
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : June 5, 2026 12:14 PM IST
Medically Verified By: Dr. Vighnesh Y
Chewing-Gum during Match
Mental focus in cricket : अगर आपने आईपीएल (IPL 2026) या फिर किसी भी तरह का इंटरनेशनल क्रिकेट मैच ध्यान से देखा होगा, तो अक्सर खिलाड़ियों को मैदान पर च्युइंग गम चबाते हुए जरूर देखा होगा। बल्लेबाजी करते समय, फील्डिंग के दौरान, यहां तक कि कप्तानी करते हुए भी कई खिलाड़ी च्युइंग गम चबाते नजर आते हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखि क्या ये क्रिकेटर्स की आदत होती है या फिर इसके पीछे कोई साइंस है।
इस विषय पर यशोदा हॉस्पिटल के जनरल फिजिशियन सीनियर कंसल्टेंट विघ्नेश वाई का कहना है कि कुछ खिलाड़ियों के लिए च्युइंग गम चबाना सिर्फ मुंह का स्वाद बनाए रखने का तरीका नहीं होता, बल्कि यह मानसिक एकाग्रता और तनाव को कंट्रोल करने से भी जुड़ा हो सकता है।
कुछ रिसर्च में देखा गया है कि च्युइंग गम चबाने से ब्रेन में ब्लड फ्लो थोड़ी मात्रा में बढ़ सकता है। इससे सतर्कता, ध्यान और प्रतिक्रिया क्षमता में थोड़ा सा सुधार देखने को मिल सकता है।
हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति में एक जैसा दिखे, ये जरूरी नहीं होता है। हालांकि, कई खिलाड़ियों का मानना है कि च्युइंग गम उन्हें मैच के दौरान अधिक केंद्रित रहने में मदद करती है।
क्रिकेट एक ऐसा खेल है, जिसमें एक छोटी सी गलती भी मैच का नतीजा बदल सकती है। बल्लेबाज को हर गेंद पर फैसला लेना होता है, जबकि फील्डर और गेंदबाज भी लगातार दबाव में रहते हैं।
एक्सपर्ट का मानना है कि चबाने की प्रक्रिया से कुछ लोगों में तनाव और घबराहट को कम करने में मदद कर सकती है। यही कारण है कि कई खिलाड़ी महत्वपूर्ण क्षणों में च्युइंग गम का इस्तेमाल करते हैं।
लंबे समय तक मैदान में रहने, गर्म मौसम और लगातार बातचीत के कारण मुंह सूख सकता है। च्युइंग गम चबाने से लार का उत्पादन बढ़ता है, जिससे मुंह में नमी बनी रहती है और खिलाड़ी अधिक आरामदायक महसूस कर सकते हैं।
एक्सपर्ट कहते हैं कि अब तक ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है कि सिर्फ च्युइंग गम चबाने से किसी खिलाड़ी का प्रदर्शन सीधे बेहतर हो जाता है। लेकिन यदि इससे खिलाड़ी को मानसिक रूप से आराम, बेहतर फोकस या आत्मविश्वास मिलता है, तो इन-डायरेक्ट रूप से इसका पॉजिटिव प्रभाव दिखाई दे सकता है।
Disclaimer : मैच के दौरान क्रिकेटर्स का च्युइंग गम चबाना सिर्फ स्टाइल या आदत भर नहीं हो सकता। कुछ मामलों में इसका संबंध फोकस, सतर्कता, तनाव प्रबंधन और मुंह को नम रखने से भी हो सकता है। हालांकि, यह कोई जादुई तरीका नहीं है जो प्रदर्शन को अचानक बेहतर बना दे।