
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : October 15, 2025 10:54 AM IST
Hamare Hath Par Hi Injection Kyu Lagaya Jata Hai: अक्सर देखा जाता है कि अस्पतालों या क्लिनिक में जब किसी मरीज को इंजेक्शन दिया जाता है, तो अधिकांश मामलों में वह हाथ पर ही लगाया जाता है। कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर इंजेक्शन हमेशा हाथ पर ही क्यों लगाया जाता है, शरीर के किसी और हिस्से पर क्यों नहीं। इस सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण सवाल का जवाब चिकित्सा विज्ञान के सिद्धांतों में छिपा है।
इस विषय पर हमने नारायणा अस्पताल, जयपुर के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अम्बरीश कुमार गर्ग से बातचीत की, उन्होंने बताया कि 'इंजेक्शन देने का मुख्य उद्देश्य दवा को सीधे रक्त प्रवाह या मांसपेशियों में पहुंचाना होता है ताकि वह तेजी से असर दिखा सके। शरीर के विभिन्न हिस्सों में मांसपेशियों और नसों की संरचना अलग-अलग होती है। हाथ, विशेष रूप से ऊपरी भाग यानी डेल्टॉइड मसल, इंजेक्शन देने के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है क्योंकि यहां की मांसपेशियां मध्यम गहराई पर होती हैं और रक्त संचार भी अच्छा रहता है। इससे दवा जल्दी अवशोषित होती है और प्रभावी ढंग से काम करती है।'
इसके अलावा, हाथ पर इंजेक्शन लगाना डॉक्टर और नर्सों के लिए तकनीकी रूप से भी सुविधाजनक होता है। इस हिस्से को आसानी से उजागर किया जा सकता है, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। इंजेक्शन देते समय मरीज को भी ज्यादा असुविधा नहीं होती क्योंकि यह क्षेत्र अपेक्षाकृत छोटा और नियंत्रित होता है।
हर इंजेक्शन हाथ पर नहीं लगाया जाता। इंजेक्शन के प्रकारके आधार पर यह तय किया जाता है कि दवा कहां दी जानी चाहिए।
इसे मांसपेशी में लगाया जाता है। आमतौर पर यह ऊपरी बांह, नितंब या जांघ में दिया जाता है। डेल्टॉयड मसल्स में इंजेक्शन देना सबसे सामान्य है क्योंकि यह आसानी से पहुंच योग्य होती है।
इसे नस में दिया जाता है ताकि दवा सीधे रक्त प्रवाह में जा सके। इसके लिए प्रायः हाथ की नसें चुनी जाती हैं क्योंकि वे स्पष्ट और सुलभ होती हैं।
इसे त्वचा के ठीक नीचे लगाया जाता है। यह हाथ, पेट या जांघ में दिया जा सकता है।
हाथ पर इंजेक्शन लगाने का एक और लाभ यह है कि यदि किसी व्यक्ति को एलर्जिक रिएक्शनया दुष्प्रभाव होता है, तो उसे तुरंत पहचाना जा सकता है और आवश्यक उपचार दिया जा सकता है। इंजेक्शन से पहले और बाद में क्षेत्र को साफ करना आवश्यक होता है ताकि संक्रमण की संभावना न रहे।
जरूरत पड़ने पर डॉक्टर शरीर के अन्य हिस्सों जैसे नितंब या जांघ में भी इंजेक्शन लगाते हैं। यह दवा की प्रकृति, उसकी मात्रा और असर की गति पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, कुछ वैक्सीन या एंटीबायोटिक इंजेक्शनमांसपेशी में गहराई तक पहुंचने की आवश्यकता के कारण नितंब में दिए जाते हैं।
हाथ पर इंजेक्शन लगाना केवल परंपरा नहीं, बल्कि चिकित्सीय दृष्टि से एक सुविचारित प्रक्रिया है। यह तरीका न केवल प्रभावी और सुरक्षित है, बल्कि मरीज और स्वास्थ्यकर्मी दोनों के लिए सुविधाजनक भी है। इसलिए जब अगली बार डॉक्टर या नर्स आपके हाथ पर इंजेक्शन लगाएं, तो समझिए कि यह स्थान आपके शरीर के लिए सबसे उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सुरक्षित चुना गया है।
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Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
हाथ में लगने वाले इंजेक्शन को इंट्रा-आर्टिकुलर इंजेक्शन (Intra-articular injection) कहा जाता है।
कंधे के दर्द से राहत. सूजन कम हो जाती है जिससे उपचार संभव हो जाता है।
क्योंकि यह कलाई और हाथ में ऑस्टियोआर्थराइटिस का सबसे आम स्थान है।
आईवीएफ में आमतौर पर 10 से 20 इंजेक्शन लग सकते हैं।