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Written By: Yogita Yadav | Published : August 22, 2019 11:57 AM IST
Vitamin D deficiency can impair wound healing and put you at risk of other infections.
डॉक्टर मानते हैं कि अगर आप खुली बांहों से धूप की रोशनी में बाहर निकलते हैं, तो आपका शरीर आपके लिए जरूरी विटामिन डी का निर्माण कर लेता है। पर यह भी अब संभव हो पाना मुश्किल हो गया है। इनडोर एक्टिविटी और व्यस्तता बढ़ जाने के कारण अब बहुत कम लोग ऐसे हैं जिनमे विटामिन डी की कमी न हो। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि विटामिन डी सप्लीकमेंट्स (Vitamin D- supplement) लेना सेहत के लिए कितना फायदेमंद है।
विटामिन डी असल में कोई विटामिन नहीं बल्कि एक हार्मोन है। शरीर के स्वस्थ परिचालन के लिए इसकी जरूरत होती है। विटामिन डी की कमी होने पर हम हरदम थकान का अनुभव करते हैं। इससे मेमोरी लॉस भी होने लगता है, क्योंकि विटामिन डी ब्रेन फंक्शन को भी प्रभावित करता है। इसके अलावा बोन हेल्थ के लिए भी विटामिन डी बहुत जरूरी है।
सूरज की अल्ट्रावायोलेट बी किरणें जब हमारे शरीर पर पड़ती हैं, तो हमारा शरीर अंदर मौजूद कोलेस्ट्रॉल से विटामिन डी बना लेता है। ये दो क़िस्म का होता है, विटामिन डी3 जो मछली समेत कई जानवरों में पाया जाता है। जब हमारी त्वचा पर सूरज की रोशनी पड़ती है, तो भी ये विटामिन डी3 बनता है। जबकि दूसरा है विटामिन डी2, जो पौधों से मिलने वाले खान-पान जैसे मशरूम में पाया जाता है। हमारे शरीर के लिए विटामिन डी3 ज्यादा लाभदायक है। शरीर में इसकी कमी होने पर गंभीर खतरे हो सकते हैं। ऐसे में डॉक्टर विटामिन डी सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं।
ज्यादातर देशों में अब लोगों में विटामिन डी की कमी देखी जा रही है। इससे मस्तिष्क संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही हम पूरी एनर्जी से काम नहीं कर पाते और बार-बार हड्डी टूटने या फ्रैक्चर की समस्या का सामना भी करना पड़ता है। इससे बचने के लिए डॉक्टर विटामिन डी सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। इसे किसी भी दवा की दुकान से बिना पर्चे के भी खरीदा जा सकता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अगर शरीर में विटामिन डी की भारी कमी है, तो विटामिन डी सप्लीमेंट लिए जाने चाहिए। लेकिन यह धूप का विकल्प नहीं है। अगर आप सूरज की रोशनी में पर्याप्त समय बिता सकते हैं तो यह विटामिन डी सप्लीमेंट लेने से ज्यादा बेहतर है। रोज़ाना विटामिन डी सप्लीमेंट की 25 नैनोमॉल मात्रा लेना नुक़सानदेह नहीं है। पर इससे अधिक लेने पर शरीर को कई नुकसान भी उठाने पड़ सकते हैं। इससे उल्टी और चक्कर आने का खतरा रहता है।
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