हमें कम उम्र में ही हार्ट अटैक क्यों आ रहा है? डॉक्टर ने बताया बढ़ते आंकड़ों का कारण

Heart Attack In Young People: कम उम्र में हार्ट अटैक आने की संभावनाएं इतनी बढ़ गई हैं कि हर किसी के लिए इसका कारण और उपाय जानना बहुत जरूरी हो गया है। आइए आपको इस विषय पर विस्तार से बताते हैं।

हमें कम उम्र में ही हार्ट अटैक क्यों आ रहा है? डॉक्टर ने बताया बढ़ते आंकड़ों का कारण
VerifiedVERIFIED By: Dr Sumit Mohan Dheer

Written by Vidya Sharma |Updated : September 29, 2025 3:55 PM IST

Kam Age Mai Heart Attack Aane Ka Karan: हार्ट अटैक अब सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रहा, बल्कि युवा भी इससे पीड़ित हैं। इस बढ़ती समस्या के पीछे कई कारण हैं, जैसे अनुवांशिकता, जीवनशैली और छिपी हुई स्वास्थ्य समस्याएं आदि। ऐसे बहुत से कारण है जो हमें कम उम्र में हार्ट अटैक आने का कारण बन रहे हैं। इसलिए हमने नारायणा हॉस्पिटल, अहमदाबाद के सीनियर कंसल्टेंट और कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर सुमित धीर से बातचीत की।

उन्होंने बताया कि इस कम उम्र में हार्ट अटैक आने के मुख्य कारणों में लंबे समय तक बैठकर काम करना या इन एक्टिव लाइफस्टाइल, जंक फूड और प्रोसेस्ड खाने की आदत, धूम्रपान और शराब का सेवन, लगातार तनाव और नींद की कमी, फैमिली हिस्ट्री और अनुवांशिक जोखिम तथा नियमित स्वास्थ्य जांच की अनदेखी करना शामिल हैं। आइए हम थोड़ा विस्तार से जानते हैं कि डॉक्टर ने क्या बताया है। आइए डॉक्टर से जानते हैं कि युवाओं में दिल की बीमारियों जोखिम कारक क्या हैं और उन्हें कैसे रोका जा सकता है।

हार्ट अटैक क्यों होता है

हार्ट अटैक तब होता है जब दिल की मांसपेशियों तक खून पहुंचाने का रास्ता रुक जाता है। यह ज्यादातर तब होता है जब दिल की धमनियों (कोरोनरी आर्टरीज) में जमे फैट पर खून का थक्का जम जाता है। ऐसे में युवा लोगों में हार्ट अटैक आने के कई कारण हो सकते हैं जैसे-

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  • अस्वस्थ जीवनशैली- जैसे धूम्रपान, बार-बार जंक फूड खाना और जरूरत से ज्यादा शराब पीना।।
  • तनाव और नींद की कमी- इससे हार्मोन बिगड़ते हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।
  • मोटापा और व्यायाम की कमी- हाई कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज को बढ़ावा देती है।
  • शीली दवाओं का सेवन- कुछ ड्रग्स दिल की धमनियों को अचानक सिकुड़कर ब्लॉकेज पैदा कर सकते हैं।

यह कब होता है

यह अचानक भी हो सकता है, और कई बार पहले कोई लक्षण नजर तक नहीं आते। कई बार हार्ट अटैक की चेतावनी के संकेत जैसे सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई या अत्यधिक थकान को नजरअंदाज कर दिया जाता है या इसे एसिडिटी, चिंता या मांसपेशियों में खिंचाव समझ लिया जाता है। यह अक्सर तनाव के समय, अत्यधिक मेहनत के दौरान या लंबे समय तक स्वास्थ्य की अनदेखी करने के बाद होता है।

यह कैसे होता है

दिल की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल और चर्बी जमा हो जाती है, इसे एथेरोस्क्लेरोसिसकहते हैं। प्लाक अचानक फट जाता है, जिससे खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) बनता है। यह ब्लड क्लॉट हृदय की मांसपेशियों तक खून के प्रवाह को रोक देता है। ऑक्सीजन की आपूर्ति न होने पर दिल के उस हिस्से को नुकसान पहुंचता है, और इससे हार्ट अटैक आ जाता है। 

हार्ट अटैक को कैसे रोका जाए

  • दिल के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं – संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण।
  • धूम्रपान छोड़ें और शराब का सेवन सीमित करें।
  • तनाव को कम करने के लिए योग, ध्यान या माइंडफुलनेस अपनाएं।
  • ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज की नियमित जांच कराएं।
  • नींद को प्राथमिकता दें – रोज 7-8 घंटे की अच्छी नींद हार्ट अटैक के खतरे को कम करती है।

डॉक्टर से कब सलाह लें

  • अगर आपको ये लक्षण महसूस हों तो तुरंत मेडिकल मदद लें:
  • सीने में दर्द या दबाव, जो कुछ मिनटों से ज्यादा रहे।
  • दर्द का हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना।
  • अचानक सांस लेने में तकलीफ़।
  • अचानक पसीना आना, जी मिचलाना या चक्कर जैसा लगना।
  • हल्की-सी गतिविधि के बाद भी असामान्य थकान होना।
  • यदि ये लक्षण नहीं हैं, तो भी नियमित स्वास्थ्य जांच करवाना जरूरी है ताकि बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके।

मरीजों के लिए डायग्नोसिस को स्वीकार करना क्यों जरूरी है?

कई युवा मरीजों को यकीन ही नहीं होता कि उन्हें दिल का दौरा पड़ सकता है। इस इनकार की वजह से वे न तो जीवनशैली में बदलाव करते हैं और न ही इलाज को गंभीरता से लेते हैं, जिससे दोबारा हृदयघात का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए दवाएं समय पर लेना, जीवनशैली सुधारना और इलाज को गंभीरता से अपनाना जरूरी है- और इसकी शुरुआत सही डायग्नोसिस को स्वीकार करने से होती है।

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Highlights

  • जब दिल की मांसपेशियों तक खून पहुंचाने का रास्ता रुक जाता है, तो हार्ट अटैक आने की स्थिति बनती है।
  • हार्ट अटैक आने से पहले सीने में दर्द या सांस लेने में कठिनाई जैसे संकेत दिख सकते हैं।
  • संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण से आप हार्ट अटैक आने से रोक सकते हैं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

किस उम्र की महिलाओं में हार्ट डिजिज का रिस्क अधिक होता है?

75 वर्ष की उम्र के बाद, हार्ट  डिजिज रोग के मरीजों में महिलाओं की संख्या अधिक होती है।

क्या बच्चों में हार्ट अटैक हो सकता है

हां बच्चों में भी हार्ट अटैक आना संभव है, हालांकि, इसके मामले वयस्कों की तुलना में दुर्लभ होते हैं।

हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण क्या हैं

सीने में दर्द होना, जी मिचलाना, शरीर के बाएं तरफ दर्द होना आदि हार्ट अटैक के कुछ शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।

हार्ट डिजीज क्या है

हृदय से होने वाली कोई भी बीमारी जैसे हार्ट अटैक, हार्ट का रुक जाना (हार्ट फेलियर) और धमनियों से जुड़ी बीमारी आदि