भारत में लगातार क्यों बढ़ रहे हैं सर्वाइकल कैंसर के मामले? जानें कौन-से कारण हैं जिम्मेदार

Cervical Cancer: भारत में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके पीछे जागरूकता की कमी को जिम्मेदार माना जा रहा है।

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Written By: Anju Rawat | Published : January 18, 2026 12:22 PM IST

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Medically Verified By: DR. Vineet

Cervical Cancer in Hindi:नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च के अनुसार, भारत में हर 8 मिनट में एक महिला की गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (Cervical Cancer) से मौत हो जाती है। यह कैंसर, भारत में महिलाओं को होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर बन चुका है। आपको बता दें कि सर्वाइकल कैंसर का सबसे मुख्य कारण एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) इंफेक्शन है। जब कोई महिला इस संक्रमण की चपेट में आती है, तो उसे सर्वाइकल कैंसर हो सकता है। यह संक्रमण यौन संपर्क से फैलता है। यह इंफेक्शन गुदा, जननांग क्षेत्र और त्वचा से एक-दूसरे को प्रभावित करता है। हालांकि, समय पर निदान और इलाज से सर्वाइकल कैंसर से जान बचाई जा सकती है। इसलिए सर्वाइकल कैंसर का समय पर जांच बहुत जरूरी है। यही वजह है कि लोगों में सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल जनवरी माह को सर्वाइकल कैंसर अवेयरनेस मंथ (cervical cancer awareness month 2026) के रूप में मनाया जाता है। आपको बता दें कि साल 2022 में विश्वस्तर पर सर्वाइकल कैंसर के 6 लाख से ज्यादा मामले सामने आए थे। वहीं, 3 लाख से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। देश में भी सर्वाइकल कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। वीएनए हॉस्पिटल (VNA Hospital) के यूरोलॉजी विभाग के डायरेक्टर और हेड डॉ. विनीत मल्होत्रा से जानते हैं-

भारत में क्यों बढ़ रहे सर्वाइकल कैंसर के मामले?

  • भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर तेजी से बढ़ रहा है, इसका सबसे मुख्य कारण है लोगों में जागरूकता की कमी।
  • भारत में लोगों में अभी भी सर्वाइकल कैंसर को लेकर जागरूकता नहीं बढ़ी है।
  • ज्यादातर महिलाओं ने आज भी एचपीवी वैक्सीन नहीं लगवाई है।
  • वहीं, कई महिलाएं समय-समय पर सर्वाइकल कैंसर की जांच भी नहीं करवाती है।

दरअसल, सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती स्टेज में लक्षण महसूस नहीं होते हैं। जब बीमारी गंभीर हो जाती है, तो सर्वाइकल कैंसर का निदान हो पाता है। इसलिए जरूरी है कि सर्वाइकल कैंसर की नियमित जांच जरूर करानी चाहिए। अगर आप नियमित रूप से सर्वाइकल कैंसर के टेस्ट करवाएंगे तो इससे इसका निदान और इलाज जल्दी हो पाएगा। समय पर जांच करने से सर्वाइकल कैंसर को बढ़ने से रोका जा सकता है। सर्वाइकल कैंसर की जांच न करवाना और इसकी वैक्सीन न लेना भारत में बढ़ते सर्वाइकल कैंसर के मामलों का कारण बन सकते हैं। डॉ. विनीत बताते हैं, "जागरूकता और स्क्रीनिंग की कमी, सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामलों के कारण होते हैं।"

सर्वाइकल कैंसर बढ़ने के मुख्य कारण

  • एचपीवी संक्रमण की वजह से सर्वाइकल कैंसर होता है।
  • कम उम्र में शादी करना और गर्भधारण करने वाली महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है।
  • साफ-सफाई की कमी यानी हाइजीन में न रहने से भी सर्वाइकल कैंसर हो सकता है।
  • धूम्रपान और कमजोर इम्यूनिटी की वजह से भी सर्वाइकल कैंसर हो सकता है।

सर्वाइकल कैंसर के बचाव के लिए क्या करना चाहिए?

  • सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए आपको पैप स्मीयर टेस्ट कराना बहुत जरूरी है।
  • 30 की उम्र के बाद एचपीवी टेस्ट भी कराएं। इससे सर्वाइकल कैंसर का समय पर निदान करने में मदद मिलेगी।
  • पैप स्मीयर और एचपीवी टेस्ट कराने से सर्वाइकल कैंसर को पूरी तरह रोका जा सकता है।
  • सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीनेशन भी जरूरी है।
  • आपको असुरक्षित यौन संबंध से बचना चाहिए।
  • नियमित रूप से स्क्रीनिंग कराएं और अगर किसी तरह की ब्लीडिंग हो रही है तो इसे नजरअंदाज न करें।

Highlights:

  • सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए पैप स्मीयर और एचपीवी टेस्ट जरूर करना चाहिए।
  • एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण बनता है।
  • भारत में बढ़ते सर्वाइकल कैंसर के मामलों का मुख्य कारण जागरूकता की कमी है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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