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40 के बाद हृदय स्वास्थ्य की जांच कराना बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस उम्र में हृदय रोगों का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में नियमित जांच कराने से हृदय स्वास्थ्य की स्थिति का पता लगाया जा सकता है और समय पर उपचार किया जा सकता है। आमतौर पर हृदय संबंधी समस्याएं बड़ी उम्र में होती हैं, ऐसी अवस्था में वह काम नहीं कर सकते हैं। जब धीरे धीरे समय बीतता है, तो उसके साथ-साथ शरीर के अंग भी कमजोर होना शुरू हो जाते हैं। इसी कारण हार्ट अटैक के चांस इस अवस्था में ज्यादा बढ़ जाते हैं। आज इस आर्टिकल में हम हार्ट हेल्थ के बारे में विस्तार से बात करेंगे।
1. ब्लड प्रेशर जांच
2. कोलेस्ट्रॉल जांच
3. ब्लड शुगर जांच
4. ईसीजी (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम)
5. इकोकार्डियोग्राम (हृदय की अल्ट्रासाउंड जांच)
6. स्ट्रेस टेस्ट (हृदय की कार्यक्षमता की जांच)
7. कार्डियक एमआरआई (हृदय की एमआरआई जांच)
इन जांचों के माध्यम से हृदय स्वास्थ्य की स्थिति का पता लगाया जा सकता है और हृदय रोगों का खतरा कम किया जा सकता है।
1. छाती में दर्द या असुविधा
2. सांस लेने में कठिनाई
3. थकान या कमजोरी
4. सीने में भारीपन या दबाव
5. बाएं हाथ या बाजू में दर्द
6. पीठ या जबड़े में दर्द
7. चक्कर आना या बेहोशी
8. तेज या अनियमित दिल की धड़कन
9. सीने में तेज दर्द जो कुछ मिनटों तक रहता है
इसके अलावा, हृदय रोग के कुछ अन्य लक्षण भी हो सकते हैं, जिनमें यह भी शामिल हो सकते हैं
1. पैरों या घुटनों में सूजन
2. थकान या कमजोरी
3. सीने में दर्द या असुविधा जो व्यायाम के दौरान बढ़ता है
4. सांस लेने में कठिनाई जो व्यायाम के दौरान बढ़ता है
यदि आप हृदय रोग के खतरे में हैं, तो अपने डॉक्टर से परामर्श करें और नियमित जांच कराएं।
1. नियमित व्यायाम करें ताकि हृदय स्वास्थ्य में सुधार हो और हृदय रोगों का खतरा कम हो सके।
2. पोषक आहार लें जिसमें ताजे फल, सब्जियां और लीन प्रोटीन का सेवन करें।
3. धूम्रपान ना करें धूम्रपान करने से हृदय रोगों का खतरा बढ़ता है।
4.शराब का सेवन सीमित करें क्योंकि शराब का सेवन ज्यादा करने से हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
5.तनाव कम करें इसके लिए योग ध्यान या अन्य तरीकों का प्रयोग करें।
6.नियमित जांच कराएं इससे हृदय स्वास्थ्य स्थिति का पता लगाया जा सके।
7.वजन नियंत्रित रखने से हृदय रोग होने का खतरा कम होता है
8 उच्च रक्तचाप और मधुमेह को नियंत्रित रखे
इस सुक्षावों का पालन कर के आप हृदय रोगों के खतरों को कम कर सकते हैं।
अगर किसी व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ता है तो तुरंत आपातकालीन नंबर पर कॉल करनी चाहिए। इसके अलावा आपके निकट जो भी अस्पताल है वहां जाकर डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति की पहले से कोई दवा आदि चल रही है तो उन डॉक्टर को भी साथ साथ सूचित कर देना चाहिए।