
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Written By: priya mishra | Published : May 8, 2024 11:19 AM IST
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World Ovarian Cancer Day: कैंसर एक गंभीर और जानलेवा रोग है, जो शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। कैंसर तब होता है, जब हमारे शरीर की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। ओवेरियन कैंसर महिलाओं में होने वाला एक खतरनाक कैंसर है। यह एक खतरनाक स्थिति है, जिसमें महिलाओं की ओवरी यानी अंडाशय में असामान्य कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं। ये कोशिकाएं काफी तेजी से फैलने लगती हैं और ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। अगर समय पर इलाज शुरू न किया जाए, तो ये शरीर के बाकी अंगों में भी फैल सकती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो महिलाओं में ओवेरियन कैंसर की शुरुआत होने पर कई लक्षण और संकेत नजर आते हैं। लेकिन ये लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि कई बार आखिरी स्टेज तक भी इनका पता नहीं चल पाता है। ऐसे में, समय पर इलाज न मिलने से रोगी की मृत्यु भी हो सकती है। इसलिए महिलाओं को अपने शरीर में हो रहे बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और ओवेरियन कैंसर के लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह पर जरूरी जांच करवानी चाहिए। हर साल 8 मई को वर्ल्ड ओवेरियन कैंसर डे (World Ovarian Cancer Day) मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य विश्व भर की महिलाओं को ओवेरियन कैंसर के प्रति जागरूक करना है। आइए, इस खास मौके पर डॉ राहुल मनचंदा, सीनियर कंसलटेंट, गाइनेकोलॉजिकल एंडोस्कोपिक और रोबोटिक सर्जन से जानते हैं कि किसे ओवेरियन कैंसर के लक्षण क्या हैं और इसकी जांच करवानी चाहिए?
ओवेरियन कैंसर को साइलेंट किलर भी कहा जाता है क्योंकि अधिकतर मामलों इसके शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते हैं। कैंसर के गंभीर रूप लेने के बाद ही इसके लक्षण दिखाई देना शुरू होते हैं। हालांकि, इसके शुरुआती लक्षणों की समय रहते पहचान कर लेने से इलाज संभव हो सकता है। अगर आपको भी नीचे दिए गए लक्षणों में से एक या अधिक लक्षण नजर आ रहा है, तो आपको डॉक्टर से मिलकर ओवेरियन कैंसर की जांच करवानी चाहिए। आइए, जानते हैं ओवेरियन कैंसर के लक्षण क्या हैं -
ओवेरियन कैंसर के लक्षण नजर आने पर आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जिन महिलाओं की उम्र 40 वर्ष से अधिक है या ओवेरियन कैंसर होने की फैमिली हिस्ट्री हो, उन्हें नियमित रूप से ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, मैमोग्राम और पैप स्मियर टेस्ट की जांच करवानी चाहिए।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।