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Written By: Editorial Team | Published : October 3, 2018 9:50 AM IST
डेंटल एक्स-रे आवश्यक हो तभी करानी चाहिए। © Shutterstock
डेंटल एक्स-रे करने से डेंटिस्ट दांतों की उन समस्याओं को आसानी से भाप लेता है, जिन्हें वे सामान्य परीक्षण में नहीं देख पाता। इसके अलावा डेंटल एक्स-रे करने से मरीज को समय रहते अपनी समस्या का पता चल जाता है। जानते हैं कि डेंटल एक्स-रे करवाने से दांतों की किस प्रकार की समस्याएं उभरकर सामने आती हैं?
कितनी बार कराएं डेंटल एक्स-रे
डेंटल एक्स-रे कितनी बार कराना चाहिए यह पूरी तरह हमारे दांतों की स्थिति पर निर्भर करता है। कुछ लोगों को प्रत्येक छह माह में डेंटल एक्स-रे करवाना पड़ता है जबकि कुछ ऐसे भी होते हैं जो नियमित डेंटिस्ट के पास जाते हैं, उन्हें कभी डेंटल एक्स-रे की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।
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डेंटल एक्स-रे से दांतों की उन जगहों में मौजूद सड़न देखी जा सकती है जिन्हें हम सामान्य आंखों से नहीं देख सकते। मसलन, दांतों के बीच की सड़न। मसूड़े से संबंधित बीमारी, दांतों में इन्फेक्शन, रूट कनाल के दौरान हुई परेशानी, दांत प्रत्यारोपण, ब्रेसेज, डेन्चर या अन्य तमाम दांत से जुड़ी समस्याएं भी डेंटल एक्स-रे के द्वारा जानी जा सकती हैं। यही नहीं दांतों में अन्य विकासात्मक असामानताएं मसलन ट्यूमर के कुछ प्रकारों का भी पता चल जाता है।
यदि आप डेंटिस्ट के पास पहली बार जाएं तो हो सकता है कि वह आपका डेंटल एक्स-रे ले ताकि आपके दांतों की बुनियादी जानकारी अपने पास रख सके। इस जानकारी को डेंटिस्ट भविष्य में अपनी रिपोर्टों को तुलना करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
बच्चे कब कराएं एक्स-रे
मसूड़ों की समस्या है तो भी उन्हें डेंटल एक्स-रे करवाने की सलाह दी जाती है। यही बात हर उम्र के व्यक्ति पर लागू होती है। चाहे बात नवयुवक की हो या फिर किशोरों की। वृद्ध व्यक्ति भी इसी खांचे में आते हैं। बहरहाल, यदि बच्चे के दांत अधिक सड़ते हैं तो उन्हें प्रत्येक छह माह में डेंटल एक्स-रे करवाना चाहिए ताकि अगली सड़न होने से पहले ही उसकी रिकवरी की जा सके। वहीं, किशोरों को 6 से 12 माह के बीच डेंटल एक्स-रे कराना चाहिए।
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दांतों के सड़ने की समस्या कम है तो साल या दो साल में एक बार डेंटल एक्स-रे करवाने से भी बात बन जाती है। इसके अलावा बच्चों में मसूड़े संबंधी समस्या देखने को मिले तब भी उन्हें डेंटल एक्स-रे करवाना चाहिए।
विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों के लिए डेंटल एक्स-रे आमतौर पर नहीं कराना चाहिए। अक्ल दाढ़ के लिए भी अकसर दंत चिकित्सक डेंटल एक्स-रे की सलाह देते हैं। वास्तव में विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि डेंटल एक्स-रे आवश्यक हो तभी कराना चाहिए। छोटी मोटी समस्याओं को बिना एक्स-रे भी निपटाया जा सकता है।