
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Medically Verified By: Dr. S. Shashank
सिरदर्द और माइग्रेन
गर्म मौसम का असर सिर्फ शरीर पर ही नहीं, बल्कि दिमाग पर भी कई तरह से पड़ता है। पिछले कुछ वर्षों में डॉक्टरों ने देखा है कि तापमान बढ़ने के साथ-साथ माइग्रेन और गंभीर सिरदर्द के मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। इसके प्रमुख कारणों में तेज धूप, डिहाइड्रेशन, अनियमित खान-पान और पर्याप्त नींद की कमी शामिल हैं। जिनोवा शालबी के कंसलटेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर एस. शशांक के अनुसार, बहुत ही अधिक गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे दिमाग की ब्लड वैसल्स में बदलाव आ सकता है और माइग्रेन का दौरा ट्रिगर हो सकता है।"
इसके अलावा वह बताते हैं कि लंबे समय तक गर्म और उमस भरे वातावरण में रहना, तेज धूप के संपर्क में आना तथा अचानक गर्म वातावरण से ठंडे वातावरण (एयर कंडीशनर) में जाने से भी सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है। गर्मी के मौसम में लोगों का डेली रूटीन पर भी असर पड़ता है। लेकिन गर्मियों में माइग्रेन और अधिक सिरदर्द की समस्या इतनी क्यों बढ़ जाती है? आइए डॉक्टर से विस्तार से जानते हैं।
डॉक्टर बताते हैं कि "ऐसे में पर्याप्त नींद न लेना, खाना छोड़ना, अधिक मात्रा में कैफीन या ठंडे पेय पदार्थों का सेवन, तनाव और लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहने जैसी आदतें माइग्रेन के खतरे को बढ़ा सकती हैं। जिन लोगों को पहले से माइग्रेन की समस्या है, उनमें गर्मियों के दौरान इसके दौरे अधिक बार और अधिक गंभीर हो सकते हैं।"
जब हमने डॉक्टर से यह सवाल पूछा कि सिर दर्द और माइग्रेन के किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, तो उन्होंने कुछ पॉइंट्स बताए, जैसे-
डॉक्टर का कहना है कि हर सिरदर्द नॉर्मल नहीं होता। अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा है, सहा नहीं जा रहा है या इसके साथ कोई न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो समय रहते जांच और उपचार कराना जरूरी है। सही जीवनशैली और समय पर मेडिकल एडवाइस से माइग्रेन और गंभीर सिरदर्द को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: अगर पहली बार बहुत तेज सिरदर्द, उल्टी, चक्कर आना या शरीर के किसी खास हिस्से में कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए और विस्तृत जांच करवानी चाहिए। इसे सिर्फ माइग्रेन नहीं समझना चाहिए, क्योंकि यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है!