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पहाड़ों पर चढ़ते ही कान बंद क्यों होने लगते हैं? ऊंचाई पर इस समस्या से कैसे बचें?

Kaan Band Hone Ka Karan: क्या आपको भी पहाड़ों में घूमना पसंद है लेकिन ऊंचाई पर जाते ही कान बंद हो जाते हैं? आपको समझ नहीं आता ऐसा क्यों होता है तो आइए डॉक्टर से ही जानते हैं इस समस्या का मूल कारण क्या है।

पहाड़ों पर चढ़ते ही कान बंद क्यों होने लगते हैं? ऊंचाई पर इस समस्या से कैसे बचें?
VerifiedMedically Reviewed By: Dr. Vepamaninti Sreenivas

Written by Vidya Sharma |Published : March 6, 2026 6:07 PM IST

Hills Station Mai Kaan Band Kyu Hote hain: पहाड़ों पर जाना किसे नहीं पसंद, लेकिन समस्या तब आती है जब ऊंचाई पर पहुंचकर हमारे कान बंद होने लगते हैं। इस दौरान हमें कम सुनाई देता और कभी-कभार तो जी मचलने सा लगता है। यह परेशानी तो सभी को होती है, लेकिन हम समझ नहीं पाते हैं कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है।

इस विषय पर थोड़ा विस्तार से जानने के लिए हमने नारायणा हेल्थ सिटी के ईएनटी सर्जन डॉक्टर वेपमनंती श्रीनिवास से बात की। उन्होंने बताया कि पहाड़ों की चढ़ाई करना रोमांचक तो होता है, लेकिन जैसे-जैसे हम ऊंचाई पर पहुँचते हैं, हमारे शरीर में कई अजीब बदलाव महसूस होने लगते हैं। इनमें सबसे आम है 'कानों का बंद होना' या सुन्न पड़ जाना। अक्सर लोग इसे 'पॉपिंग' (Popping) भी कहते हैं। आइए हम इस पॉपिंग के बारे में विस्तार से जानते हैं।

पहाड़ों पर कान बंद होने का वैज्ञानिक कारण

हमारे कान के पर्दे के पीछे एक खाली हिस्सा होता है जिसे मध्य कान कहते हैं। यह हिस्सा बाहर की हवा से पूरी तरह अलग नहीं होता; यह एक पतली नली के जरिए हमारे गले के पिछले हिस्से से जुड़ा होता है। इस नली को यूस्टेशियन ट्यूब कहा जाता है। जब हम जमीन के सामान्य स्तर पर होते हैं, तो कान के पर्दे के बाहर की हवा का दबाव और पर्दे के अंदर (मध्य कान) की हवा का दबाव एक समान होता है। लेकिन ऊंचाई पर जाने पर यह संतुलन बिगड़ जाता है- 

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हवा का दबाव कम होना- जैसे-जैसे हम पहाड़ों पर ऊपर चढ़ते हैं, वायुमंडलीय दबाव कम होने लगता है।

दबाव का असंतुलन- बाहर का दबाव कम हो जाता है, लेकिन हमारे कान के अंदर की हवा अभी भी पिछले (ज्यादा) दबाव पर होती है। इस वजह से कान का पर्दा बाहर की तरफ खींचने या उभरने लगता है।

यूस्टेशियन ट्यूब की भूमिका: जब तक यूस्टेशियन ट्यूब खुलकर अंदर और बाहर के दबाव को बराबर नहीं करती, तब तक हमें कान बंद होने या भारीपन का अहसास होता है।

ऊंचाई पर इस समस्या से बचने के उपाय

कानों में होने वाली इस असहजता या दर्द जिसे वैज्ञानिक भाषा में 'ईयर बैरोट्रॉमा' कहते हैं, से बचने के लिए आप निम्नलिखित तरीके अपना सकते हैं:

बार-बार निगलना या जम्हाई लेना

जब आप कुछ निगलते हैं या जम्हाई लेते हैं, तो आपकी यूस्टेशियन ट्यूब को खोलने वाली मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं। इससे कान के अंदर और बाहर की हवा का दबाव तुरंत संतुलित हो जाता है। अगर आप पहाड़ी रास्तों पर ड्राइविंग कर रहे हैं, तो बीच-बीच में पानी पीते रहना सबसे आसान तरीका है।

च्यूइंग गम का उपयोग

चढ़ाई के दौरान च्यूइंग गम चबाना सबसे लोकप्रिय और प्रभावी उपाय है। लगातार चबाने और थूक निगलने की प्रक्रिया से यूस्टेशियन ट्यूब खुलती रहती है, जिससे दबाव जमने ही नहीं पाता।

वैल्साल्वा पैंतरेबाजी

यह एक प्रभावी तकनीक है, लेकिन इसे बहुत सावधानी से करना चाहिए:

  1. अपनी नाक को उंगलियों से बंद करें।
  2. मुँह बंद रखें।
  3. अब बहुत धीरे से नाक से हवा बाहर निकालने की कोशिश करें (जैसे आप नाक साफ कर रहे हों)।

आपको अपने कानों में एक हल्का 'पॉप' सुनाई देगा, जिसका मतलब है कि दबाव संतुलित हो गया है। इसे बहुत जोर से न करें, वरना कान के पर्दे को नुकसान पहुंच सकता है।

'टॉयनबी' तकनीक

नाक को बंद करें और उसी स्थिति में पानी का एक घूंट पिएं या थूक निगलें। यह तरीका वैल्साल्वा तकनीक से अधिक सुरक्षित माना जाता है।

बच्चों का विशेष ध्यान रखें

छोटे बच्चों की यूस्टेशियन ट्यूब बहुत संकीर्ण होती है, इसलिए उन्हें ऊंचाई पर ज्यादा दर्द हो सकता है। चढ़ाई के समय छोटे बच्चों को दूध की बोतल या पैसिफायर दें ताकि वे उसे चूसते रहें और उनके कान खुले रहें।

महत्वपूर्ण सलाह

यदि आपको सर्दी-जुकाम, साइनसाइटिस या कान में इन्फेक्शन है, तो पहाड़ों की यात्रा या हवाई यात्रा के दौरान समस्या बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में यूस्टेशियन ट्यूब में सूजन होती है और वह आसानी से नहीं खुलती। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह पर 'डिकंजेस्टेंट' स्प्रे या दवाओं का उपयोग किया जा सकता है। ज्यादातर मामलों में, ऊंचाई से नीचे आने पर या शरीर के वातावरण के अनुकूल होने पर यह समस्या खुद-ब-खुद ठीक हो जाती है।

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Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।