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20 की उम्र में कमजोर पड़ रही हैं हड्डियां, तो करवाएं Bone Density Test; डॉक्टर गिनवा रहे हैं इसके फायदे

आजकल लोगों को कम उम्र में ही हड्डियों की परेशानी हो रही है। हड्डियों की परेशानी कई अन्य बीमारियों का कारण भी बन सकती है। इसलिए हर व्यक्ति के लिए बोन डेंसिटी टेस्ट करवाना बहुत जरूरी है। आइए डॉक्टर से जानते हैं इस टेस्ट के बारे में-

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : August 3, 2026 7:20 AM IST

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Medically Verified By: Dr Ashis Acharya

सोचिए, आप सीढ़ियों से उतर रहे हैं और पैर थोड़ा लड़खड़ा गया। गिरे नहीं, बस हल्का सा झटका लगा। अगले ही पल आपको डर लगने लगता है - कहीं हड्डी टूट न गई हो? ये डर बेवजह नहीं है। उम्र के साथ हमारी हड्डियां अंदर से खोखली होने लगती हैं। बाहर से हम एकदम फिट दिखते हैं, लेकिन अंदर हड्डियों का बैंक बैलेंस खाली हो चुका होता है। और जब बैलेंस जीरो होता है, तो एक छोटी सी चोट भी फ्रैक्चर में बदल जाती है। इसी खोखलेपन को पकड़ने के लिए एक टेस्ट होता है - Bone Density Test यानी BMD टेस्ट। दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में सीनियर ऑर्थोपेडिक डॉ. आशीष आचार्य कहते हैं कि 30 साल की उम्र के बाद हर व्यक्ति को बोन डेंसिटी टेस्ट करवाना जरूरी है। आज इस लेख में जानेंगे बोन डेंसिटी टेस्ट क्या होता है और यह किस उम्र में करवाना चाहिए।

Bone Density है क्या?

डॉ. आशीष आचार्य बताते हैं कि हमारी हड्डियां ईंट की दीवार जैसी होती हैं। जवानी में ये दीवार एकदम मजबूत, सघन और ठोस होती है। कैल्शियम और मिनरल्स ईंट की तरह जमे होते हैं। 30 की उम्र के बाद ये ईंटें धीरे-धीरे गिरने लगती हैं। दीवार में छेद होने लगते हैं। इसे ही कहते हैं बोन डेंसिटी का कम होना। मेडिकल भाषा में जब ये बहुत ज्यादा कम हो जाए तो उसे Osteoporosis का खतरा रहता है।

यह टेस्ट हर व्यक्ति के लिए जरूरी है। यह टेस्ट हर व्यक्ति के लिए जरूरी है।

बोन डेंसिटी टेस्ट क्यों जरूरी है?

डॉक्टर बताते हैं कि हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होती हैं और शुरुआत में इसके कोई खास लक्षण नहीं दिखाई देते। यही कारण है कि ऑस्टियोपोरोसिस को अक्सर "Silent Disease" कहा जाता है। अगर समय रहते हड्डियों की कमजोरी का पता चल जाए, तो सही खान-पान, नियमित व्यायाम, कैल्शियम और विटामिन D की पर्याप्त मात्रा और जरूरत पड़ने पर दवाओं की मदद से स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है। इन्हीं बीमारियों का पता लगाने के लिए डॉक्टर समय समय पर बोन डेंसिटी टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं।

बोन डेंसिटी टेस्ट करवाने से क्या फायदा मिलता है?

बोन डेंसिटी टेस्ट करवाने से एक नहीं बल्कि कई प्रकार के फायदे मिलते हैं। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैः

  1. फ्रैक्चर का खतरा कम- बोन डेंसिटी टेस्ट बताता है कि आपकी हड्डियां कितनी मजबूत हैं। अगर स्कोर कम आया तो डॉक्टर 6 महीने पहले से दवा, डाइट और एक्सरसाइज शुरू करवा देते हैं। इससे गिरने या एक्सीडेंट होने पर फ्रैक्चर का खतरा कम करने में मदद मिलती है।
  2. हड्डी की बीमारी का खतरा कम- इस टेस्ट से पता चलता है कि आपकी हड्डियां कितनी मजबूत हैं। डॉ. आशीष आचार्य बताते हैं कि इस टेस्ट को करवाने से कम उम्र में ही हड्डी की बीमारी का पता चल जाता है।

किन लोगों को जरूर कराना चाहिए Bone Density Test?

हर व्यक्ति को इस टेस्ट की जरूरत नहीं होती, लेकिन कुछ लोगों में इसका महत्व काफी बढ़ जाता है।

  1. 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को।
  2. 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुषों को।
  3. मेनोपॉज के बाद की महिलाओं को, खासकर यदि अन्य जोखिम कारक मौजूद हों।
  4. जिन लोगों की हड्डी मामूली चोट में भी टूट चुकी हो।
  5. जिनके परिवार में ऑस्टियोपोरोसिस या हिप फ्रैक्चर का इतिहास रहा हो।
  6. लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाएं लेने वाले लोगों को।
  7. कैल्शियम या विटामिन D की कमी वाले लोगों को।
  8. धूम्रपान या अत्यधिक शराब का सेवन करने वालों को।
  9. गठिया, थायरॉयड, किडनी या कुछ अन्य पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को।

किस उम्र में कराना चाहिए बोन डेंसिटी टेस्ट?

  1. महिलाएं: 65 वर्ष की उम्र के बाद नियमित Bone Density Test कराने पर विचार करें।
  2. पुरुष: 70 वर्ष की उम्र के बाद जांच कराने की सलाह दी जाती है।

हड्डियों को मजबूत रखने के लिए क्या करें?

डॉक्टर बताते हैं कि हड्डियों को मजबूत रखने के लिए रोजाना की जीवनशैली में कुछ खास चीजों को अपनाना जरूरी है। इसमें शामिल है-

  1. रोजाना पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन D लें।
  2. नियमित वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज जैसे तेज चलना, सीढ़ियां चढ़ना और हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें।
  3. किसी भी प्रकार के शराब और धूम्रपान का सेवन करने से बचें।
  4. धूप में कुछ समय बिताएं ताकि शरीर प्राकृतिक रूप से विटामिन D बना सके।
  5. डॉक्टर की सलाह के बिना कैल्शियम या किसी अन्य प्रकार के सप्लीमेंट का सेवन न करें।

डॉक्टर कहते हैं कि हम कार का इंश्योरेंस कराते हैं, हेल्थ चेकअप कराते हैं। लेकिन उस ढांचे का चेकअप नहीं कराते जिस पर पूरा शरीर टिका है - हमारी हड्डियां। Bone Density Test महंगा नहीं है। 2000-3000 रुपये में हो जाता है। और ये आपको लाखों के हॉस्पिटल बिल और बेड रेस्ट से बचा सकता है। अगर आपकी उम्र 50+ है, या ऊपर लिखे कोई रिस्क है, तो इस महीने डॉक्टर से BMD टेस्ट के बारे में पूछिए। क्योंकि मजबूत हड्डियां ही आपको 70 की उम्र में भी सीढ़ियां चढ़ने, बच्चों के साथ खेलने और बिना डंडे के चलने की आजादी देंगी।

Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। टेस्ट कराने या कोई सप्लीमेंट लेने से पहले अपने ऑर्थोपेडिक या फिजिशियन से सलाह अवश्य लें।