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Which Test is Recommended for Chest Pain: हृदय हमारे शरीर का एक अहम अंग है। यह शरीर के लिए कई जरूरी कार्य करता है। हृदय, शरीर के विभिन्न हिस्सों में रक्त को पंप करने का काम करता है। यह ऑक्सीजन और पोषक तत्वों से भरपूर रक्त को शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुंचाता है। साथ ही, कार्बन डाइऑक्साइड और अपशिष्ट पदार्थों को वापस ले जाता है। जब हृदय स्वस्थ रहता है, तो ये सभी कार्य बिना रुकावट के करता है। लेकिन, जब हृदय में थोड़ी-सी गड़बड़ी होती है, तो संपूर्ण स्वास्थ्य प्रभावित हो जाता है। हृदय से जुड़ी समस्याएं होने पर सबसे पहले सीने में दर्द जैसा महसूस होता है। इसके साथ ही, सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है। कई लोग सीने के दर्द को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह हृदय रोगों का संकेत हो सकता है। इसलिए अगर आपको भी सीने में दर्द हो, तो इसके कारण का पता लगाने के लिए कुछ टेस्ट (जांच) जरूर करवाने चाहिए। आइए, फैमिली फिजिशियन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और जनरल फिजिशियन डॉ. रमन कुमार से जानते हैं कि सीने में दर्द होने पर कौन-से टेस्ट करवाने चाहिए (Seene me Dard Hone Par Kon se Test Karvane Chahiye)?
अगर आपको अक्सर ही सीने में दर्दरहता है, तो एक बार इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (Electrocardiogram) जरूर करवाएं। सीने में दर्द होने पर ईसीजी जरूर करवाना चाहिए। ईसीजी से हार्ट अटैक और हृदय से संबंधित समस्याओं के जोखिम का पता लगाने में मदद मिलती है। इस टेस्ट को करवाने से दिल की विद्युत गतिविधि को मापा जाता है। सीने में दर्द होने पर डॉक्टर भी ईसीजी करवाने की सलाह दे सकते हैं।
अगर आपको लंबे समय से सीने में दर्द बना हुआ है, तो इस स्थिति में डॉक्टर सीके एमबी टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं। खासकर, जिन लोगों को पहले हार्ट अटैक आ चुका होता है, उन्हें सीने में दर्द होने पर इस टेस्ट को जरूर करवाना चाहिए। यह एक ब्लड टेस्ट है। इसमें क्रिएटिन किनेज एमबी (CK-MB) नामक एंजाइम को मापा जाता है। यह एंजाइम हृदय की मांसपेशियों में होता है। अगर सीके-एमबी का स्तर ज्यादा होता है, जो हार्ट अटैक का जोखिम अधिक रहता है। सीके-एमबी का ज्यादा स्तर हृदय रोगों का संकेत भी दे सकता है। इसका स्तर बढ़ने से हृदय की मांसपेशियों को गंभीर नुकसान पहुंचता है।
सीने में दर्द की समस्या होने पर आप आपको इको टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। यह एक अल्ट्रासाउंड टेस्ट है, जिसमें हृदय की तस्वीरें लेने के लिए ध्वनि तरंगों का इस्तेमाल किया जाता है। यह टेस्ट दर्दरहित होता है। इको टेस्ट कई प्रकार के होते हैं- इसमें ट्रांसथोरेसिक इकोकार्डियोग्राफी, स्ट्रेस इकोकार्डियोग्रोफी और 3डी इकोकार्डियोग्राफी शामिल हैं। अगर किसी व्यक्ति को सीने में दर्द या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिख रहे हैं, तो डॉक्टर उसे इको करवाने की सलाह दे सकते हैं।
सीने में दर्द होने पर टीएमटी टेस्ट भी करवाया जा सकता है। इसे ट्रेडमिल टेस्ट (Treadmill Test) भी कहा जाता है। टीएमटी टेस्ट इसलिए करवाया जाता है, ताकि शारीरिक गतिविधि के दौरान हृदय की गति का पता लगाया जा सके। जब डॉक्टर को कोरोनरी धमनी रोग की आशंका होती है, तो टीएमटी टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, कुछ अन्य हृदय संबंधी समस्याओं का पता लगाने के लिए भी टीएमटी करवाया जा सकता है। इस टेस्ट को करवाने से हृदय के कार्य करने की क्षमता का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
सीने में दर्द होने पर कार्डियक सीटी स्कैन(Cardiac CT Scan) करवाने की सलाह दी जा सकती है। इस टेस्ट में हृदय और छाती के चारों तरफ की तस्वीरें ली जाती हैं। इस टेस्ट की मदद से सीने में दर्द के असल कारण का पता लगाया जाता है। इस टेस्ट से पता चलता है कि व्यक्ति को हृदय रोग किस कारण से हो रहा है। इस टेस्ट को करवाने के लिए व्यक्ति को मशीन के अंदर टेबल पर लिटाया जाता है। फिर एक्स-रे ट्यूब हृदय के आस-पास की तस्वीरों को लेता है। डॉक्टर इन्हीं तस्वीरों की मदद से बीमारी का पता लगाते हैं।

अगर व्यक्ति को सीने में दर्द के साथ ही, सांस लेने में भी तकलीफ हो तो इस स्थिति में छाती का एक्स-रेकरवाया जा सकता है। इसमें छाती में दर्द के असल कारण का पता लगाया जाता है। आपको बता दें कि छाती के एक्स-रे को कम रेडिएशन के साथ किया जाता है, ताकि व्यक्ति को कोई रेडिएशन के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके।
सीने में दर्द होने पर हॉल्टर मॉनिटरिंग टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं। इस टेस्ट को करवाने से हृदय के चलने की गति का पता लगाया जाता है। दरअसल, इस टेस्ट को करवाने की सलाह तब दी जाती है, जब ईसीजी के बाद भी कोई कारण समझ नहीं आ पाता है। हॉल्टर मॉनिटरिंग टेस्ट को पोर्टेबल ईसीजी डिवाइस की मदद से किया जाता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।