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आपका चिड़चिड़ापन हार्ट को पहुंचा रहा है नुकसान, डॉक्टर से समझें कैसे गुस्सा दिल पर डालता है असर

बार-बार गुस्सा करने से न सिर्फ मेंटल हेल्थ प्रभावित होता है, बल्कि हार्ट हेल्थ पर भी इसका असर दिखाई देता है। आइए डॉक्टर से जानते हैं बार-बार गुस्सा और चिड़चिड़ापन हार्ट हेल्थ को किस तरह प्रभावित कर सकता है?

Written By Kishori Mishra
Published : June 27, 2026 10:34 AM IST

Anger and Heart Health

तेज रफ्तार भरी जिंदगी और काम के बोझ में दबे लोगों के अंदर सामान्य से कई गुना ज्यादा गुस्सा होना काफी आम हो  चुका है। लोगों में गुस्सा या चिड़चिड़ापन बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें घर से निकलते ही ट्रैफिक में फंसना, ऑफिस में लेट पहुंचना, बच्चे को खाना देना, टिफिन समय पर पैक करना और ऑफिस की चिक-चिक जैसी चीजें शामिल हैं। वहीं, कई बार काम का प्रेशर नींद को भी प्रभावित करता है, जिससे मेंटल हेल्थ प्रभावित होता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि गुस्सा न सिर्फ मेंटल हेल्थ को प्रभावित करता है, बल्कि इससे हार्ट हेल्थ भी प्रभावित हो सकता है। आइए फरीदाबाद स्थित फॉर्टिस हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विनीत बंगा से जानते हैं कि गुस्सा और चिड़चिड़ापन हार्ट को कैसे करता है प्रभावित?

क्या है गुस्सा और दिल का सीधा रिश्ता?

डॉक्टर कहते हैं कि जब कोई व्यक्ति गुस्सा करता है, तो शरीर में स्ट्रेस हार्मोन जैसे एड्रेनालिन और कोर्टिसोल तेजी से बढ़ जाते हैं। इससे दिल की धड़कन तेज हो जाती है और ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है। अगर यह स्थिति बार-बार होती है, तो यह दिल की रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालती है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। उनका कहना है कि लंबे समय तक गुस्से में रहने वाले लोगों में हार्ट डिजीज का रिस्क उन लोगों की तुलना में ज्यादा होता है जो शांत स्वभाव के होते हैं।

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क्या कहता है मेडिकल साइंस?

NIH के मुताबिक, गुस्सा आने के 1–2 घंटे के अंदर हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ सकता है। इसका कारण यह है कि गुस्से के दौरान शरीर फाइट या फ्लाइट मोड में चला जाता है, जिससे दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है। वहीं,  ब्लड प्रेशर, खून गाढ़ा होने की संभावना और आर्टरीज में सूजन आ सकती है

लगातार चिड़चिड़ापन क्यों है खतरनाक?

अगर कोई व्यक्ति हर छोटी बात पर गुस्सा करता है या लंबे समय तक तनाव में रहता है, तो यह क्रॉनिक स्ट्रेस बन जाता है। यह स्थिति धीरे-धीरे शरीर की धमनियों को सख्त कर सकती है, जिसे एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है। यह हार्ट अटैक का एक बड़ा कारण है। इसके अलावा चिड़चिड़े लोग अक्सर नींद की कमी, खराब खानपान और शारीरिक स्थिरता जैसी आदतों से भी जुड़ जाते हैं, जो हार्ट हेल्थ को और बिगाड़ देती हैं।

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कैसे गुस्से से दिल को रखें सुरक्षित?

दिल को स्वस्थ रखने के लिए गुस्से को कंट्रोल करना बहुत जरूरी है, जैसे-

  1. नियमित रूप से कम से कम 20-30 मिनट वॉक या योग करें।
  2. गहरी सांस लेने की आदत डालें।
  3. नींद पूरी लें, कोशिश करें कि 7-8 घंटे की नींद जरूर लें।
  4.  कैफीन और जंक फूड कम करें।
  5. गुस्सा आने पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय थोड़ा रुकें, इत्यादि।

Disclaimer : गुस्सा एक सामान्य भावना है, लेकिन जब यह आदत बन जाए तो यह धीरे-धीरे आपके दिल को नुकसान पहुंचा सकता है। मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन सिर्फ दिमाग के लिए ही नहीं, बल्कि आपके हार्ट की सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी है। इसलिए अपने गुस्से को पहचानें, उसे समझें और सही तरीके से कंट्रोल करना सीखें।