
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Updated : January 2, 2026 5:11 PM IST
Medically Verified By: Dr. Sunil Rana
Hath Per Thande Hone Ka Karan: तनाव या टेंशन होने पर हाथ-पैरों का ठंडा पड़ना एक स्वाभाविक शारीरिक प्रक्रिया है, मेडिकल टर्म में फाइट या फ्लाइट रिस्पॉन्स कहा जाता है। भले ही यह हर किसी को सामान्य लगे, लेकिन झेल रहे व्यक्ति और उसके दिमाग के लिए चुनौतीपूर्ण या खतरनाक हो सकता है। इस प्रक्रिया के दौरान हमारे शरीर की प्रायोरिटी बदल जाती है और एड्रेनालिन और कोर्टिसोल जैसे तनाव हार्मोन रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ देते हैं।
इस विषय पर थोड़ा विस्तार से जानने के लिए हमने एशियन हॉस्पिटल के एसोसिएट डायरेक्टर और इंटरनल मेडिसिन के हेड डॉक्टर सुनील राणा से बात की। उन्होंने बताया कि 'तनाव यानी टेंशन आज की जिंदगी का एक आम हिस्सा बन चुका है। काम का दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां या भविष्य की चिंता इन सबका असर सिर्फ दिमाग पर ही नहीं, बल्कि शरीर पर भी पड़ता है। कई लोग टेंशन के समय यह महसूस करते हैं कि उनके हाथ और पैर अचानक ठंडे पड़ने लगते हैं। यह स्थिति डराने वाली हो सकती है, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार इसके पीछे वैज्ञानिक कारण होते हैं।' आइए अब हम इस विषय पर थोड़ा विस्तार से जानें।
तनाव के समय शरीर खुद को खतरे की स्थिति में मान लेता है और 'Fight or Flight Response' एक्टिव हो जाता है। डॉक्टर बताते हैं कि 'टेंशन के दौरान शरीर दिमाग और दिल जैसे अहम अंगों को प्राथमिकता देता है, जिससे हाथ-पैरों में ब्लड फ्लो कमहो जाता है और वे ठंडे महसूस होते हैं।'
टेंशन में एड्रेनालिन और कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन रिलीज होते हैं। ये हार्मोन रक्त नलिकाओं को सिकोड़ देते हैं। डॉक्टर के अनुसार 'जब ब्लड वेसल्स सिकुड़ती हैं, तो हाथ-पैरों तक गर्म खून कम पहुंचता है, जिससे ठंडक महसूस होना स्वाभाविक है।'
ज्यादा तनाव एंग्जायटी या पैनिक अटैक का कारणबन सकता है। इस दौरान सांस तेज चलती है और शरीर में ऑक्सीजन का संतुलन बिगड़ सकता है। डॉक्टर के अनुसार 'पैनिक अटैक के दौरान हाथ-पैर ठंडे, सुन्न या कांप सकते हैं। यह नर्वस सिस्टम की प्रतिक्रिया होती है।'
तनाव के समय कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर अचानक गिर जाता है या ब्लड शुगर असंतुलित हो जाती है। डॉक्टर कहते हैं कि 'लो ब्लड प्रेशर या लो शुगर की स्थिति में शरीर के सिरे वाले हिस्सों तक पर्याप्त ऊर्जा नहीं पहुंचती, जिससे हाथ-पैर ठंडे पड़ सकते हैं।'
अगर बिना ठंड के भी बार-बार हाथ-पैर ठंडे रहते हैं, तो यह किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है। डॉक्टर कहते हैं कि 'थायरॉयड या नर्वस सिस्टम से जुड़ी समस्याओं में तनाव लक्षणों को और गंभीर बना सकता है। ऐसे मामलों में जांच जरूरी है।'
अगर टेंशन के साथ-साथ हाथ-पैर बहुत ज्यादा ठंडे पड़ें, सुन्नपन या झनझनाहट हो, चक्कर, घबराहट या सांस लेने में दिक्कत आए तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इन संकेतों को अनदेखा बिल्कुल न करें और खुद पर ध्यान दें।
डॉक्टरों के अनुसार रोजाना गहरी सांस लेना, योग-मेडिटेशन, पर्याप्त नींद और कैफीन से दूरी तनाव को कम करने में मदद करती है। टेंशन में हाथ-पैर ठंडे पड़ना आम है, लेकिन बार-बार होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही जानकारी और समय पर डॉक्टर की सलाह से इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।