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पसलियों के आसपास क्रैंप और दर्द क्यों होता है? डॉक्टर से जानें इसके कारण

आप में से कई लोगों को अपने चेस्ट से नीचे वाले हिस्से पर दर्द जरूर हुआ होगा। लेकिन ऐसा दर्द क्यों होता है और क्या इसे अनदेखा करना गंभीर समस्या पैदा कर सकता है? आइए डॉक्टर से जानते हैं।

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Written By: Vidya Sharma | Published : July 20, 2026 10:02 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Sunil Rana

कई बार हम अपनी पसलियों में दर्द सा महसूस करते हैं। यह दर्द कई स्थितियों में महसूस हो सकता है, जैसे लेटते समय, लंबे समय तक बैठे रहने से, चलते समय या फिर खड़े-खड़े। पसलियों के आसपास अचानक चुभन, जकड़न या क्रैंप महसूस होना बहुत आम है। कई बार यह दर्द कुछ सेकंड में चला जाता है और कई बार घंटों तक परेशान करता है। सांस लेते समय, झुकते समय या हंसते समय दर्द बढ़ जाए तो लोग अक्सर घबरा जाते हैं।

एशियन हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन के एसोसिएट डायरेक्टर और हेड डॉ. सुनील राणा के अनुसार, "पसलियों के आसपास होने वाले 90% दर्द के कारण गंभीर नहीं होते। लेकिन जगह और लक्षणों को समझना जरूरी है ताकि सही समय पर डॉक्टर से सलाह ली जा सके।” आइए हम इस विषय डॉक्टर से थोड़ा विस्तार से जानते हैं।

मांसपेशियों में खिंचाव और मसल क्रैंप

पसलियों के बीच इंटरकोस्टल मसल्स होती हैं। वजन उठाने, जिम में गलत एक्सरसाइज, लगातार खांसने या अचानक झटके से ये मसल्स खिंच जाती हैं। ऐसे में आपको शरीर में इस तरह के लक्षण दिख सकते हैं जैसे- एक तरफ तेज दर्द, हाथ ऊपर करने या गहरी सांस लेने पर बढ़ना। ये सबसे आम कारण है और 1-2 हफ्तों में आराम से ठीक हो जाता है।

गैस, एसिडिटी और पेट की समस्या

खाना खाने के बाद पेट फूलना, गैस बनना या एसिड रिफ्लक्स होने पर दर्द पसलियों के ठीक नीचे महसूस होता है। कई लोग इसे हार्ट अटैक समझ लेते हैं। गैस, एसिडिटी और पेट की समस्या होने पर ये लक्षण दिखते हैं। खाने के बाद भारीपन, डकार आना, छाती में जलन, पेट फूलना। डॉक्टर कहते हैं, "अगर खाना खाने के बाद दर्द होता है और टहलने से आराम मिलता है तो ये ज्यादातर गैस की वजह से है।"

कॉस्टोकॉन्ड्राइटिस

अगर आपको शरीर में छाती के बीच में दर्द, छूने पर दर्द, गहरी सांस लेने या खांसने पर बढ़ना जैसे लक्षण दिखें तो समझ लें कि कॉस्टोकॉन्ड्राइटिस है। अधिक जानकारी के लिए बता दें कि पसली को छाती की बीच वाली हड्डी से जोड़ने वाले कार्टिलेज में सूजन आ जाए तो इसे कॉस्टोकॉन्ड्राइटिस कहते हैं। यह कई कारणों से है- तेज खांसी, चोट, वायरल इन्फेक्शन या ज्यादा वर्कआउट। यह खतरनाक नहीं है, लेकिन 2-3 हफ्ते तक रह सकता है।

सांस से जुड़ी समस्या

अस्थमा, निमोनिया, प्लुरिसी यानी फेफड़ों की झिल्ली में सूजन होने पर भी पसलियों के आसपास तेज दर्द होता है। ऐसे में आपको सांस लेने में दिक्कत, बुखार, सूखी खांसी, सांस लेते समय चुभन महसूस हो सकती है। अगर सांस के साथ दर्द और बुखार है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

नर्व का दबना या शिंगल्स

रीढ़ से निकलने वाली नर्व अगर दब जाए तो दर्द पसलियों से होते हुए आगे तक जाता है। इसे रेडिएटिंग पेन कहते हैं। शिंगल्स वायरस होने पर पहले 2-3 दिन सिर्फ जलन और दर्द होते हैं, फिर उस जगह पर लाल दाने निकलते हैं। इस समस्या की पहचान इन लक्षणों से की जा सकती है एक तरफ पट्टे जैसा दर्द, जलन, छूने पर सुई चुभने जैसा एहसास जैसे लक्षणों को पहचानें।

पित्त की थैली, किडनी और लिवर की समस्या

उल्टी, बुखार, पेशाब में दिक्कत, तैलीय खाना खाने के बाद दर्द आदि होना- पित्त की थैली, किडनी और लिवर की समस्या पैदा कर सकता है। दाहिनी पसली के नीचे पित्त की थैली और लिवर होते हैं। पथरी या इंफेक्शन होने पर वहां तेज क्रैंप जैसा दर्द उठता है। बाईं तरफ प्लीहा और किडनी होते हैं। किडनी स्टोन या इंफेक्शन होने पर दर्द पीठ से शुरू होकर पसली तक आता है।

घर पर राहत के 5 आसान उपाय

  1. गर्म या ठंडी सिकाई- मसल खिंचाव में 15 मिनट गर्म पट्टी लगाएं  
  2. आराम और पॉश्चर- झुककर मोबाइल न चलाएं। सीधे बैठें  
  3. हल्की स्ट्रेचिंग- गहरी सांस लेकर 5 सेकंड रोकें, फिर छोड़ें। दिन में 3-4 बार करें  
  4. भोजन में बदलाव- गैस की समस्या होने पर भारी, तैलीय और देर रात का खाना अवॉइड करें  
  5. पानी और एक्टिविटी- दिन में 2-3 लीटर पानी और हल्की वॉक मांसपेशियों को ठीक रखती है

डॉक्टर क्या जांच करते हैं?

पहले फिजिकल एग्जाम होता है। जरूरत पड़ने पर एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड या ईसीजी किया जाता है का पता चल सके या उसे खारिज किया जा सके। अधिकतर केसेस में बिना दवा के ही आराम आ जाता है। दर्द ज्यादा हो तो डॉक्टर पेनकिलर और मसल रिलैक्सेंट देते हैं।