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20 से 40 साल की महिलाओं में बढ़ रहे हैं स्तन की गांठ के मामले, जानें कब जरूरी है जांच

आजकल 20 से 40-45 साल की महिलाओं में स्तन कैंसर की पुष्टि हो रही है। ऐसे में कई बार महिलाएं स्तनों में बनने वाली गांठों को अनदेखा कर देती हैं। आइए आपको बताते हैं कि महिलाओं में किन कारणों से ब्रेस्ट लंप के केस बढ़ रहे हैं?

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Written By: Vidya Sharma | Updated : July 31, 2026 5:18 PM IST

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Medically Verified By: Dr Sujata Uday Rajput

महिलाओं में स्तन कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हर साल पूरी दुनिया में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के लगभग 23 लाख नए मामले सामने आते हैं। जिसमें भारत में हर साल आने वाले नए स्तन कैंसर की संख्या लगभग 1.92 लाख है। इस विषय पर हमने विस्तार से जानने के लिए मदरहुड अस्पताल की कंसल्टेंट ओब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर सुजाता उदय राजपूत से बात की।

डॉक्टर सुजाता के अनुसार "20-40 साल की महिलाओं में स्तन की गांठ की शिकायतें बढ़ रही हैं, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि बनने वाली सभी गांठें कैंसर की ही हों। लेकिन फिर भी स्तन में अगर गांठ बनने के शुरुआती संकेत दिखें तो समय पर जांच करवाना बहुत जरूरी होता है।" आइए एक्सपर्ट से ही जानते हैं कि ब्रेस्ट कैंसर बढ़ने के पीछे क्या कारण हैं?

महिलाओं में क्यों बढ़ रहे स्तन में गांठ के मामले

20 से 40 वर्ष की उम्र की महिलाओं में स्तन में गांठ होने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसके पीछे प्रमुख कारण बदलता लाइफस्टाइल, बढ़ता मोटापा, हार्मोन में बदलाव, देर से मां बनना, परिवार में स्तन कैंसर का इतिहास होना और फिजीकल एक्टिविटी की कमी माने जाते हैं। डॉक्टर सुजाता के अनुसार, स्तन की ज्यादातर गांठें सामान्य होती हैं, यानी कि उनमें कैंसर नहीं होता है। लेकिन फिर भी किसी भी नई गांठ को हल्के में नहीं लेना चाहिए। डॉक्टर कहती हैं कि- 

महिलाओं में क्यों बढ़ रहे स्तन में गांठ के मामले महिलाओं में क्यों बढ़ रहे स्तन में गांठ के मामले

कैसे पहचानें कि ब्रेस्ट में गांठ बन रही है?

डॉक्टर ने बताया कि अगर गांठ लंबे समय तक बनी रहे, स्तन के आकार या बनावट में बदलाव आए, निप्पल से किसी तरह का स्राव हो, त्वचा पर गड्ढे जैसे निशान दिखाई दें, निप्पल अंदर की ओर चला जाए या बगल में सूजन महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। डॉक्टर द्वारा शारीरिक जांच और जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड या मैमोग्राफी जैसी जांचों के माध्यम से कारण का पता लगाया जा सकता है और समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है।

डॉक्टर ने बताया स्तन की गांठ के सामान्य कारण

एक्सपर्ट के अनुसार, "स्तन में बनने वाली हर गांठ कैंसर नहीं होती है। कई बार यह हार्मोनल बदलाव, फाइब्रोएडेनोमा, सिस्ट या संक्रमण की वजह से भी हो सकती है। पीरियड्स के दौरान हार्मोन में होने वाले बदलाव के कारण भी कुछ महिलाओं को स्तनों में सूजन या गांठ जैसी महसूस हो सकती है। फिर भी, किसी भी नई गांठ का सही कारण सिर्फ मेडिकल चेकअप के बाद ही पता चल सकता है।"

डॉक्टर ने दूर किया स्तन कैंसर से जुड़ा मिथ

डॉक्टर आगे बताती हैं "कई युवा महिलाएं यह सोचकर डॉक्टर के पास नहीं जातीं कि कम उम्र में स्तन कैंसर नहीं हो सकता। लेकिन अगर स्तन में कोई नई गांठ कुछ हफ्तों तक बनी रहे, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।" उन्होंने यह भी बताया कि अगर गांठ के साथ-साथ इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

कैंसर के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

कैंसर के लक्षणों (Image Credit- ChatGPT) कैंसर के लक्षणों (Image Credit- ChatGPT)

समय पर जांच और इलाज से स्तन कैंसर का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है, जिससे इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।

घर पर स्तनों की जांच कैसे करें?

डॉक्टर ने कहा कि आप पहले घर पर ही सेल्फ असेसमेंट करके यह पता लगा सकते हैं कि स्तनों में गांठ बन रही है या नहीं। इसके लिए आपको ये 5 स्टेप्स फॉलो करने होंगे-

घर पर स्तनों की जांच कैसे करें? (Image Credit- ChatGPT) घर पर स्तनों की जांच कैसे करें? (Image Credit- ChatGPT)

महिलाएं मासिक धर्म पूरे होने के 5 से 7 दिन बाद सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन करें। मेनोपॉज के बाद हर महीने एक तय तारीख को जांच करना बेहतर माना जाता है।

ध्यान रखें, स्तन में गांठ महसूस होना हमेशा कैंसर का संकेत नहीं होता, लेकिन इसे नजरअंदाज करना भी सही नहीं है। ऐसे में समय पर जांच, सही निदान और जरूरत पड़ने पर इलाज से गंभीर बीमारी का जल्द पता लगाया जा सकता है। अगर आपको स्तनों में किसी भी तरह का नया बदलाव, गांठ या असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो बिना देर किए विशेषज्ञ से सलाह लें।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विशेषज्ञ की सलाह पर आधारित है, लेकिन यह किसी चिकित्सीय परामर्श या उपचार का विकल्प नहीं है। अगर सेल्फ असेसमेंट के दौरान स्तनों में गांठ महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।