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बिना किसी लक्षण के हार्ट अटैक का कारण बन सकता है High Triglycerides, कैसे करें बचाव

Triglycerides High Meaning: हार्ट अटैक के सबसे बड़े कारणों में सिर्फ बैड कोलेस्ट्रॉल ही नहीं बल्कि ट्राइग्लिसराइड भी है, लेकिन ज्यादार लोगों को इस बारे में पूरी जानकारी नहीं होती है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : January 19, 2026 5:30 PM IST

High Triglycerides And Heart Attack Risk: अक्सर आपने हार्ट अटैक के अधिकतर मामले हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण देखे होंगे। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि बगैर किसी लक्षण के भी लोगों को हाई ट्राइग्लिसराइड्स के कारण भी हार्ट अटैक होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। जी हां ठीक सुना आपने। यह शरीर में मौजूद एक ऐसी चर्बी होती है जो हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होती है और हमें ऊर्जा भी देती है। लेकिन जब इसका स्तर शरीर में हद से ज्यादा बढ़ जाता है, तो यह बगैर लक्षण के भी हार्ट अटैक या साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा देती है। इसलिए इस हार्ट अटैक को सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है। तो चलिए लिए जानते हैं हाई ट्राइग्लिसराइड्स क्या होता है और यह कैसे बगैर लक्षण के भी हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा देता है।

क्या होता है हाई ट्राइग्लिसराइड्स

अक्सर जब भी हम बहुत ज्यादा कैलोरी वाला खाना विशेषतौर पर बाहर का खाना जैसे मीठा, तला एवं भुना और प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं, तो हमारा शरीर एक्स्ट्रा ऊर्जा को ट्राइग्लिसराइड्स के रूप में स्टोर कर लेता है। सामान्य तौर पर यह 150/dl से कम स्तर पर सुरक्षित माना जाता है। लेकिन जब इसका स्तर बढ़ जाता है, तो यह हमारे शरीर की रक्त धमनियों में चर्बी के रूप में जमा होने लगता है। जिससे अचानक हार्ट अटैक आने का खतरा बना रहता है।

बिना लक्षण के हार्ट अटैक का खतरा

हाई ट्राइग्लिसराइड्स शरीर की धमनियों में प्लाक जमा करते हैं और यही प्लाक जब शरीर की धमनियों में ज्यादा बढ़ जाता है, तो यह ब्लड फ्लो को कम कर देता है, जिससे व्यक्ति को सीने में दर्द पसीना या घबराहट जैसे लक्षण महसूस नहीं होते हैं। साथ ही यह दिल की मांसपेशियों को भी कमजोर करता है। इस स्थिति को साइलेंट हार्ट अटैक कहा जाता है और यह कभी भी किसी वक्त भी अचानक से आ सकता है।

इन लोगों में सबसे ज्यादा खतरा

बगैर लक्षण के हार्ट अटैक या साइलेंट हार्ट अटैक का सबसे ज्यादा खतरा मोटापे, टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और अत्यधिक शराब पीने वाले व्यक्ति में ज्यादा बना रहता है। इसके अलावा, जिनके परिवार में व्यक्ति को दिल से संबंधित समस्या होती है, उन्हें भी इससे बचकर रहना चाहिए।

कैसे करें हाई ट्राइग्लिसराइड्स को कंट्रोल

हाई ट्राइग्लिसराइड्स को कंट्रोल करने के लिए आपको मीठी चीज, सफेद आटा, तला भुना खाना, फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनानी चाहिए। इसके साथ ही आपको अपनी डाइट में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर चीजों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। इसके साथ ही अगर आप शराब का सेवन करते हैं, तो उसे भी तुरंत बंद कर दे।

लाइफस्टाइल में भी करें बदलाव

हाई ट्राइग्लिसराइड्स से बचने के लिए आपको अपनी दैनिक दिनचर्या में भी बदलाव की जरूरत है। अगर आप साइलेंट हार्ट अटैक से खुद को बचाना चाहते हैं, तो इसके लिए नियमित रूप से व्यायाम करें। आपको खाना खाने के बाद कम से कम 10 से 15 मिनट की वॉक करनी चाहिए। आप चाहे तो सुबह योग या साइकलिंग भी कर सकते हैं। यह ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मदद करेगा। साथ ही यह आपके तनाव को भी कम करेगा।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।