WHO के अनुसार 2050 तक तेजी से बढ़ सकते हैं कैंसर के मामले, एक्सपर्ट्स ने जताई महिलाओं के लिए बताया बड़ा खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, साल 2050 तक दुनिया भर में कैंसर के मामले काफी तेजी से बढ़ सकते हैं और इस बढ़ते स्वास्थ्य संकट में महिलाओं के लिए भी एक बड़ा खतरा हो सकता है, जिसके बारे में हम एक्सपर्ट्स से जानेंगे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की हाल ही में आई रिपोर्ट स्वास्थ्य की दृष्टि से किसी चेतावनी की से कम नहीं है, क्योंकि नई रिसर्च का मानना है कि 2050 तक कैंसर के मामले तेजी से बढ़ जाएंगे और अब से लगभग दोगुने हो जाएंगे। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2050 तक हर 5 में से एक व्यक्ति को उसके जीवन में एक बार 1 कैंसर होने का अनुमान है। यह रिसर्च काफी चिंताजनक है और ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि सही जीवनशैली और खानपान की मदद से इस बढ़ते खतरे को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। इसी बीच एक्सपर्ट्स महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे गायनी कैंसर के मामलों को लेकर भी चिंता जताई है, जिसमें कहा गया है कि अगर अभी से सही जीवनशैली और रोकथाम पर ध्यान न दिया गया तो आने वाले समय में स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।
कम उम्र की महिलाओं में बढ़ रहे कैंसर के मामले
भारत में महिलाओं के बीच गायनी कैंसर के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं जिसमें विशेष रूप से सर्वाइकल कैंसर, ओवेरियन कैंसर और एंडोमेट्रियल कैंसर शामिल हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि अब ये कैंसर कम उम्र की महिलाओं में भी तेजी से बढ़ता हुआ दिख रहा है। इसके पीछे जेनेटिक से लाइफस्टाइल तक कई अलग-अलग फैक्टर हो सकते हैं, जिन पर ध्यान देना इन बढ़ते मामलों को कंट्रोल करने के लिए बेहद जरूरी है।
महिलाओं में कैंसर की पहचान आसान नहीं
गायनी ऑनकोलॉजी (Gynae Oncology) में सबसे बड़ी चुनौती यह भी बनती जा रही है, कि इनकी पहचान करना इतना आसान भी नहीं होता है और इस कारण से कई बार ऐसे मामलों का देरी से पता चलता है, जब तक कैंसर भी बढ़ चुका होता है। ऐसे में कैंसर जितना बढ़ता है, उसका इलाज उतना ही मुश्किल हो जाता है और जटिलताएं होने का खतरा उतना ही बढ़ जाता है।
गायनी कैंसर के शुरुआती लक्षण
किसी भी कैंसर का इलाज और उसे बढ़ने से रोकने के लिए उसकी समय पर पहचान करना बेहद जरूरी है और इसलिए महिलाओं को निम्न लक्षणों का जरूर ध्यान रखना चाहिए -
- सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण - असामान्य ब्लीडिंग, असामान्य मासिक धर्म, सफेद पानी की दिक्कत
- ओवेरियन कैंसर के लक्षण - लगातार पेट फूलना, पेट दर्द, भूख कम होना, बार-बार पेशाब आना
- एंडोमेट्रियल कैंसर के लक्षण - मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग, असामान्य स्राव, पेशाब करते समय दर्द होना
अक्सर देखा गया है कि इन लक्षणों को महिलाएं अक्सर सामान्य मान लेती हैं और इस कारण से कैंसर बढ़कर गंभीर हो जाता है और कई बार तो अस्पताल तक पहुंचने तक कैंसर अंतिम चरणों में पहुंच जाता है, जिससे इलाज बेहद जटिल हो जाता है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि हर महिला को इन लक्षणों की अच्छे से पहचान होनी चाहिए ताकि वे इन्हें आम लक्षण समझने की गलती न करें।
कैंसर के लड़ने के लिए समय पर जांच बेहद जरूरी
मेडिकल साइंस मानता है कि समय पर की गई जांच कैंसर के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार होता है। महिलाओं में होने वाली कैंसर के कुछ लक्षण महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी सामान्य बीमारियों जैसे होते हैं और यह भी हो सकता है कि वे लक्षण कैंसर के ना हो, लेकिन फिर भी जल्द से जल्द जांच कराने की सलाह दी जाती है, ताकि अगर दुर्भाग्यवश वह कैंसर का ही लक्षण है, तो समय पर उसका इलाज शुरु किया जा सके और स्थिति को गंभीर होने से बचाया जा सके।
सर्वाइकल कैंसर को 21 वर्ष की उम्र से हर 3 साल में पैप स्मीयर टेस्ट (PAP Smear Test), 30 साल के बाद एचपीवी को-टेस्टिंग (HPV Co-testing) और समय पर एचपीवी वैक्सीनेशन के जरिए 90% तक रोका जा सकता है। इसी तरह ओवेरियन कैंसर के लिए पेल्विक अल्ट्रासाउंड व CA-125 टेस्ट और एंडोमेट्रियल कैंसर के लिए ट्रांसवैजाइनल सोनोग्राफी अत्यंत प्रभावी डायग्नोस्टिक टूल हैं। आज चिकित्सा जगत में सर्जरी, कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी जैसे आधुनिक उपचार उपलब्ध हैं, जो इलाज को पहले से कहीं अधिक सफल बनाते हैं। प्रत्येक महिला को वर्ष में एक बार नियमित गायनी जांच अवश्य करानी चाहिए और पारिवारिक इतिहास होने पर जेनेटिक काउंसलिंग लेनी चाहिए, क्योंकि जागरूकता ही सबसे बड़ी दवा है।
Dr. Amita Naithani, Senior Consultant, Gynecology & Robotic Surgery, Apollo Athenaa Women's Cancer Centre
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल कैंसर के बढ़ते मामलों व उससे जुड़े अन्य खतरों के बारे में जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।