गर्मी में क्यों बढ़ती हैं आग की घटनाएं, सेहत पर क्या पड़ता है असर?

इन दिनों हर दिन कहीं-न-कहीं से आग की घटनाएं सामने आ रही हैं। कभी एसी ब्लास्ट से आग लग जाती है, तो कभी शॉर्ट सर्किट से आग लग जाती है। लेकिन, गर्मी में आग की घटनाएं ज्यादा क्यों होती हैं?

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Written By: Anju Rawat | Published : June 14, 2026 3:02 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Manav Manchanda

गर्मी के मौसम में कई तरह की स्वास्थ्य और त्वचा संबंधी समस्याएं होनी शुरू हो जाती हैं। हीटवेव (लू लगना) इसमें सबसे आम है, गर्मियों में जब शरीर का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा हो जाता है तो हीटवेव की स्थिति बनती है। लेकिन, गर्मी का मौसम सिर्फ स्वास्थ्य समस्याओं का कारण नहीं बनता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में देश में गर्मी के मौसम में आग की घटनाएं काफी ज्यादा तेजी से बढ़ी हैं। इसमें शॉर्ट सर्किट या एसी ब्लास्ट की घटनाएं सबसे ज्यादा देखने को मिलती हैं। लेकिन, इस मौसम में आग की घटनाएं क्यों बढ़ती हैं?

गर्मी के दौरान क्यों बढ़ती हैं आग की घटनाएं?

  • दरअसल, जब ज्यादा गर्मी पड़ती है तो वातावरण में नमी कम हो जाती है। इससे पेड़-पौधे और घास सूख जाती है। इससे आग पकड़ने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में जब गर्म हवाएं चलती हैं, तो आग लगती है और तेजी से फैलने लगती है। इसकी वजह से पहाड़ी इलाकों में आग लगने का खतरा ज्यादा रहता है।
  • तापमान बढ़ने से बिजली के उपकरणों और ट्रांसफॉर्मरों पर दबाव बढ़ जाता है। इससे ओवरलोडिंग या तकनीकी खराबी हो सकती है, जिससे शॉर्ट सर्किट हो सकता है, इससे भी आग लग सकती है।

आग से निकलने वाले धुआं से सेहत को होने वाले नुकसान

एशियन हॉस्पिटल के रेस्पिरेटरी, क्रिटिकल केयर एवं स्लीप मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर एवं एचओडी डॉ. मानव मनचंदा बताते हैं कि आग लगने पर निकलने वाला धुआं हवा में कार्बन मोनोऑक्साइड और कई अन्य हानिकारक गैसें निकलती हैं। इनका संपूर्ण सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। जैसे-

1. सांस संबंधी समस्याएं

आग लगने पर जो धुआं निकलता है, उससे सांस संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसकी वजह से खांसी, गले में खराश, सांस फूलना और अस्थमा आदि जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। खासकर, जिन लोगों को पहले से ही सांस से संबंधित परेशानियां हैं, उनमें भी इसका खतरा बढ़ सकता है।

2. हृदय रोग का खतरा

आग लगने पर हृदय रोगों का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ जाता है। वायु प्रदूषण के सूक्ष्म कण होते हैं, जो रक्त प्रवाह में पहुंचकर हृदय पर दबाव बढ़ा सकते हैं। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है।

3. आंखों और त्वचा में जलन

धुएं से आंखों और त्वचा पर जलन भी हो सकती है। इससे आंखों से पानी निकल सकता है और रेडनेस हो सकती है। धुएं की वजह से त्वचा पर खुजली और फोड़े-फुंसियां भी हो सकती हैं।

4. गर्मी से जुड़ी समस्याएं

आग लगने की वजह से शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है। इसकी वजह से हीट-रिलेटेड बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को चक्कर आने, सिरदर्द, कमजोरी और बीपी लो जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

Disclimer: गर्मी की वजह से आग लगने की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं। इससे वायु प्रदूषण का जोखिम बढ़ता है और इसका धुआं फेफड़ों, हृदय और शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए गर्मी के दिनों में आग से बचना बहुत जरूरी है।

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