
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Updated : July 2, 2025 2:30 PM IST
Medically Verified By: Dr. Rohit Sane
Heart Attack Symptoms in Men: आजकल हमारा जिस तरह का खानपान और रहन-सहन हो गया है, बीमारियां होने की संभावना भी उतनी ही बढ़ गई हैं। खासकर अगर हम दिल से जुड़ी बीमारियों की बात करें तो हार्ट अटैक के आंकड़े दिन ब दिन ऐसे बढ़ते जा रहे हैं जैसे कि महंगाई। आपको बता दें कि देशभर में कई लोग हैं जो इतने भाग्यशाली नहीं होते हैं कि हार्ट अटैक के बाद उनकी जान बच जाए या कोई समय पर आकर हॉस्पिटल ले जाए।
अगर हम भारत की बात करें तो 45 वर्ष से अधिक पुरुषों की तो फिट और हेल्दी दिखने के बाद भी वह हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। यह सिर्फ किस्मत या खराब जेनेटिक्स का मामला नहीं है। यह एक लाइफस्टाइल महामारी है जिसके छिपे हुए कारण बाद में दिल की धमनियों में खून का थक्का जमकर दिखने लगते हैं और हार्ट अटैक का कारण बनते हैं।
आज हम आपको इस लेख में पुरुषों को 45 की उम्र के बाद सबसे ज्यादा हार्ट अटैक आने के कारणों के बारे में बताने वाले हैं। हमने इस विषय पर माधवबाग के संस्थापक और प्रसिद्ध हृदय चिकित्सक डॉक्टर रोहित साने से बात कि, जिन्होंने खुलकर बताया कि 45 की उम्र के बाद पुरुषों में हार्ट अटैक आने का खतरा क्यों बढ़ रहा है? (Why The Risk Of Heart Attack Is Increasing In Men After 45 Age?)
पुरुषों की समय से पहले हार्ट अटैक से होने वाली मौतों के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका कारण है पुरानी बीमारियों का बढ़ना। आज 40 के दशक में प्रवेश कर चुके पुरुषों में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और मोटापे की समस्याएं पहले से कहीं ज्यादा हैं। अक्सर उन्हें यह पता भी नहीं होता कि ये बीमारियां उनके शरीर में मौजूद हैं। ये बीमारियां चुपचाप दिल की धमनियों की भीतरी परत को नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे खून का थक्का बनने का खतरा बढ़ता है और फिर कभी भी हार्ट अटैक आ जाता है।
भावनात्मक अभिव्यक्ति (Emotional Expression) का अभाव। पहले के समय में जॉइंट फैमिली, लोगों में आपसी संवाद और साथ बैठकर बातें करना अपनी फीलिंग एक्सप्रेस करने के तरीके थे। साथ खाने, भाई-बहनों के साथ हंसी-मजाक और खुलकर बात करने से तनाव कम होता था, लेकिन आज का आदमी अक्सर भावनात्मक रूप से अकेला महसूस करता है। धीरे-धीरे अकेले पन और मन का तनाव दिल पर बोझ बनता जाता है और सेहत को खराब करता है।
हम इमोशनली या फिजीकली, जिस भी सहनशक्ति की बात करें, आज के आदमी में ये दोनों ही बहुत कम देखने को मिलती हैं। आज का व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर भड़कता है, जल्दी थक जाता है और मानसिक रूप से अस्थिर हो जाता है। साथ ही ट्रैफिक, आलोचना या पारिवारिक विवाद जैसी छोटी समस्याएं भी हमें इमोशनली रूप से बहुत प्रभावित करती हैं। यह लगातार तनाव शरीर में इंफ्लेमेशन पैदा करता है जो धमनियों में जमी चर्बी को अस्थिर करता है और खून के थक्के बनने का कारण बनता है। इससे ब्लड क्लॉटिंग होती है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है।
आपने खबरों में देखा होगा कि कई पुरुषों को जिम में हार्ट अटैक आया है। इसका कारण पुरुषों का सिक्स-पैक के पीछे भागना, कदम गिनना, फ्लैक्स करने के लिए जिम जाना लेकिन अपने शरीर की इलास्टिसिटी, सहनशक्ति, ब्रीथ कंट्रोल और मेंटल स्ट्रेंथ को की अनदेखा कर देते हैं। शरीर को फिट रखने के लिए सिर्फ बाहर से स्ट्रेंथ नहीं चाहिए होती है, बल्कि अंदर से भी स्ट्रांग होना बहुत जरूरी है। इसलिए आप जिन भी जाएं तो शरीर को अंदर से फिट रखें।
हार्ट अटैक सिर्फ एक मेडिकल इवेंट नहीं होता है, बल्कि एक चेतावनी होता है। डॉक्टर ने सभी 45 वर्ष से ऊपर के पुरुषों के लिए एक अलर्ट अलार्म देते हुए कहा कि 'अब आप अपनी जीवनशैली पर दोबारा विचार करें, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए। रोकथाम आज से शुरू होनी चाहिए जिसके लिए नियमित हेल्थ चेकअप, भावनाओं को खुलकर बात, तनाव कम करना और अच्छी, अंदरूनी फिटनेस पर ध्यान देना जरूरी है।'
जब हार्ट की मांसपेशियों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन और ब्लड नहीं मिल पाता है और खून के थक्के से बनने लगते हैं तो हार्ट अटैक आने की संभावना बढ़ जाती है।
हार्ट अटैक से बचने के लिए मुख्य रूप से जामुन (बेरीज), सेब, केला, अनार, और संतरा जैसे फल फायदेमंद है, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, और फाइबर से भरपूर होते हैं और हार्ट हेल्थ के लिए जरूरी होते हैं।
धूम्रपान न करें, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज लेवल को कंट्रोल में रखें। साथ ही वजन को ज्यादा न बढ़ने दें।
सांस लेने में परेशानी होना हार्ट फेलियर के फाइनल स्टेजज का सबसे मुख्य लक्षण माना जाता है। इस दौरान लोगों को एक्टिविटीज और आराम करते समय, दोनों ही स्थितियों में सांस लेने में काफी परेशानी महसूस होती है।