
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : April 24, 2026 4:59 PM IST
Medically Verified By: Dr. Manav Luthra
Women Bone Problems: हड्डियां हमारे शरीर का सबसे मजबूत हिस्सा होता है, लेकिन अगर वही कमजोर होने लगे तो कई बीमारियों का खतरा उससे बढ़ सकता है। हड्डियां शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो शरीर के ढांचे को तैयार करता है। लेकिन आजकल खराब जीवनशैली और खराब खानपान के कारण लोगों की हड्डियां कमजोर होती जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि पुरुषों से ज्यादा महिलाओं की हड्डियां कमजोर होती जा रही हैं। महिलाओं में हड्डियां कमजोर होने के कारण बोन फ्रैक्चर का खतरा बढ़ने के साथ-साथ अन्य समस्याएं भी पैदा हो रही हैं जैसे जोड़ों में दर्द और अकड़न रहना आदि। इसलिए यह जानना जरूरी है कि आखिर क्यों पुरुषों की तुलना में महिलाओं की हड्डियां कमजोर क्यों हो रही हैं। महिलाओं में हड्डियों की कमजोरी दूर करने के लिए उसके अंदरूनी कारण का पता लगाने बेहद जरूरी है, जिसके बारे में हम इस लेख में जानेंगे।
आज के समय में हड्डियों से जुड़ी समस्या ऑस्टियोपोरोसिस तेजी से बढ़ रही है, और चिंताजनक बात यह है कि इसका असर महिलाओं में पुरुषों की तुलना में ज्यादा देखा जा रहा है। इस स्थिति में हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर और भुरभुरी हो जाती हैं, जिससे मामूली चोट में भी फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में इसके कारण व बचाव के बारे में विस्तार से समझना जरूरी है
Dr. Manav Luthra, Senior Consultant - Orthopedic and Spine, Apollo Spectra Hospital, Kanpur
30 की उम्र के बाद महिलाओं की हड्डियां तेजी से कमजोर होना कोई आम बात नहीं है। महिलाओं में इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण हार्मोनल बदलाव है। खासकर एस्ट्रोजन हार्मोन हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन जैसे ही महिलाएं मेनोपॉज की अवस्था में पहुंचती हैं, शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर तेजी से गिरता है। इससे बोन डेंसिटी कम होने लगता है और वे जल्दी कमजोर हो जाती हैं। यही वजह है कि 45–50 साल के बाद महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।
महिलाओं में अक्सर खानपान सही न होने की वजह से कैल्शियम और विटामिन D की कमी देखी जाती है। कई बार डाइटिंग, अनियमित भोजन या धूप में कम समय बिताने से भी यह समस्या बढ़ती है। ये दोनों पोषक तत्व हड्डियों के लिए बेहद जरूरी होते हैं। इनकी कमी से हड्डियां अंदर से कमजोर होने लगती हैं।
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आजकल की लाइफस्टाइल में फिजिकल एक्टिविटी कम हो गई है। खासकर महिलाओं में घर और काम के बीच संतुलन बनाते-बनाते एक्सरसाइज के लिए समय नहीं निकल पाता। जबकि हड्डियों को मजबूत रखने के लिए वॉकिंग, योग या हल्की-फुल्की एक्सरसाइज बेहद जरूरी होती है। कुछ अन्य कारण जैसे ज्यादा कैफीन का सेवन, धूम्रपान, शराब, थायराइड की समस्या या कुछ दवाइयों का लंबे समय तक इस्तेमाल भी हड्डियों को कमजोर कर सकता है।
इसके अलावा, जिन महिलाओं का शरीर बहुत दुबला-पतला होता है, उनमें भी बोन लॉस का खतरा ज्यादा रहता है। ऑस्टियोपोरोसिस को “साइलेंट डिजीज” भी कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण शुरुआती दौर में दिखाई नहीं देते। लेकिन बार-बार हड्डियों में दर्द, पीठ में झुकाव या मामूली चोट में फ्रैक्चर होना इसके संकेत हो सकते हैं और इसलिए उन्हें इग्नोर नहीं करना चाहिए।
हड्डियों की मजबूती के लिए डाइट एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए अगर आप अपनी हड्डियों को कमजोर होने से बचाना चाहते हैं, तो महिलाएं संतुलित आहार लें, जिसमें दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां और मेवे शामिल हों। रोजाना धूप लें ताकि शरीर को पर्याप्त विटामिन D मिल सके। साथ ही नियमित एक्सरसाइज और समय-समय पर बोन डेंसिटी टेस्ट कराना भी जरूरी है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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