गर्मियों में शरीर में पानी की कमी क्यों होती है और इसे कैसे रोकें, एक्सपर्ट्स से जानें

गर्मियों के दिनों शरीर में पानी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है और इससे बचाव करने का तरीका भी जरूरी है। इस लेख में हम एक्सपर्ट्स से इस बारे में जरूरी चीजों के बारे में और उनके बचाव के बारे में जानेंगे।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : May 3, 2026 10:55 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Ranjana Singh

दिल्ली में तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है। ऐसे में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। डिहाइड्रेशन तब होता है जब शरीर से पानी ज्यादा निकल जाता है और उतना वापस नहीं मिलता। सरल शब्दों में कहें तो शरीर में पानी की कमी होने लगती है, जिसे डिहाइड्रेशन कहा जाता है। वैसे तो डिहाइड्रेशन किसी भी मौसम में हो सकता है, लेकिन सबसे ज्यादा यह गर्मियों के मौसम में ज्यादा होता है। क्योंकि इन दिनों में पसीना बहुत ज्यादा निकलता है और अगर पर्याप्त पानी न पिया जाए तो यह समस्या हो सकती है। शरीर में पानी की कमी होना कोई आम समस्या नहीं है, बल्कि अगर लंबे समय से डिहाइड्रेशन को इग्नोर किया जा रहा है और यह समस्या लगातार गंभीर हो जाती है तो इसके कारण स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ड़ॉ. रंजना सिंह, एचओडी, डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन, NIIMS मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके बारे में हम इस लेख में जानेंगे।

गर्मी में खतरा क्यों बढ़ जाता है

पसीना आना शरीर को ठंडा रखने का तरीका है, लेकिन तेज गर्म हवा (लू) में शरीर से पानी और नमक तेजी से निकलते हैं। कुछ लोगों में शरीर में पानी की कमी का खतरा ज्यादा हो सकता है जैसे -

  • छोटे बच्चे
  • बुजुर्ग
  • बाहर काम करने वाले लोग
  • मधुमेह या दिल की बीमारी के मरीज

जब शरीर में पानी की कमी होने लगती रै और उसके साथ-साथ चक्कर आना और सिरदर्द जैसी समस्याएं होती हैं तो यह स्थिति के जानलेवा होने का संकेत हो सकता है।

(और पढ़ें - कैसे पता चलेगा आपको लू लग चुकी है)

किन लक्षणों पर ध्यान दें

शरीर में पानी की कमी होना यानी डिहाइड्रेशन के लक्षण कुछ ऐसे हैं, जिन्हें गलती से भी इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए जैसे -

  • मुंह और होंठ सूखना
  • पेशाब का रंग गहरा पीला होना या बहुत कम आना
  • थकान, चिड़चिड़ापन या उलझन
  • मांसपेशियों में ऐंठन
  • दिल की धड़कन या सांस तेज होना

अगर बच्चों के शरीर में पानी की कमी हो गई है, तो ऐसे में कुछ अन्य लक्षण भी देखे जा सकते हैं जैसे -

  • रोते समय आंसू न आना
  • सिर का मुलायम हिस्सा धंसा हुआ दिखना
  • कम पेशाब होना

डिहाइड्रेशन से बचने के 7 आसान उपाय

गर्मियों के मौसम में शरीर में पानी की कमी हो सकती है और उसके लिए कुछ चीजों का ध्यान रखना जरूरी है जैसे -

1. प्यास लगने का इंतजार न करें

प्यास लगने तक शरीर में पानी की कमी हो चुकी होती है। हर 20-30 मिनट में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी जरूर लें।

2. सही पेय पदार्थ चुनें

सादा पानी सबसे अच्छा है विकल्प है और इसके अलावा नींबू पानी, छाछ, आम पना, बेल का शरबत, नारियल पानी और सत्तू बहुत फायदेमंद हैं। ज्यादा चाय, कॉफी और शराब से बचें, क्योंकि ये शरीर से पानी और कम कर देते हैं।

3. पानी वाले फल और सब्जियां खाएं

कई खाद्य पदार्थों से भी शरीर में पानी की कमी को होने से रोका जा सकता है, इनमें आमतौर पर तरबूज, खरबूज, खीरा, संतरा और टमाटर जैसी फल व सब्जियां शामिल हैं। इसके अलावा दही और लौकी जैसे खाद्य पदार्थ भी शरीर को ठंडक देते हैं।

4. कपड़े और समय का ध्यान रखें

हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, जितना हो सके ज्यादा गहरे रंग के जैसे काले व लाल कपड़े न पहनें। बाहर जाते समय छाता, टोपी या गमछा इस्तेमाल करें। कोशिश करें कि धूप में 11 बजे से पहले या शाम 4 बजे के बाद ही बाहर जाएं।

5. ओआरएस का इस्तेमाल करें

अगर ज्यादा पसीना आ रहा हो, उल्टी या दस्त हो रहे हों, तो ओआरएस का घोल पिएं। एक पैकेट ओआरएस को 1 लीटर साफ पानी में मिलाएं। यह पानी और नमक दोनों की कमी जल्दी पूरी करता है और इससे शरीर को इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे जरूरत तत्व भी मिलते हैं।

6. बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें

बच्चे खेलते समय पानी पीना भूल जाते हैं, उन्हें हर 20 मिनट में पानी दें। बुजुर्गों को समय-समय पर पानी पीने की याद दिलाएं। उन्हें कभी भी बंद गाड़ी में अकेला न छोड़ें, क्योंकि इन्हें डिहाइड्रेशन का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

अगर उल्टी, तेज बुखार, 8 घंटे से ज्यादा पेशाब न आना, बेहोशी या बहुत ज्यादा कमजोरी हो, तो तुरंत अस्पताल जाएं। गर्मी के मौसम में पानी ही सबसे बड़ी दवा है। समय-समय पर पानी पीते रहें, ठंडे रहें और अपने परिवार का ध्यान रखें।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य सिर्फ डिहाइड्रेशन से जुड़ी जानकारियां देना हैं और इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल पानी की कमी या किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

सबसे अच्छी कूलिंग ड्रिंक कौन सी है?

नारियल पानी, बेल का शरबत और ताजी छाछ, ये पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स दोनों की कमी पूरी करते हैं।

पानी में मिनरल्स की कमी से क्या नुकसान हो सकता है?

हड्डियों में कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन और शरीर में थकान महसूस हो सकती है।

शरीर में पानी की कमी के क्या लक्षण हैं?

शरीर में पानी की कमी के सामान्य लक्षणों में अत्यधिक प्यास, कम पेशाब आना, गहरे रंग का मूत्र, थकान, चक्कर आना, मुंह और होंठों का सूखना, त्वचा का शुष्क होना और मांसपेशियों में ऐंठन शामिल हैं।

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