
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : June 14, 2026 3:02 PM IST
Medically Verified By: Dr. Manav Manchanda
fire at home
गर्मी के मौसम में कई तरह की स्वास्थ्य और त्वचा संबंधी समस्याएं होनी शुरू हो जाती हैं। हीटवेव (लू लगना) इसमें सबसे आम है, गर्मियों में जब शरीर का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा हो जाता है तो हीटवेव की स्थिति बनती है। लेकिन, गर्मी का मौसम सिर्फ स्वास्थ्य समस्याओं का कारण नहीं बनता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में देश में गर्मी के मौसम में आग की घटनाएं काफी ज्यादा तेजी से बढ़ी हैं। इसमें शॉर्ट सर्किट या एसी ब्लास्ट की घटनाएं सबसे ज्यादा देखने को मिलती हैं। लेकिन, इस मौसम में आग की घटनाएं क्यों बढ़ती हैं?
एशियन हॉस्पिटल के रेस्पिरेटरी, क्रिटिकल केयर एवं स्लीप मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर एवं एचओडी डॉ. मानव मनचंदा बताते हैं कि आग लगने पर निकलने वाला धुआं हवा में कार्बन मोनोऑक्साइड और कई अन्य हानिकारक गैसें निकलती हैं। इनका संपूर्ण सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। जैसे-
आग लगने पर जो धुआं निकलता है, उससे सांस संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसकी वजह से खांसी, गले में खराश, सांस फूलना और अस्थमा आदि जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। खासकर, जिन लोगों को पहले से ही सांस से संबंधित परेशानियां हैं, उनमें भी इसका खतरा बढ़ सकता है।
आग लगने पर हृदय रोगों का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ जाता है। वायु प्रदूषण के सूक्ष्म कण होते हैं, जो रक्त प्रवाह में पहुंचकर हृदय पर दबाव बढ़ा सकते हैं। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है।
धुएं से आंखों और त्वचा पर जलन भी हो सकती है। इससे आंखों से पानी निकल सकता है और रेडनेस हो सकती है। धुएं की वजह से त्वचा पर खुजली और फोड़े-फुंसियां भी हो सकती हैं।
आग लगने की वजह से शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है। इसकी वजह से हीट-रिलेटेड बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को चक्कर आने, सिरदर्द, कमजोरी और बीपी लो जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
Disclimer: गर्मी की वजह से आग लगने की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं। इससे वायु प्रदूषण का जोखिम बढ़ता है और इसका धुआं फेफड़ों, हृदय और शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए गर्मी के दिनों में आग से बचना बहुत जरूरी है।