना में दुष्प्रभाव भी बेहद कम होते हैं। इसलिए जरूरी है कि हम इन्हेलर से जुड़े डर और भ्रम को दूर करें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इसका सही इस्तेमाल करें। आइए, विश्व अस्थमा दिवस (हर साल 5 मई को मनाया जाता है) के मौके पर जानते हैं कुछ ऐसे ही लोगों की कहानी जो इन्हेलर लेने में कतराते हैं।
द्वारका निवासी 30 वर्षीय संगीता रावत बताती हैं, "मुझे कई सालों से अस्थमा की बीमारी है और 2 बार अस्थमा अटैक आ चुका है। इसलिए डॉक्टर ने मुझे अब काफी सावधानी बरतने की सलाह दी है। मैंने महसूस किया है कि जब-जब मैं इन्हेलर का यूज करती हूं, मेरा वजन बढ़ने लगता है। इसलिए मैं लंबे समय तक इन्हेलर का इस्तेमाल नहीं करती हूं। हालांकि, मैं अपने साथ हमेशा इन्हेलर रखती हूं ताकि जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल कर सकूं। लेकिन मैं रोजाना इन्हेलर का यूज नहीं करती हूं। कुछ समय पहले जब अस्थमा के लक्षण बिगड़ने लगे, तो मैंने लगभग 2-3 महीने तक लगातर इन्हेलर का यूज किया। इससे मेरा वजन काफी बढ़ गया था। अब मैं इमरजेंसी में ही इन्हेलर का उपयोग करती हूं।"
25 वर्षीय अवनी कौर बताती हैं, "मुझे पिछले 2 सालों से अस्थमा की बीमारी है। मुझे बार-बार खांसी होती थी और थोड़ा-सा काम करने पर ही सांस फूलने लगती थी। जब डॉक्टर को दिखाया तो अस्थमा का निदान हुआ। अस्थमा के लक्षणों को नियंत्रण में रखने के लिए डॉक्टर ने मुझे इन्हेलर और कुछ दवाइयां दीं। मैंने कुछ टाइम इन्हेलर का इस्तेमाल किया, लेकिन मेरी दादी ने इसका उपयोग करने से मना कर दिया। उनका मानना था कि इन्हेलर की आदत पड़ जाती है और इससे बीमारी कभी ठीक नहीं होती है। इसलिए मैंने इन्हेलर के बजाय हाई डोज अस्थमा मेडिसिन लेनी शुरू की। लेकिन, जब मैंने डॉक्टर से कंसल्ट किया, तो उन्होंने इन्हेलर इस्तेमाल करने का सुझाव दिया और कहा कि इससे आदत नहीं पड़ती है, बल्कि यह अस्थमा रोगियों के लिए बहुत जरूरी होता है।"
पटेल नगर निवासी अंशु पालिवाल बताती हैं, "मुझे 5 सालों से अस्थमा की बीमारी है। वैसे तो अपने साथ इन्हेलर हमेशा रखती हूं, लेकिन मुझे पब्लिक प्लेस और ऑफिस में इन्हेलर यूज करने में शर्म या झिझक महसूस होती है। दरअसल, एक बार स्कूल टाइम पर मैं इन्हेलर यूज कर रही थी, तभी स्कूल के बच्चे मुझे चिढ़ाने लगे, तब से मैं पब्लिक प्लेस में इन्हेलर यूज करने में कतराती हूं। मैं घर पर समय-समय पर इन्हेलर लेती रहती हूं, जिससे मुझे काफी आराम मिलता है। हालांकि, एमरजेंसी के लिए मैं अपने बैग में इन्हेलर जरूर रखती हूं।"
inhaler uses benefits (Image Credits: ChatGPT)
PSRI hospital में सीनियर कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजी क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन डॉ. नीतू जैन बताती हैं, " अस्थमा का मुख्य इलाज इन्हेलर होता है, जब किसी अस्थमा रोगी को पहली बार बताया जाता है कि उन्हें इन्हेलर इस्तेमाल करने की जरूरत है, तो उन्हें यह बिल्कुल अच्छा नहीं लगता है। ज्यादातर लोग इन्हेलर के बजाय दवा लेना पसंद करते हैं। कई लोगों को लगता है कि इन्हेलर लेने से इसकी आदत पड़ जाती है, इसलिए ज्यादातर लोग इसे लेना पसंद नहीं करते हैं। "
डॉ. नीते आगे बताती हैं, "इन्हेलर यानी पंप अस्थमा रोगियों के लिए एक बेहद कारगर दवा है। इन्हेलर में मौजूद डोज बेहद कम होती है, वहीं दवाइयों में ज्यादा डोज वाली दवा खानी पड़ती है। हाई डोज दवाइयों के नुकसान भी होते हैं। जबकि, इन्हेलर की मदद से ली जाने वाली दवा सीधे फेफड़ों तक पहुंचती है और अपना काम जल्दी करती है। इन्हेलर की मदद से अस्थमा रोगियों को काफी जल्दी रिलीफ मिलता है। इसलिए पंप किसी भी अस्थमा रोगी को पंप लेने से परहेज नहीं करना चाहिए। अगर आपको अस्थमा है, तो इन्हेलर लेना बहुत है। हालांकि, इन्हेलर को सही तरीके से लेना जरूरी होता है।"
जवाब- डॉ. नीतू जैन बताती हैं कि इन्हेलर लेने से वजन नहीं बढ़ता है। लेकिन, अगर आप लंबे समय तक अस्थमा की कोई दवा या स्टेरॉइड ले रहे हैं तो इससे वजन बढ़ सकता है।
जवाब- अस्थमा की पहचान के लिए इसके लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है। धूल-मिट्टी के संपर्क में आने से बार-बार एलर्जी होगा। सांस फूलना, बार-बार खांसी होना, घरघराहट की आवाज आना आदि अस्थमा के लक्षण माने जाते हैं।
Disclaimer: अस्थमा रोगियों के लिए इन्हेलर का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। अगर आप अस्थमा रोगी है तो इन्हेलर को लेकर सभी मिथकों और गलत धारणाओं को पीछे छोड़ दें। क्योंकि, इन्हेलर ही अस्थमा रोग का मुख्य इलाज होता है। दवाइयों की तुलना में इन्हेलर से अस्थमा रोगियों को ज्यादा लाभ मिलता है। अस्थमा रोगियों को अपने पास इन्हेलर जरूर रखना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर वे इसका इस्तेमाल कर सकें।
अस्थमा का सबसे सफल इलाज इनहेलर्स और निवारक दवाओं का सही समय पर उपयोग है, जो साँस के मार्ग की सूजन को कम करते हैं।
अल्पकालिक बीटा एगोनिस्ट (SABA) त्वरित राहत देने वाली दवाएं हैं । ये तुरंत असर करती हैं और लक्षणों के पहले संकेत मिलते ही इन्हें ले लेना चाहिए। लेकिन डॉक्टर की सलाह के बाद।
होम्योपैथी का उपयोग अक्सर पारंपरिक चिकित्सा (जैसे इनहेलर) के साथ एक पूरक उपचार के रूप में किया जाता है ताकि अस्थमा के दौरों की आवृत्ति और गंभीरता को कम किया जा सके।
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