विटिलिगो किसकी कमी से होता है? डॉक्टर से जानें सफेद धब्बों को कम करने के टिप्स

Vitiligo in Hindi: विटिलिगो यानी सफेद दाग की समस्या कई लोगों में देखने को मिलती है। लेकिन यह होता क्यों है? आइए, जानते हैं इसके बारे में-

WrittenBy

Written By: Anju Rawat | Updated : June 25, 2025 9:42 AM IST

Vitiligo: त्वचा पर सफेद धब्बे यानी विटिलिगो (Vitiligo) एक आम समस्या है। इसमें त्वचा के कुछ हिस्सों का रंग हल्का हो जाता है। यानी पूरी तरह से सफेद हो जाता है। जब त्वचा में मेलानिन बनाने वाली कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं, तो यह स्थिति उत्पन्न होती है। आपको बता दें कि मेलानिन त्वचा को रंग देता है। जब मेलानिन कम हो जाता है, तो त्वचा सफेद नजर आने लगती है। वैश्विक आबादी के एक फीसदी लोग विटिलिगो से जूझ रहे हैं। विटिलिगो वाले लोगों को मानसिक तनाव से जूझना पड़ता है। यही वजह है कि विटिलिगो या सफेद दाग के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हर साल 25 जून को विश्व विटिलिगो दिवस (World Vitiligo Day) मनाया जाता है। आइए, इसी मौके पर एलांटिस हेल्थकेयर, नई दिल्ली की एमबीबीएस, एमडी, त्वचा रोग विशेषज्ञ व सौंदर्य विशेषज्ञ डॉ. चांदनी जैन गुप्ता से जानते हैं विटिलिगो किसकी कमी से होता है? और सफेद दाग को कम करने के उपायों के बारे में-

विटिलिगो किसकी कमी से होता है?

डॉ. चांदनी बताती हैं कि विटिलिगो यानी सफेद दाग की समस्या, शरीर में विटामिन बी12, फोलिक एसिड और आयरन की कमी से हो सकती है। इस पोषक तत्वों की कमी से विटिलिगो की शुरुआत हो सकती है। लेकिन, इसके अलावा भी कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इसमें शामिल हैं-

  • ऑटोइम्यून डिसऑर्डर (Autoimmune Disorder): इस स्थिति में शरीर का इम्यून सिस्टम खुद की मेलानोसाइट्स को हमला कर नष्ट कर देती है। इससे त्वचा पर सफेद दाग नजर आ सकते हैं।
  • ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस: यह स्थिति भी विटिलिगो का कारण बन सकती है। इसमें शरीर में फ्री रेडिकल्स की मात्रा बढ़ जाती है। इससे मेलानिन कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।
  • जेनेटिक: यह रोग आनुवंशिक भी हो सकता है। यानी परिवार में किसी को पहले से विटिलिगो है, तो आपको भी हो सकता है।

सफेद दाग की समस्या कम करने के लिए टिप्स

  • सूरज की हानिकारक किरणें विटिलिगो की समस्या को बढ़ा सकते हैं। इसलिए धूप में जाने से पहले सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूर करें।
  • बैलेंस डाइट लेना भी बहुत जरूरी होता है। अपनी डाइट में फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स और साबुत अनाज जरूर शामिल करें।
  • डाइट में विटामिन B12, फोलिक एसिड, विटामिन D और आयरन से भरपूर फूड्स को भी शामिल करें।
  • तनाव और चिंता विटिलिगो को ट्रिगर कर सकता है। इससे बचने के लिए योग और मेडिटेशन जरूर करें।

विटिलिगो एक मेडिकल स्थिति है। यह कोई संक्रामक रोग नहीं है। इसे सही जानकारी, डॉक्टर की सलाह और जीवनशैली में सुधार करके नियंत्रित किया जा सकता है।

Disclaimer प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।