
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : April 25, 2026 2:43 PM IST
Image credits by: who malaria medicine
दुनियाभर में मलेरिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। इसलिए लोगों में मलेरिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस (World Malaria Day) मनाया जाता है। इस मौके पर 24 अप्रैल 2026 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नवजात शिशुओं के लिए मलेरिया की पहली दवा को मंजूरी देकर, बीमारी के खिलाफ लड़ाई में जंग जीत ली है।
आपको बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)ने नवजात शिशुओं के लिए तैयार की गई दवा आर्टीमेथर-ल्यूमेफैन्ट्रिन (artemether-lumefantrine) को मंजूरी दी है। इसे, मेडिसिन कंपनी Novartis ने Medicines for Malaria Venture के साथ मिलकर विकसित किया है।
दरअसल, अब तक मलेरिया से पीड़ित नवजात शिशुओं का इलाज बड़े बच्चों के लिए बनी दवाइयों से ही किया जाता था। इससे नवजात शिशुओं में विषाक्तता और दुष्प्रभावों का खतरा बढ़ जाता था। इस दवा की मदद से अफ्रीका के मलेरिया-ग्रस्त क्षेत्रों में हर साल पैदा होने वाले लगभग 3 करोड़ शिशुओं का इलाज संभव हो पाएगा।
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अब तक नवजात शिशुओं के लिए मलेरिया की कोई दवा उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में डॉक्टरों को बड़े बच्चों की दवा देकर ही, नवजात शिशुओं का इलाज करना पड़ता था। इससे नवजात शिशुओं की सेहत पर जोखिम बढ़ता था। इस दवा की मदद से नवजात शिशुओं के इलाज में आसानी होगी। यह दवा मलेरिया परजीवी को खत्म करने का काम करेगी। नवजात शिशुओं का इलाज 2 दवाओं के कॉम्बिनेशन पर आधारित होगा। नवजात शिशु पर इस दवा का असर बेहद सुरक्षित और प्रभावी है।
मलेरिया का समय पर इलाज कराना बहुत जरूरी है। वरना, स्थिति गंभीर और जानलेवा भी हो सकती है। इन लक्षणों की अनदेखी बिल्कुल न करें।
कुछ गंभीर मामलों में सांस लेने में तकलीप हो सकती है। मलेरिया पीलिया और बेहोशी का कारण भी बन सकता है।
भले ही दुनियाभर में मलेरिया के मामलों में गिरावट देखने को मिली हो। लेकिन, कुछ देशों में अभी भी मलेरिया के हर साल लाखों केस सामने आते हैं और कई लोग अपनी जान गंवाते हैं। इसलिए मलेरिया का समय पर जांच और इलाज बहुत जरूरी है।
मानसून में मच्छर होने के कारण इस मौसम में मलेरिया होना आम बात है, लेकिन इसे हल्के में न लें और खुद को डॉक्टर को दिखाएं।
मलेरिया रोग में लिवर और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। कुछ मामलों में स्थिति जानलेवा हो सकती है।
मलेरिया मच्छरों से फैलने वाला एक प्रकार का परजीवी संक्रमण है, जिसका समय पर अगर इलाज शुरु न किया जाए तो स्थिति जानलेवा हो सकती है।
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