WHO ने चेताया अभी भी मंडरा मंकीपॉक्स का खतरा, जानें कैसे रखें अपने परिवार को सुरक्षित

Monkeypox Risk: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में जारी की एक रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक मंकीपॉक्स का खतरा टला नहीं है और ऐसे में किन बातों का ध्यान रखा सबसे ज्यादा जरूरी है।

WHO ने चेताया अभी भी मंडरा मंकीपॉक्स का खतरा, जानें कैसे रखें अपने परिवार को सुरक्षित

Written by Mukesh Sharma |Updated : August 29, 2025 7:19 PM IST

Monkeypox global health risk: मंकीपॉक्स (Monkeypox) एक प्रकार का वायरल इन्फेक्शन है, जिसे आमतौर पर मपॉक्स (Mpox) के नाम से भी जाना जाता है। मंकीपॉक्स ऐसी बीमारी है, जो जानवरों से मनुष्यों में फैल सकती है और इसी कारण से इसी जूनोटिक डिजीज की श्रेणी में रखा गया है। मनुष्यों में इसका पहला मामला 1970 में दर्ज किया गया था, जिसमें एक 9 महीने के बच्चे में यह इंफेक्शन पाया गया था। उस समय यही अनुमान लगाया गया था कि यह संक्रमण किसी न किसी तरीके से जानवरों से ही इस बच्चे में फैला है।

खतरा अभी टला नहीं: डबल्यूएचओ

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल आज अपनी रिपोर्ट में बताया कि मंकीपॉक्स का खतरा भी टला नहीं है। 47 देशों में आज भी इसका खतरा बना हुआ है जिसमें 3924 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और इनमें जुलाई के महीने में 30 मौत भी दर्ज की जा चुकी हैं। जुलाई के महीने में कई देशों में अलग-अलग जगह पर मामले देखे जा चुके थे, जिससे साबित होता है कि दुनियाभर में अभी भी मंकीपॉक्स का खतरा बना हुआ है।

हालांकि, कुछ देशों में औसतन मामलों में कमी भी देखने को मिलरही है और इनें आमतौर पर अफ्रिका-यूरोप व अमेरिका के क्षेत्र प्रमुख रूप से शामिल हैं। हालांकि, डबल्यूएचओ के अनुसार पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्रों ने जुलाई में मंकीपॉक्स के नए मामलों से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी है।

Also Read

More News

(और पढ़ें -क्या कपड़े धोने से हट जाता है मंकीपॉक्स)

पिछले कुछ वर्षों में चर्चा का विषय

2022 के बाद मंकीपॉक्स हर जगह चर्चा का विषय बना गया है और ऐसा इसलिए हुआ है, क्योंकि 2022 में और उसके बाद मंकीपॉक्स के मामले उन क्षेत्रों में भी फैलने लगे थे जिनमें जिनमें पहले कोई मामला नहीं पाया गया था जैसे यूरोप और अमेरिका। विश्व स्वास्थ्य संगठन कई क्षेत्रों में इस बीमारी के कारण इमर्जेंसी लागू कर दी थी। मंकीपॉक्स के बारे में ज्यादा चर्चा होने का एक कारण यह भी रहा है कि कोविड-19 के बाद लोगों का ध्यान वैश्विक बीमारियों पर ज्यादा रहा है।

अपने परिवार को कैसे रखें सुरक्षित

पिछले कुछ सालों में मंकीपॉक्स का खतरा तेजी से बढ़ा है और अगर आप अपने बच्चों व परिवार को इससे सुरक्षि रखना चाहते हैं तो इसके प्रति पर्याप्त जानकारी का होना जरूरी है। खासतौर पर जो लोग ऐसे क्षेत्र में रह रहे हैं, जहां पर मंकीपॉक्स का प्रकोप ज्यादा है, उन्हें इस बात का ध्यान रखना जरूरी है।

TRENDING NOW

  • सबसे पहला बचाव यह है कि अगर आपको मंकीपॉक्स के लक्षण या फिर कोई भी ऐसी स्वास्थ्य समस्या महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए। कई बार ऐसे लक्षणों को इग्नोर कर दिया जाता है।
  • मंकीपॉक्स से जुड़ी जानकारी अपने परिवार को दें और उन सभी जरूरी बातों के बारे में बताएं जिनकी मदद से मंकीपॉक्स को फैलने से रोका जा सकता है।
  • अपनी व अपने परिवार के सभी सदस्यों की डाइट को सुधारें, जिसमें सभी के खाने में रोजाना फल और सब्जियां शामिल होनी चाहिए। साथ ही बाहर से आए हुए फलों व सब्जियों घर पर लाकर अच्छे से धो लें
  • परिवार के बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को किसी भी संक्रमित व्यक्ति या जानवर के संपर्क में न आने दें और जितना हो सके खुद भी कम से कम संपर्क में आएं। साथ ही जब संपर्क में आना जरूरी हो तो जरूरी विशेष सावधानी रखें।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

मंकीपॉक्स से बचाव कैसे करें

मंकीपॉक्स से बचाव करने के लिए संक्रमित व्यक्ति व जानवर से दूर रहें, हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। इस बीमारी के प्रकोप वाले क्षेत्रों में ट्रैवल न करें।

मंकीपॉक्स कैसे फैलता है

मंकीपॉक्स एक जूनोटिक बीमारी है और इसलिए यह किसी संक्रमित जानवर के संपर्क में आने से और साथ ही संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी फैल सकता है।

मंकीपॉक्स के लक्षण क्या हैं

यह एक प्रकार का वायरल संक्रमण है, जिससे शुरुआती लक्षणों में बुखार, बदन दर्द, कमजोरी और सिरदर्द होना लगता है। इसके बाद हाथ, पैर व जननांगों पर दाने निकलने लगते हैं।

मंकीपॉक्स क्या है

यह एक प्रकार का वायरल संक्रमण है, जो जानवरों से मनुष्यों में भी फैल सकता है।