
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Updated : February 6, 2026 11:08 AM IST
Which vaccines should women get during pregnancy: गर्भावस्था (Pregnancy) एक महिला के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समय होता है। इस दौरान महिला न केवल अपने स्वास्थ्य की जिम्मेदार होती है, बल्कि अपने गर्भ में पल रहे शिशु के विकास और सुरक्षा की भी जिम्मेदारी निभाती है। ऐसे में सही खानपान, नियमित जांच और समय पर टीकाकरण (Vaccination) बेहद जरूरी हो जाता है।
बहुत-सी महिलाएं यह नहीं जानतीं कि गर्भावस्था में कुछ खास वैक्सीन लगवाना कितना जरूरी होता है। ये टीके मां और बच्चे दोनों को गंभीर बीमारियों से बचाते हैं। इसी वजह से डॉक्टर प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ जरूरी टीके लगवाने की सलाह देते हैं।
गर्भावस्था के दौरान महिला की इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) सामान्य से कमजोर हो जाती है। ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यदि मां बीमार होती है, तो उसका सीधा असर बच्चे पर भी पड़ता है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं वैक्सीन लगवाएं तो इससे विभिन्न फायदे होते हैं।
डॉक्टर कहते हैं कि प्रेग्नेंसी में महिलाओं को ऊपर बताई गई परेशानी न हो, इसके लिए वैक्सीनेशन बहुत ज्यादा जरूरी है।
जब गर्भवती महिला को कोई वैक्सीन लगाई जाती है, तो उसका शरीर उस बीमारी के खिलाफ एंटीबॉडी बनाता है। ये एंटीबॉडी प्लेसेंटा (Placenta) के जरिए बच्चे तक पहुंच जाती हैं। इससे बच्चे को जन्म के बाद भी कुछ महीनों तक सुरक्षा मिलती है। डॉक्टर का कहना है कि जब तक बच्चे को खुद वैक्सीन नहीं लगती, तब तक वह सुरक्षित रहता है। इसे मेडिकल भाषा में “पैसिव इम्युनिटी” कहा जाता है।
1. टीटी / टीडीएपी वैक्सीन (Tetanus, Diphtheria, Pertussis)- टीडीएपी वैक्सीन तीन गंभीर बीमारियों टिटनेस (Tetanus), डिप्थीरिया (Diphtheria) और काली खांसी (Pertussis) से बचाव के लिए जरूरी है। इनमें से काली खांसी नवजात शिशु के लिए बेहद खतरनाक होती है।
कब लगवानी चाहिए?
2. टिटनेस टॉक्सॉइड (TT Injection)- भारत में कई जगह आज भी टिटनेस इंजेक्शन दिया जाता है। जिन महिलाओं ने पहली बार गर्भधारण किया होता है, उन्हें इस वैक्सीन की 2 डोज दी जाती है। पहली डोज शुरुआती महीनों में दी जाती है। वहीं, प्रेग्नेंसी के 4 सप्ताह के बाद टिटनेस टॉक्सॉइड का दूसरा डोज दिया जाता है। इस वैक्सीन से मां और बच्चे दोनों को संक्रमण से सुरक्षा मिलती है।
कब लगता है?
3. फ्लू वैक्सीन (Influenza Vaccine)- फ्लू यानी वायरल बुखार गर्भवती महिला के लिए गंभीर हो सकता है। प्रेग्नेंसी के दौरान फ्लू वैक्सीन लगवाने से मां को होने वाले तेज बुखार से बचाव होता है। ये वैक्सीन फेफड़ों की सुरक्षा और प्रीमैच्योर डिलीवरी के खतरे को कम करती है।
कब लगवानी चाहिए?
4. कोविड-19 वैक्सीन- कोरोना वायरस गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए कोरोना काल के बाद ये वैक्सीन प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए ये वैक्सीन बहुत जरूरी हो गई है। ये वैक्सीन बच्चे तक एंटीबॉडी पहुंचाती है, जिससे संक्रमण से बचाव होता है।
कब लगवानी चाहिए?
डॉक्टर की सलाह से
5. हेपेटाइटिस बी वैक्सीन- हेपेटाइटिस बी एक गंभीर लीवर संक्रमण है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं हेपेटाइटिस बी वैक्सीन लगवाएं तो इससे मां और गर्भ में पलने वाले बच्चे में संक्रमण को रोका जा सकता है।
कब लगवानी चाहिए?
| S. NO | प्रेग्नेंसी की तिमाही | वैक्सीन का नाम |
| 1. | पहला ट्राइमेस्टर | फ्लू, हेपेटाइटिस बी |
| 2. | दूसरा ट्राइमेस्टर | कोविड, फ्लू |
| 3. | तीसरा ट्राइमेस्टर | टीडीएपी, टिटनेस |
अगर आप प्रेग्नेंट हैं तो डॉक्टर की सलाह पर अपना वैक्सीनेशन जरूर करवाएं। ऊपर बताई गई वैक्सीन के अलावा कुछ मामलों में प्रेग्नेंट महिलाओं को अतिरिक्त वैक्सीन की जरूरत भी पड़ सकती है, इसलिए घबराए बिल्कुल भी नहीं। प्रेग्नेंसी के दौरान वैक्सीनेशन के बारे में कोई भी सवाल आपके दिमाग में आता है, तो इस विषय पर डॉक्टर से बात जरूर करें।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।