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30 की उम्र के बाद लोगों को रोज कार्डियो क्यों करना चाहिए? हार्ट के एक्सपर्ट से जानें

30 की उम्र के बाद शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। हार्ट एक्सपर्ट्स के मुताबिक 30 की उम्र के बाद नियमित रूप से कार्डियो करना काफी फायदेमंद हो सकता है, जिसके बारे में हम आगे इस लेख में जानेंगे।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : July 20, 2026 8:46 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Aseem Dhall

हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर उम्र का बहुत प्रभाव पड़ता है, लेकिन अगर आप उम्र के अनुसार अपनी सेहत का ध्यान रखते रहें तो बढ़ती उम्र स्वास्थ्य को इतना भी प्रभावित नहीं कर पाती है। हालांकि, आजकल कुछ लोग अपनी हेल्थ को लेकर इतना भी सीरियस नहीं है और सामान्य चीजों का ध्यान भी नहीं रख पा रहे हैं। यही कारण है कि कम उम्र में ही क्रोनिक बीमारियां, हार्ट से जुड़ी समस्याएं और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े रोग होने लगे हैं। देखा जा रहा है कि 30 के बाद ही लोगों में हार्ट से जुड़ी व अन्य गंभीर समस्याएं होने का खतरा रहने लगा है, जिसके लिए डॉ. असीम ढल, डायरेक्टर एंड एचओडी, कार्डियक साइंसेज, ISIC Multispecialty Hospital बताते है कि 30 के बाद कार्डियो करना बेहद जरूरी है। इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर 30 के बाद कार्डियो करना इतना जरूरी क्यों है और कार्डियो करते समय किन बातों का विशेष रूप से ध्यान रखा जाना चाहिए।

कम उम्र में हार्ट डिजीज का खतरा कम होना

कार्डियो को अक्सर हार्ट हेल्थ के लिए सबसे अच्छी एक्सरसाइज में से एक माना जाता है। खराब जीवनशैली व अनहेल्दी खानपान के कारण 30 के बाद हार्ट कमजोर पड़ने लग सकता है और ऐसे में अगर आप नियमित रूप से कार्डियो करने की आदत डाल लेते हैं, तो हार्ट मसल मजबूत होने लगती हैं और कम उम्र में हार्ट अटैक या हार्ट से जुड़ी ज्यादातर बीमारियां होने का खतरा काफी कम हो जाता है।

मेटाबॉलिज्म अच्छा होने लगेगा

30 की उम्र के बाद मेटाबॉलिज्म की क्षमता भी धीरे-धीरे कम होने लगती है हालांकि, इसके कम होने की गति बहुत धीरे-धीरे होती है। लेकिन खराब जीवनशैली की आदतें व अनहेल्दी डाइट होने के कारण 30 के बाद मेटाबॉलिज्म काफी प्रभावित हो जाता है। ऐसे में अगर डाइट व लाइफस्टाइल का सही ध्यान रखते हुए कार्डियो जैसी एक्सरसाइज की जाए तो मेटाबॉलिज्म में काफी सुधार हो सकता है।

मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होना

30 की उम्र पार करते ही लाइफ में बहुत कुछ बदल जाता है, जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं और स्ट्रेस परमानेंट रहने लगता है। ऐसे में भी 30 के बाद अगर आप नियमित रूप से कार्डियो करते हैं, तो इससे आपकी मेंटल हेल्थ में भी काफी सुधार हो सकता है और स्ट्रेस कम करने में काफी मदद मिल सकती है। कार्डियो करने से ब्रेन में हैप्पी हार्मोन्स रिलीज होते हैं, जिससे अच्छा महसूस होता है और तनाव को कम करने में मदद मिलती है।

कार्डियो करते हैं किन बातों का ध्यान रखें

हालांकि, आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि कार्डियो एक्सरसाइज कम से शुरु करके धीरे-धीरे बढ़ाएं। रोज अपनी क्षमता को धीरे-धीरे बढ़ाएं, क्योंकि अगर आप अचानक से पहले या दूसरे दिन ही अपनी क्षमता से ज्यादा देर तक या ज्यादा तेजी से दौड़ने की कोशिश करते हैं तो इसका असर आपकी हार्ट हेल्थ पर भी पड़ सकता है। आपको पहले 4 से 5 दिन ब्रिस्क वॉक (तेज चलना) करना चाहिए और फिर धीरे-धीरे अपनी क्षमता को बढ़ाना चाहिए।

साथ ही इस बात का ध्यान भी रखें कि सिर्फ एक्सरसाइज करने से काम नहीं चलेगा बल्कि साथ ही आपको सही डाइट व जीवनशैली से जुड़ी अन्य अच्छी आदतें भी अपनानी होगी। अगर किसी व्यक्ति को पहले से ही हार्ट से जुड़ी समस्या या फिर कोई क्रोनिक बीमारी है,तो कार्डियो करने से पहले अपने डॉक्टर से इस बारे में सलाह जरूर लें।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल 30 के बाद कार्डियो करने के क्या फायदे हैं और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए आदि के बारे में बताना है। इस लेख दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।