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What tests to get when you turn 40 : 30 की उम्र पार करने के बाद महिलाओं और पुरुषों में कुछ बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए डॉक्टर्स सुझाव देते हैं कि जैसे ही आप तीस की उम्र का पड़ाव पार करें, वैसे ही अपनी हेल्थ को बनाए रखने के लिए कुछ टेस्ट करवाते रहना चाहिए। यहां हम 40 से 65 साल की उम्र की महिलाओं के लिए जरूरी तीन ऐसे टेस्ट के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बहुत जरूरी होते हैं। दरअसल, इस उम्र की महिलाओं को कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का खतरा होता है, खासकर हार्मोन से जुड़ी बीमारियों का, जो न सिर्फ़ उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर डालती हैं, बल्कि उनके दिल की सेहत पर भी असर डालती हैं। इसके अलावा, पेरिमेनोपॉज़ और मेनोपॉज़ से जुड़ी भी कई दिक्कतें हो सकती हैं।
डॉक्टर्स की मानें, तो पेरिमेनोपॉज़ और मेनोपॉज़ महिलाओं के जीवन के ऐसे बड़े बदलाव के पॉइंट हैं, जिनके लिए महिलाओं को तैयार रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे एस्ट्रोजन का लेवल कम होता है, इसका पूरे शरीर पर असर होता है, जो अक्सर टेस्ट में ही पता चलता है। यहां हम आपको महिलाओं के लिए जरूरी 3 टेस्ट के बारे में बता रहे हैं।
पहला टेस्ट जो डॉ. सुझाते हैं, उसे एपोलिपोप्रोटीन B या ApoB कहते हैं। हालांकि, बहुत से लोग LDLC को तो जानते हैं, लेकिन ApoB को भी जानना जरूरी है। यह एथेरोजेनिक पार्टिकल्स का और भी सटीक इंडिकेटर है। यह कोलेस्ट्रॉल पार्टिकल्स की संख्या को मापता है, जो हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाते हैं। यह अक्सर एस्ट्रोजन कम होने पर बढ़ता है। ऐसे में हार्ट से जुड़ी परेशानियों से बचने क लिए इस टेस्ट को करवाना जरूरी होता है।
दूसरा टेस्ट है हीमोग्लोबिन A1c, इससे ब्लड की रिपोर्ट देखने को मिलती है और पता चलता है कि ब्लड शुगर कितनी अच्छी तरह से मैनेजहो रहा है। A1c ब्लड ग्लूकोज़ का 90-दिन का एवरेज है और यह शुरुआती इंसुलिन रेजिस्टेंस या डायबिटीज़ का पता लगा सकता है। दरअसल, पेरिमेनोपॉज़ और मेनोपॉज़ अक्सर मेटाबॉलिक बदलाव लाते हैं। इन सभी बदलावों को जानना बहुत जरूरी होता है, अन्यथा डायबिटीज और बाकी समस्याएं हो सकती हैं।
तीसरा टेस्ट जो 40 पार कर चुकी महिलाओं के लिए जरूरी है, वह है थायराइड फंक्शन या TSH। दरअसल, मिडलाइफ़ में थायराइड की बीमारी आम है और इसके लक्षणों में हॉट फ्लैशेज़, धड़कन, एंग्जायटी और थकान जैसे हो सकते हैं। हालांकि, ये लक्षण सामान्य भी लग सकते हैं। ऐसे में असल समस्या का पता लगाने के लिए TSH टेस्ट ज़रूरी है।
इसके अलावा, अगर आप नॉर्मल लाइफ चाहती हैं, तो कुछ रूटीन टेस्ट होते हैं, जो समय-समय पर करवाते रहना चाहिए। दरअसल, 30 पार होने के बाद शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी होने लगती है, जो आपके लिए किसी बड़ी समस्या का कारण बन सकते हैं। ऐसे में अपनी लाइफस्टाइल अच्छी बनाए रखने के साथ-साथ हेल्दी डाइट लें और समय-समय पर कुछ रूटीन चेकअप करवाते रहें।